कभी जिसने यात्राओं पर सवाल उठाए थे, आज वो देख रहे हैं रिश्तों की ताक़त कैसे संकट में साथ खड़ी होती है।"
मोदी घूमते नहीं थे, वो भारत के लिए विश्वास जोड़ रहे थे और आज वही विश्वास काम आ रहा है!
नेता नहीं, राजदूत बनकर निकले थे… आज 84 देश बोल रहे हैं भारत अकेला नहीं है!"
"हर कदम पर सोच थी भारत की, हर यात्रा में छिपा था भविष्य का भरोसा। अब दुनिया कह रही है हम आपके साथ हैं!
#IndiaPakistanWar
#IndianNavyAction
नमस्कार मित्रों 🙏
आज शाम 7:00 बजे फायर ब्रिगेड एक्ट लागू करवाने के लिए एक ट्रेंड रखा है
राजस्थान के फायर ब्रिगेड भाइयों के लिए
इस #Tag पर👇🏻
#राजस्थान_में_फायर_एक्ट_लागू_हो
देश के 24 राज्यो मे फायर एक्ट लागू है और राजस्थान मे 2006 से बनकर तैयार हो लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया है।
आओ मिलकर 🔥 फायर ब्रिगेड के भाइयों न्याय दिलवाए ।
@BhajanlalBjp@RajCMO
फायर ब्रिगेड एक्ट लागू करवाने के लिए एक ट्रेंड रखा है
राजस्थान के फायर ब्रिगेड भाइयों के लिए
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देश के 24 राज्यो मे फायर एक्ट लागू है और राजस्थान मे 2006 से बनकर तैयार हो लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया है।
आओ मिलकर 🔥 फायर ब्रिगेड के भाइयों न्याय दिलवाए ।
@BhajanlalBjp@RajCMO
राजस्थान में कई हजार फैक्ट्रियां और कारखाने हैं, जिनके पास अब तक फायर एनओसी नहीं है. अकेले राजधानी और उसके आसपास करीब 5000 फैक्ट्रियां हैं, जिनमें 10 प्रतिशत के पास ही फायर एनओसी है. आपको जानकर हैरानी होगी कि राजस्थान ऐसा स्टेट है जहां फायर एक्ट लागू नहीं और ना ही कोई अलग निदेशालय है. जबकि पड़ोसी राज्य दिल्ली, गुजरात, मध्य प्रदेश और हरियाणा में फायर एक्ट बना हुआ है. यही वजह है कि अब आगजनी की घटनाओं पर नकेल करने और फायरफाइटर्स के लिए मानक निर्धारित करने की मांग उठ रही है. हाल ही में हेरिटेज नगर निगम के सीएफओ देवेंद्र मीणा ने फायरफाइटर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रदेश में फायर एक्ट और सर्विस रूल्स बनाने के संबंध में अपनी बात रखी.
उधर, ग्रेटर नगर निगम की फायर समिति के अध्यक्ष पारस जैन ने फायर एक्ट लागू करने पर गंभीरता दिखाई है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के सामने काफी मांगे रखी थी, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था. सरकार की काम करने की बिल्कुल मंशा नहीं थी, लेकिन अब फायर एक्ट को लेकर मंथन किया जा रहा है. ये एक्ट न सिर्फ कार्मिकों के लिए उपयोगी साबित होगा, बल्कि आमजन और व्यापारियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा.
फायर सेफ्टी एक्ट लागू होने के बाद फायर एनओसी मैंडेटरी होगी और जिस तरह से आए दिन आगजनी की घटनाएं होती हैं, उस पर अंकुश लगेगा. उन्होंने कहा कि जैसे ही आचार संहिता पूरी होगी, इस पर काम शुरू करेंगे और सरकार से योजना बनाकर फायर एक्ट को लागू कराने का भरपूर प्रयास करेंगे. उन्होंने बताया कि फायर एनओसी लेने की व्यवस्था में काफी हद तक सुधार किया गया है. अब फायर एनओसी मैन्युअल नहीं, बल्कि ऑनलाइन दी जा रही है. इसमें फाइल को आसानी से ट्रैक भी किया जा सकता है और पूरी पारदर्शिता के साथ फायर एनओसी देने का काम किया जा रहा है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल फायर एनओसी उच्च प्रतिष्ठान, फैक्ट्री, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, हॉस्पिटल, सरकारी इमारतों के लिए मैंडेटरी है. फायर एक्ट बनने के बाद एक शॉप को भीबफायर एनओसी लेनी पड़ेगी. हालांकि, इसमें उन्हें कोई दुविधा नहीं आने दी जाएगी. नियमों में और सलीकरण किया जाएगा.
आपको बता दें कि यदि शॉर्ट सर्किट वाले स्थान के आसपास फायर सेफ्टी बॉल या एक्सटिंग्विशर लगे होंगे तो आग पर समय रहते काबू पा लिया जाएगा, जिससे कोई बड़ी हानि नहीं होगी. फायर एक्ट में इस तरह के सभी प्रावधान शामिल होंगे.
@RajCMO@BhajanlalBjp
#राजस्थान_में_फायर_एक्ट_लागू_हो
राजस्थान_में_फायर_एक्ट_लागू_हो
@1stIndiaNews@RajCMO@BhajanlalBjp
देश मे बङे अग्निकांड हुए राजस्थान राज्य मे ना हो इसलिए राजस्थान राज्य फायर सर्विस डिपार्टमेंट की मांग फायर एक्ट लागू हो 2006 से बना हुआ कानून लागू नही हो रहा जबकि देश के लगभग हिस्सो मे लागू हे
देश के 24 राज्यो मे फायर एक्ट लागू है , राजस्थान मे 2006 से बनकर तैयार हे परन्तु अभी तक लागू नहीं किया गया है।
ऐसा क्यों ? मुख्यमंत्री जी संज्ञान लेवे!
#राजस्थान_में_फायर_एक्ट_लागू_हो