BJP सरकार और दिल्ली पुलिस की गुंडई 👇
4PM की पत्रकार शाहीन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और मारपीट की।
शाहीन का कहना है- जब पुलिसवालों को पता चला कि वो मुसलमान हैं तो उन्हें और बेरहमी से मारा गया। उनके शरीर पर जख्म हैं.. कैमरापर्सन भी बेसुध पड़ी है।
एक पत्रकार के साथ ऐसा बर्ताव कतई सही नहीं है, दोषी पुलिसवालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इसकी उम्मीद कम है, क्योंकि- BJP सरकार में सवाल पूछना गुनाह हो चला है।
“नीशू के बाप का हम सर फाड़े…आपको पता है इसमें कौन सा धारा लगता है? हाफ मर्डर…307…”
स्वतंत्र भारद्वाज शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया.
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है.
@narendramodi क्या आप इस दंगाई के बड़े भाई हैं?
अगर आप 𝗕𝗝𝗣 सरकार से सम्बंधित है तो कुछ भी गुंडागर्दी कर सकती, पुलिस भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती, इसलिए जिसको भी खुलेआम गुंडागर्दी करनी है 𝗕𝗝𝗣 ज्वाइन कर सकता है!
ये वही है जिसने जंतर मंतर पर एक मासूम नाबालिग लड़की के पिता के सिर को फाड़ दिया था , लेकिन पुलिस ने इसको छुआ तक नहीं।
•इस देश के निज़ाम ने देश का कैसा माहौल बना दिया है की कोई पत्रकार सवाल करे तो जवाब के जगह पुलिस मारपीट रही है उसे
•क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब अपराध है?
•पत्रकार शाहीन का आरोप है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने पर पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई और उनके साथ मारपीट की. उनका यह भी आरोप है कि ‘खान’ नाम सुनने के बाद दुर्व्यवहार बढ़ गया
•यह सिर्फ शाहीन का मामला नहीं, बल्कि प्रेस की आज़ादी पर गंभीर सवाल है
•दिल्ली पुलिस और सरकार जवाब दें—पत्रकार का सवाल इतना खतरनाक कब से हो गया?
•पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। CCTV फुटेज सुरक्षित किए जाएं और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो
#Shaheen #PressFreedom #DelhiPolice #RekhaGupta #4PMNews #JournalismIsNotACrime
सिर पर ‘सत्ता-सजातीय’ हाथ है
इसीलिए इनकी मूंछों पर ताव है
ऐस लोगों से क्या होना इंसाफ़ है
पर अब ये कुछ दिनों की बात है
क्योंकि दस्तक दे रहा बदलाव है
हम निलंबन की माँग नहीं करेंगे!
मोदी जी, 𝐑𝐞𝐞𝐥 से बाहर निकलकर 𝐑𝐞𝐚𝐥𝐢𝐭𝐲 की बात करिए। 𝐆𝐃𝐏 आपके बनावटी आंकड़ों और 𝐇𝐞𝐚𝐝𝐥𝐢𝐧𝐞 में नहीं, वह तो जमीन पर लोगों के जीवन, उनकी जेब और रसोई में दिखती है। मोदी जी जो दिखाते है वह होता नहीं है, जो नहीं दिखाते वही असल में जमीन पर होता है।
बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की प्रति व्यक्ति आय भारत से अधिक है। किस बात का 𝐆𝐃𝐏 ग्रोथ मोदी जी?? 𝟏𝟐 साल हो गए अब तो झूठ और जुमले छोड़ जमीन पर काम कीजिए।
#TejashwiYadav #RJD #GDP #india
मध्यप्रदेश के छतरपुर में एक आदिवासी गांव तक सड़क नहीं होने के कारण गर्भवती महिला को मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए 4 किलोमीटर तक चारपाई पर ले जाना पड़ा। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का आईना है।
नेपाल का सैलाब… बिहार कैसे बचा?
55 साल पुराना Gandak Barrage आज भी बिहार के लिए एक बड़ी सुरक्षा दीवार बना हुआ है।
क्या आपको इसके बारे में पहले से पता था?👇
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में RSS-BJP का खेल बेनकाब!
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी (Allahabad University) में 2023 में इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर बनीं डॉ. कल्पना सिंह का प्रोफाइल देखिए 👇
दावा: 13 शोध-पत्र (Research Papers) और 3 किताबों के चैप्टर लिखे हैं।
हकीकत: जब तलाश की गई, तो इन 16 में से एक भी रिसर्च पेपर का नामो-निशान नहीं मिला!
असली 'योग्यता': लेकिन उनके प्रोफाइल में सबसे ऊपर चमक रहा है— प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का 'प्रशंसा पत्र' (Letter of Appreciation) मिला हुआ है - परीक्षा पर चर्चा के दौरान.
देश के सबसे बड़े संस्थानों को RSS-BJP की 'राजनीतिक नर्सरी' बनाया जा रहा है?
RSS | BJP | Modi Govt | Education
देश में जाति के नाम पर भेदभाव आज भी कायम है।
वाल्मीकि समाज से आने वाली अम्मा ने बताया कि उन्हें आज भी अलग बर्तन या प्लास्टिक के गिलास में पानी दिया जाता है।
दलित समाज के लोगों को न सम्मान मिल रहा है और न ही बराबरी का दर्जा। सुनिए- अम्मा की ज़ुबानी 👇
ISKON एक विदेशी संस्था है, जिसका उद्देश्य भारत से पैसा कमाकर विदेश भेजना है,
मंदिर की आड़ में यह लोग होटल रेस्टोरेंट किताबों का बिजनेस करते हैं,
इसका फाउंडर प्रभुपाद ने शूद्र को कुत्ते की तरह बताया था, भारत सरकार को ISKON को बंद कर देना चाहिए ।
दिल्ली के एक बाजार में लोगों ने 7.8% की ग्रोथ पर कहा
• ये सिर्फ सरकार के आत्मप्रशंसा वाले दावे हैं, इन पर किसी को भरोसा नहीं है
• न तो कोई खुश है और न ही इन आंकड़ों से जमीन पर कोई बदलाव दिख रहा है
• ये आंकड़े सिर्फ बकवास हैं