@YuvasochRajeev@NitishKumar@Jduonline 2015 में गायत्री मंदिर कंकड़बाग में रविवार को युवा प्रकोष्ठ के साप्ताहिक सेमिनार में आए थे।
तब शायद ठेकेदार हुआ करते थे। छात्रों को आश्वासन दिए कि जब जरूरत पड़े आ जाना, मेरे घर पर।
मुख्यमंत्री Fadnavis जी!
जिसको कुत्ता नहीं पूछता उसी जनता का पैर पकड़ कर आप लोग वोट माँगते हैं। सरकार की आलोचना कब से राज्य की आलोचना हो गया? सवालों का जवाब नहीं है तो Shoot the messenger!
भारत सरकार का बड़ा फैसला..
रसोई गैस की सप्लाई से हटाया इमरजेंसी कंट्रोल।
केंद्र सरकार ने नेचुरल गैस की सप्लाई पर लगाए गए इमरजेंसी कंट्रोल वापस ले लिए हैं।
सरकार ने इसी ��ाल मार्च महीने में सरकार ने ये प्रावधान जारी किए थे, जिनके तहत सरकार प्राकृतिक गैस के आवंटन और सप्लाई पर सीधा नियंत्रण रख रही थी।
उस समय सरकार को यह अधिकार दिया गया था कि जरूरत पड़ने पर वह यह तय कर सके कि किस सेक्टर को कितनी प्राकृतिक गैस मिलेगी क्योंकि उद्देश्य गैस की संभावित कमी के दौरान उर्वरक, CNG-PNG, बिजली उत्पादन और अन्य आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता देना था।
अब प्राकृतिक गैस की सप्लाई और वितरण फिर से सामान्य व्यवस्था के तहत होगा और इमरजेंसी नियंत्रण लागू नहीं रहेगा।
@AnilYadavmedia1 Wait कर डेब्यू हो गया न। फ़िर तुम्हें बांस भी करूंगा।
स्याले तुम भर रात सोओगे कैसे , सबसे कम उम्र 5एक बिहारी अपने काबिलियत यहां तक पहुँचा।
तुम तो।श्रीलंका के पिच पर यही बोला... फ़िर देखा न fire तुम्हारे मां बहन एक हो गया था।