"पूरा देश जानता है मैं नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ता हूं"
"पूरा देश जानता है मैं नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ता हूं। मेरे खिलाफ 24 केस हैं। 55 घंटे, 5 दिन ED ने मुझसे सवाल पूछे। 2 बजे रात तक मेरी लोकसभा की सदस्यता रद्द कर दी, मेरा घर छीन लिया। अगर KCR नरेंद्र मोदी के साथ नहीं खड़े हैं तो उन पर केस क्यों नहीं लगे? उनका घर क्यों नहीं लिया? उनकी सदस्यता क्यों नहीं ली?... भारत में मेरे करोड़ो घर हैं, हर गरीब के दिल में मेरा घर है..." -कांग्रेस नेता राहुल गांधी
#RahulGandhi #Congress #TelanganaElections2023 #BJP
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने पहले तो पिछड़े और दलितों का हक लूट लिया गया, लंबे संघर्ष के बाद मुख्यमंत्री ने गलती मानी और 2022 के विधान सभा चुनाव से पहले 6800 दलित-पिछड़ों की नियुक्ति की लिस्ट भी जारी कर दी गयी लेकिन लगभग 2 साल होने को हैं इनकी नियुक्ति आज तक नहीं हुई!
आज जब ये अधिकार माँगने भाजपा कार्यालय पहुँचे तो पुलिस ने बर्बरतापूर्वक इन्हें वहाँ से हटा दिया यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो लखनऊ में बड़ा आंदोलन होगा।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला
'यूपी पुलिस हेल्पलाइन' पर जब आप कॉल करते हैं तो ये लड़कियां आपकी मदद करती हैं.
इन्हें कई साल से सिर्फ '12 हजार रुपए' मिलते हैं. इनकी मांग है इसे '18 हजार' किया जाए.
कल रात भर ठंड में ये लड़कियां प्रदर्शन करती रहीं, आज CM योगी से मिलने निकल गईं.
रास्ते में इनके साथ ये हुआ 👇
#Lucknow
BJP कार्यालय पर 69 हज़ार शिक्षक अभियार्थियों का प्रदर्शन
6800 पिछड़े दलित अभियाथियों का नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर प्रदर्शन, लम्बे समय से नियुक्ति पत्र की मांग कर रहे हैं, पुलिस ने अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर भेजा गया ईको गार्डन।
#शिक्षक_नियुक्ति_पत्र@UPGovt
"संसद से विपक्षी दलों की आवाज को बाहर करना गंभीर मामला है"
◆ राघव चड्ढा के संसद से अनिश्चितकालीन निलंबन पर सुप्रीम कोर्ट का बयान
#RaghavChadha | Raghav Chadha
महान स्वतंत्रता सेनानी और देश के प्रथम गृह मंत्री, सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को उनकी जयंती पर कोटि कोटि नमन।
भारत को जोड़ने, पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने की प्रेरणा सरदार पटेल से ही मिलती है।
सुना है सत्ताधारी अब विपक्षियों के फ़ोन की जासूसी करवा रहे हैं। विपक्ष की बात सुनने से ज़्यादा अच्छा तो ये है कि सत्ताधारी ‘जनता की आवाज़’ सुन लें तो कम-से-कम उन्हें सुधार का कुछ मौका मिल जाए और फिर महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी, ध्वस्त क़ानून व स्वास्थ्य व्यवस्था, महिला अपराध, युवाओं के रोष; ग़रीबों, दलितों, वंचितों, किसानों, मजदूरों के शोषण; जातीय जनगणना व सामाजिक न्याय जैसे ज्वलंत मुद्दों पर कुछ सकारात्मक काम हो सके।
पता नहीं क्यों, पर सुना ये भी है कि उनके अपने दलवाले इस जासूसी से ज़्यादा डरे हैं।
सत्ताधारी काम करें, कान न लगाएं!