बातें तो बहूत सी बोलनी है,
बस मैं अब बोलता नहीं।
राज तो बहुत है खुद के,
बस अब मैं खुद से भी खोलता नहीं।
शायद लब्जो की कमी है,
और कमियों को मैं दूसरों के सामने खोलता नहीं।
बातें तो बहुत सी बोलनी है,
बस मैं अब बोलता नहीं।।
Dil na umeed nahi,
Nakaam hi toh hai.
Dil na umeed nahi,
Nakam hi toh hai.
Lambi hai gum ki sham,
Toh kya sham hi toh hai.
.
.
Ye shaam bhi guzar hi jaega.❤️🩹