एक सरकार के पक्षकार अंकल बोले—
“अटलजी की सरकार सिर्फ एक वोट से गिर गई थी, उसकी चोट आज तक नहीं भूला हूँ…”
मैंने कहा—
“अंकल जी, जब आरक्षण की व्यवस्था में सिर्फ एक नंबर कम होने से आपके बेटे की सीट किसी और को मिल जाती है, तब उसकी चोट भी तो होती होगी?”
अंकल जी बोले—
“नहीं… वो अलग मुद्दा है, उससे मेरा कोई मतलब नहीं।”
बस यहीं से समझ आता है कि
दर्द भी अक्सर अपनी सुविधा और अपने स्वार्थ के हिसाब से महसूस किया जाता है।
जिस चोट को हम अपने ऊपर महसूस करें, वह अन्याय लगती है…
और वही चोट किसी दूसरे के हिस्से में जाए तो उसे “अलग मुद्दा” कह दिया जाता है।
सवाल व्यवस्था का ही नहीं, हमारी सोच का भी है।
आरक्षण हटाओ, देश बचाओ! 🇮🇳
देश की पहचान जाति से नहीं, योग्यता और समान अवसर से होनी चाहिए।
गरीबी का आधार जाति नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति होनी चाहिए।
आइए, एक ऐसे भारत की बात करें जहाँ
हर युवा को बराबर अवसर मिले और पहचान सिर्फ उसकी मेहनत व प्रतिभा से हो।
#आरक्षण_हटाओ_देश_बचाओ
मित्रो आज से 45 -50 पहले भारत मे कोई सोयाबीन नहीं खाता था !
फिर इसकी खेती भारत मे कैसे होनी शुरू हुई ??
ये जानने से पहले आपको मनमोहन सिंह द्वारा किए गए एक समझोते के बारे मे जानना पड़ेगा !
मित्रो इस देश मे globalization के नाम पर ऐसे-ऐसे समझोते हुये कि आप चोंक जाएंगे !एक समझोते के कहानी सुने बाकि विडियो में है ! एक देश है उसका नाम है हॉलैंड वहां के सुअरों का गोबर (टट्टी) वो भी 1 करोड़ टन भारत लाया जायेगा ! और डंप किया जायेगा !
ऐसा समझोता मनमोहन सिंह ने एक बार किया था !
जब मनमोहन सिंह को पूछा गया कि यह समझोता क्यूँ किया ????
तब मनमोहन सिंह ने कहा हॉलैंड के सुअरों का गोबर (टट्टी) quality में बहुत बढ़िया है !
फिर पूछा गया कि अच्छा ये बताये की quality में कैसे बढ़िया है ???
तो मनमोहन सिंह ने कहा कि हॉलैंड के सूअर सोयाबीन खाते है इसलिए बढ़िया है !!
मित्रो जैसे भारत में हम लोग गाय को पालते है ऐसे ही हालेंड के लोग सूअर पालते
है वहां बड़े बड़े रेंच होते है सुअरों कि लिए ! लेकिन वहाँ सूअर मांस के लिए पाला जाता है !
तो फिर मनमोहन सिंह से पूछा गया की ये हालेंड जैसे देशो मे सोयाबीन जाता कहाँ से है ???
तो पता चला भारत से जाता है !! वो मध्य प्रदेश से जाता है !!!
मित्रो पूरी दुनिया के वैज्ञानिक कहते हैं अगर किसी उपजाऊ खेत में आपने 15 से 20 साल सोयाबीन उगाया तो अगले कुछ सालों तक आप वहां कुछ नहीं उगा सकते ! जमीन इतनी बंजर हो जाती है !
अब देखिए इस मनमोहन सिंह ने क्या किया !???
हॉलैंड के सुअरों को सोयाबीन खिलाने के लिए पहले मध्यप्रदेश में सोयाबीन कि खेती करवाई !
खेती कैसे करवाई ??
किसानो को बोला गया आपको सोयाबीन की फसल का दाम का ज्यादा दिया जाएगा !
तो किसान बेचारा लालच के चक्कर मे सोयाबीन उगाना शुरू कर दिया !
और कुछ डाक्टरों ने रिश्वत लेकर बोलना शुरू कर दिया की ये सेहत के लिए बहुत अच्छी है
आदि आदि, इसके प्रचार के लिए टीवी रेडियो अखबार के द्वारा मशहूर फिल्मी कलाकारों से विज्ञापन करवाए गए।
तो इस प्रकार भारत से सोयाबीन हॉलेंड जाने लगी ! ताकि उनके सूअर खाये उनकी चर्बी बढ़े और मांस का उत्पादन ज्यादा हो !
