"ये हाईकोर्ट के ऑर्डर के हिसाब से नहीं हुआ है"
◆ सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा
◆ अनशन के 20 दिन बाद सोनम वांगचुक को उठाकर अस्पताल ले गई पुलिस
दिल्ली पुलिस | #SonamWangchuck | Delhi Police | #JantarMantar | Abhijeet Dipke | सफदरजंग अस्पताल | Safdarjung Hospital | पत्नी गीतांजलि
"सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अभी-भी जारी है"
◆ सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा
◆ अनशन के 20 दिन बाद सोनम वांगचुक को उठाकर अस्पताल ले गई पुलिस
दिल्ली पुलिस | #SonamWangchuck | Delhi Police | #JantarMantar | Abhijeet Dipke | सफदरजंग अस्पताल | Safdarjung Hospital | पत्नी गीतांजलि
हमने सुना था कि मुग़ल तानाशाह सत्ता से सवाल पूछने वालों पर कोड़े बरसाते थे…
हमने सुना था कि अंग्रेज़ों की पुलिस देश की आवाज़ दबाने के लिए अपना विरोध दर्ज करा रहे आम लोगों पर लाठियाँ बरसाती थी…
पर नरेंद्र मोदी की पुलिस तो आज़ाद भारत की पुलिस है।
फिर वह युवाओं की आवाज़ को इतनी बेरहमी से क्यों दबा रही है?
'सोनम वांगचुक को दोबारा मिले अनशन की इजाजत', पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी
सोनम वांगचुक को अनशन के 21वें दिन जंतर मंतर से हटाए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. वकील नरेंद्र मिश्रा ने चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर इसे जनहित याचिका मानने की मांग की है. याचिका में NEET गड़बड़ी, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता जैसे मुद्दे उठाए गए हैं. वांगचुक इन्हीं मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर थे.
पूरी खबर https://t.co/xLzJRAkQES
#ATCard #AajTakSocial #SonamWangchuk #SupremeCourt
आज सोनम वांगचुक, अभिजीत दीपके और ये सारे युवा आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
अब घर बैठने से काम नहीं चलेगा। अब सबको एक होकर सड़कों पर उतरना होगा। तभी इस देश में कुछ बदलेगा।
उठो, चलो जंतर मंतर।
धर्मेन्द्र प्रधान को पद से हटाने के बजाए
मोदी सरकार के कहने पर,
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरन हटा दिया !
डरपोक
कायर
बुजदिल
निकम्मी
नाकारा
संवेदनशून्य सरकार !
Shocking and shameful!
The BJP Govt can send so much police force to pick up Sonam Wangchuk, but cannot send someone to discuss paper leaks with him.
Such hubris is often seen in tyrannies nearing their end.
इतना अहंकार ठीक नहीं है।
उन्हें जबरन उठाने की बजाय, मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी।
कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो
सोनम वांगचुक के साथ ज़बरदस्ती मोदी सरकार की हार है।
शर्मनाक है। वन रैंक वन पेंशन की माँग को लेकर महीनों धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। महिला कुश्ती खिलाड़ियों के धरने को भी इसी तरह हटाया गया। और अब ये।
क्या यही लोकतंत्र है?
20 दिनों से अनशन पर बैठे व्यक्ति के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार?
दिल्ली पुलिस ने पर्दे लगाकर जो किया, वो देश देख रहा है।
मोदी जी, जनता इस क्रूरता और पाप को कभी माफ नहीं करेगी।