पुरुषों के पास मायका नहीं होता, ना कोई ऐसा आँगन, जहाँ वे निःसंकोच लौट सकें, जहाँ कोई माथा चूमकर कहे, थक गए हो ना, थोड़ा आराम कर लो, वे चलते रहते हैं, निरंतर, एक पुत्र, एक पति, एक पिता बनकर, अपने कंधों पर जिम्मेदारियों का बोझ लिए, पर कभी खुद के लिए ठहर नहीं पाते।
माँ बाप ये खबर पढ़े , सबने रीट्वीट करनी है request है 🙏
वैसे तो बेहद भरोसेमंद माना जाता है लेकिन कई बार यही भरोसा ले डूबता है और आपके पास सिवाए पछताने के कुछ नहीं होता है
मैकेंज़ी कोपले ने एक फेसबुक पोस्ट में अपना दुख व्यक्त करते हुए लिखा, "मैं कभी नहीं समझ पाऊँगी कि ऐसा क्यों हुआ!!!" उन्होंने अपनी बेटी एलिज़ा टर्नर की तस्वीरें भी साझा कीं, जो कुत्तों के साथ शांति से लिपटी हुई थी
इस के बाद जो हुआ वो हैरान करने वाला है सात महीने की बच्ची को उनके पालतू पिटबुल ने नोच कर मार डाला ये खबर सिर्फ़ इस लिए लिखी है की आप अपने बच्चों के साथ ये ना करे चाहे आपका जितना मर्जी पालतू कुत्ता हो 🙏
एक गरीब ब्राह्मण था….
यह लेखक की कल्पना थी।
हर कहानी में मिल जाएंगी।
आपने कभी किसी कहानी में ऐसा सुना,
एक गरीब कुर्मी था।
एक गरीब मल्लाह था।
एक गरीब ठाकुर था।
एक गरीब कुम्हार था।
एक गरीब दलित था।
एक गरीब मुसहर था।
ऐसी कहानियाँ नहीं मिलेंगी।
क्योंकि ये हक़ीक़त है।