और बाद मे हॉलैंड के सूअर भारत का सोयाबीन खाकर जो गोबर (टट्टी) करेगे वो भारत में लाई जाएगी ! वो भी एक करोड़ टन सुअरों का गोबर(टट्टी ) ऐसा समझोता मनमोहन सिंह ने लिया !
और ये समझोता एक ऐसा आदमी करता है जिसको इस देश में best finance minster का आवार्ड दिया जाता है !
और लोग उसे बहुत भारी अर्थशास्त्री मानते है !! शायद मनमोहन सिंह के दिमाग में भी यही गोबर होगा !
मित्रो दरअसल सोयाबीन मे जो प्रोटीन है वो एक अलग किस्म का प्रोटीन है उस प्रोटीन को शरीर का एसक्रिटा system बाहर नहीं निकाल पाता और वो प्रोटीन अंदर इकठ्ठा होता जाता है !
जो की बाद मे आगे जाकर बहुत परेशान करता है ! प्रोटीन के और भी विकल्प हमारे पास है ! जैसे उड़द की दाल मे बहुत प्रोटीन है आप वो खा सकते है ! इसके अतिरिक्त और अन्य दालें है !!
और अंत मे एक और बात मित्रो आपके घर मे अगर दादी - नानी हो तो आप उन्हे पूछे की क्या उनकी माता जी ने उनको कभी सोयाबीन बनाकर खिलाया था ??
आपको सच सामने आ जाएगा !!
ये सारा सोयाबीन का खेल इस लिए खेला गया है !
अधिक जानकारी के लिए देखें !
https://t.co/DWg9AfrqFn
अधिक से अधिक share कर लोगो को जागरूक करें !
साभार 🙏
स्व. राजीव दीक्षित जी को शत शत नमन !
1.4 करोड़ महिलाओं को 3,000-3,000 रुपये दिए गए हैं।
ममता बनर्जी की सरकार ने 500 रुपये से शुरुआत की थी। चुनाव से ठीक पहले इसे बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया था।
हमने 3,000 रुपये दिए हैं, लेकिन इसका कोई प्रचार नहीं हुआ।
हम उन लोगों के मामलों को देखेंगे जो इसके हकदार हैं, लेकिन उन्हें पैसे नहीं मिले हैं।
हम अपनी महिलाओं को पैसे देना चाहते हैं। हमें थोड़ा समय दें।
अग्निमित्रा पॉल, मंत्री, पश्चिम बंगाल
जाने क्या मजबूरी रही होगी पढ़ने की🤣
उस से बड़ी बात कि
न जाने कितनी चापलूसी रही होगी कि किताब लिखनी पड़ी हो...!!
अच्छा खासा कंप्यूटर की खोज राजीव के बाद मोबाइल की खोज राहुल गांधी ने की का नरेटिव बुना ही जा रहा था कि
...बीच में..सोशल मीडिया आ गया..ओर
आलू से सोना बनाने की उपलब्धियां आ गई🤣🤣🤣
JPMorgan ने चेतावनी दी है कि 2027 में दुनिया को खाने-पीने की चीज़ों की सप्लाई में बड़ी कमी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि खाद की कमी से खेती की लागत बढ़ रही है।
मोदी ने पहले ही यूरिया की भारी कमी का अंदाज़ा लगा लिया था, इसलिए उन्होंने
C2
देश के सेनाध्यक्ष और रक्षा मंत्री मौसम की मजबूरी के कारण वहां से गुजरने वाले थे.......और इनको पता नहीं...आतंकवादी इन्हीं के भेष में आते है...इनकी आं की शहतूत..
मोदी जी के लोकतन्त्र ने लोकतंत्र की गाँव मार ली है....
2027 म़े 7 राज्यों में चुनाव होने हैं ..
किस राज्य में किसकी सरकार बनेगी ?
इस पर कई सर्वे और अनुमान आयेंगे..
एक अनुमान मेरा भी होगा.. और मेरा अनुमान सत्य प्रमाणित होगा.. आप इस पोस्ट का स्क्रीन शाट ले कर रख लीजियेगा..
1- गोवा - भाजपा**
2- गूजरात - भाजपा**
3- मणिपुर - भाजपा *
4- उत्तराखंड- भाजपा**
5- उत्तर प्रदेश- भाजपा**
6- पंजाब - एनडीए गठबंधन *
7- हिमाचल प्रदेश -भाजपा*
* स्पष्ट बहुमत
** प्रचंड बहुमत
और हां 2029 में इस बार भाजपा को प्रचंड बहुमत (300+) प्राप्त करेगी और NDA 400+ सीट के साथ सरकार बनायेगी.
जय हिंद
जय भारत
वंदे मातरम्
विदेशी ‘वंदे मातरम्’ सम्मान के साथ गा रहे हैं…
लेकिन कांग्रेसियों को भारत माता की वंदना भी नागवार गुजरती है।
फर्क साफ है... वहां सम्मान है, यहां सियासत।
"योगी आदित्यनाथ जी की बहन.."
