Jats have traditionally been Anti Brahmin in thought it's no secret. Now some have become dharmik but old instincts never go away
However he's doing damage to his party, Brahmins are not happy with bjp rss but his statements will help bjp to tell us "look how much CJP hates you'
जलवायु परिवर्तन आज हमारे सामने एक गंभीर चुनौती बनकर खड़ा है, जिसका खामियाजा हमारी आने वाली पीढ़ियों को भुगतना पड़ सकता है। यही कारण है कि पर्यावरण का संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना हम सभी का साझा और परम दायित्व है।
कांग्रेस सरकार ने सदैव प्रकृति और विकास में संतुलन को प्राथमिकता दी है। अपने कार्यकाल के दौरान हमने जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में पार्कों का निर्माण कर 'ग्रीन लंग्स' का विस्तार किया, हर जिले में 'लव-कुश वाटिकाओं' की स्थापना की और 'ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट इन राजस्थान' (TOFR) जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक व ठोस कार्य किए।
आज 'विश्व पर्यावरण दिवस' के अवसर पर आइए हम सब मिलकर संकल्प लें कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण करेंगे और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। हमारा यही प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य की नींव रखेगा। प्रकृति के प्रति यही हमारी सच्ची जिम्मेदारी और आने वाले कल के प्रति सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है।
कांग्रेस ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया।
राजस्थान से नीरज डांगी को इस बार कांग्रेस अध्यक्ष कोटे से राज्य सभा भेजा गया है।
@TheMishra_ Ye sab kaminapan ho rha hai , Prashant aur Rahul ki badhti najdiki ke karan. Kuch incompetent date huye hain. wahi chalwa rahe hain . 4 naam hai
प्रशांत टंडन जैसे हरामी पत्रकारिता के नाम अपने राजनैतिक बापों को ख़ुश रखने के लिए कुछ भी पेलते रहते हैं। इनकी अलग दुनिया है चार रुपया दे-दो। काका-विनोद के पालतू सबसे हरामी हैं। एक बनारस वाला इस समय के पीछे लगा हुआ है। इसका आका नवभारत टाइम्स का पूर्व संपादक है।
तृणमूल कांग्रेस प्रशांत किशोर का आखिरी प्रोजेक्ट था जो उन्होंने डिलिवर कर दिया. अब कोई नया शिकार हाथ नहीं लगेगा. गोदी मीडिया भी इनका इंटरव्यू नहीं लेगा.
अब कोई नया आइडिया बाज़ार में लाया जायेगा.
अन्ना हज़ारे, रामदेव, रविशंकर, अमिताभ बच्चन अपना अपना किरदार निभा चुके हैं और स्टेज के पीछे भेज दिये गये हैं.
नया आइडिया क्या कॉकरोच पार्टी होगी?
अभी इसकी लैब टेस्टिंग चल रही है, प्रोडक्ट पूरी तरह तैयार नहीं है😀
कांग्रेस ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया।
राजस्थान से नीरज डांगी को इस बार कांग्रेस अध्यक्ष कोटे से राज्य सभा भेजा गया है।
1978 में स्थापित इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IMPCL) देश की एकमात्र सरकारी कंपनी है जो आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं बनाती है। IMPCL वर्षों से मुनाफे में चल रही थी, सरकार को करोड़ों का लाभांश दे रही थी। अब मोदी सरकार ने इसे ₹121 करोड़ में निजी हाथों में सौंप दिया।
भाजपा के सांसद ने सवाल पूछा तो सरकार ने लिखित में कहा था कि IMPCL नहीं बिकेगी। परन्तु अब मोदी सरकार ने इस कंपनी को बेच दिया है। यह सिर्फ एक कंपनी की बिक्री नहीं, जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ भी है क्योंकि यह सरकारी कंपनी सरकारी अस्पतालों में कम दाम में दवाएं उपलब्ध करवाती थी।
IMPCL की कुल संपत्ति ₹260 करोड़ से ऊपर है, फिर इसे इतने कम दाम पर क्यों बेचा? जिस Skymap Pharmaceuticals को यह बेची गई, उसका खुद का सालाना कारोबार IMPCL से छोटा है तो क्या यह सौदा जनहित में है?
देशवासियों के मन में में गहरी चिंता है कि जब देश की सरकारी कंपनियाँ जो मुनाफे में हों, बेची जाने लगें तो यह संकेत क्या है? क्या सरकारी खजाना खाली हो चुका है? भारत सरकार की आर्थिक हालात खस्ताहाल है?
क्या इस सौदे में कोई भ्रष्टाचार हुआ है जिसे मोदी सरकार छिपा रही है?