जब योगी बाबा - योगी बाबा बने तब उनकी बहन उन्हें भीख मांगने वाले लोगों के बीच ढूंढ रही थी 🥺😭
चाहते तो कई हजार करोड़ की संपत्ति बनाकर ऐश कर रहे होते.. लेकिन ।
राज्य सभा का टिकट और
चापलूसी का 'मास्टरस्ट्रोक'!
राज्यसभा भेजने के लिए
एक नेता की तलाश थी।
पार्टी के पप्पू नेता के सामने भारी दुविधा थी कि किसे भेजा जाए!
तभी पप्पू के दिमाग की बत्ती जली।
सबको नदी किनारे बुलाया और एक भारी पत्थर उठाकर पानी में फेंक दिया।
पत्थर छपाक से डूबा!
पप्पू ने पूछा
बताओ, इसके डूबने के
पीछे क्या राज है?”
सामने खड़े छुटभैये नेताओं ने
ज्ञान बघारना शुरू किया:
🔹 पहला बोला: “सर, न्यूटन का
गुरुत्वाकर्षण! धरती ने अपनी
ओर खींच लिया।
🔹 दूसरा बोला: “सर, आर्किमिडीज
का सिद्धांत! भारी चीज का
डूबना तय है।
🔹 तीसरा बोला: “सर, पत्थर का
वजन पानी के घनत्व से
ज्यादा था।
सबने अपनी-अपनी साइंस झाड़ दी।
लेकिन एक सफेद बालों वाले नेता काफी देर से हाथ बांधे चुपचाप खडा था।
पप्पू ने पूछा,
सफेद बालों वाले आप चुप क्यों हैं? आपका क्या कहना है?
सफेद बालों वाले ने चेहरे पर दुनिया भर की गंभीरता लाते हुए कहा:
सर, बाकी लोग जो कह रहे हैं वो तो सिर्फ किताबी बातें हैं... मेरी नजर में असली राज कुछ और ही है।
पप्पू की बांछें खिल गईं,
“अच्छा! बताइए क्या?”
नेता जी ने गहरी सांस ली,
सीधे पप्पू जी की आंखों में देखा और मक्खन टपकाते हुए बोले:
“सर... जिसे आपने अपने हाथ से छोड़ दिया, उसका तो डूबना
तय ही था!”
बस फिर क्या था! पप्पू गदगद हो गए। खुशी से सीना चौड़ा हो गया।
बोले “वाह! क्या विजन है! असली समझदार तो आप ही हैं...
राज्यसभा आप ही जाएंगे!” 😂
सार:
आजकल काबिलियत और डिग्री सिर्फ फाइलों में शोभा देती है,
तरक्की और पद तो बस
'खुशामद के हुनर' से ही मिलते हैं!
देश की जनता सब कुछ देख भी रही है और समझ भी रही है ...
जंतर मंतर पर मोदी जी को, उनकी मां को, हिन्दू धर्म को, ब्राह्मणों को खूब गालियाँ दी गई उसके लुटियन की वामपंथी मीडिया और कुछ गांधी परिवार के गुलाम यूट्यूबर ने बड़े चाव से देश दुनिया को दिखाया ...मोदी सरकार ने उनके सामने कार्यवाही तो दूर कभी एक शब्द भी नहीं कहा ...
राष्ट्रवादी और देश के सभी सच्चे मुद्दों को बेबाकी से रखने वाले पत्रकार @AmanChopra_ भी झारखंड जाकर छात्रों की पीड़ा दिखा रहे थे तो वहां की सरकार ने उनके खिलाफ FIR ही दर्ज कर दी ...
जंतर मंतर के गद्दार कॉकरोचों को छात्र बताकर राहुल, केजरी, अखिलेश, वामपंथी जैसे जो नफरती चिंटू लहंगा उठाकर नाच रहे थे वो अब अमन चोपरा पर हुई FIR पर मौन हैं ...
इस @HemantSorenJMM की उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है
जज की संख्या बढ़ाने से ज्यादा जरूरी है-
झूठी शिकायत, झूठी FIR, झूठी जांच, झूठी गवाही और फर्जी दस्तावेज को जघन्य अपराध घोषित करना।
@narendramodi@AmitShah
चलो खदेड़े जाने का सुख इनको भी मिला, नेपाल से ही सही...
एक भी महिला नहीं....
क्योंकि इनको पता है हिन्दू स्वभावतः छुएगा नहीं.....
या
जहाँ जा रहे है वहां नयी करेंगे..
या
जहां भी जा कर जो भी करते है वहां अगर इनको ले गए तो थोड़ा प्रॉब्लम होगी...
आखिर किस टाइप के लोग है ये