एक Gold Medalist महिला को कथित false SC/ST Act case में 5 साल तक legal battle लड़नी पड़ी। अगर allegations अंततः false साबित होते हैं, तो सवाल सिर्फ उस महिला का नहीं—पूरे justice system का है।
#SCSTAct#MisuseOfLaw
किस बात के अच्छे दिन जब,
1- शेयर मार्केट पाताल लोक में चला गया
2- एशियन गेम्स में 10 वें नंबर पर हैं हम
3- मंहगाई चरम पर है
4-भ्रष्टाचार अपने उच्च स्तर पर है
5- सड़के चांद के सतह जैसी हो गई हैं
6- विधायकों की गुंडागर्दी आसमान छू रही है
7- पेट्रोल डीजल मंहगा हुआ पड़ा है
8- रुपया धरातल में चला गया है
9- अमेरिका हमको पेले पड़ा है
10- चीन हमसे 100 साल आगे चल रहा है
11- 5 किलो राशन के बदले 900 की गैस मिल रही है
12- व्यापारी लोग माल स्टोर करके मंहगी होने पर जनता को बेचते हों
13- गांवों में अस्पताल नहीं है
14- गाँव में स्कूल नहीं है
15- प्राइवेट स्कूल खून पी रहे हैं
16- प्राइवेट अस्पताल में 400 की दवा 4000 में मिल रही है
17- सरकारी एम्बुलेंस दलाली में मिलती है।
2014 में जिस उम्मीद से लोगों ने चुनाव किया था, उसमें पूरी तरह से फेल हुए हैं।
खुलेआम जनरल कैटेगरी जातियों के खिलाफ जहर उगल रहे हैं।
जाति उलट होती तो Sc St Act के तहत तुरंत केस दर्ज हो जाता, जेल हो जाती। यही दोहरा मापदंड है।
इसलिए अब जनरल कैटेगरी के लिए प्रोटेक्शन एक्ट और नेशनल कमीशन दोनों चाहिए ASAP। वरना यही नफरत चलती रहेगी।
अधिकारी: कौन जात हो?
किसान: हम पांडे, वो पासी!
अधिकारी: ले चलो इसको, SC वाला लगाओ!
कितने आराम से SC/ST एक्ट प्रसाद जैसा बांटा जा रहा है और मामूली वादविवाद में लगाया जा रहा है, ये वीडियो उसका उत्कृष्ट नमूना है!
कल ब्लिंकिट से कुछ ऑर्डर किया था। 50-55 साल के अंकल आए डिलीवरी देने। बातों ही बातों में इनका नाम पूछा! अंकल ने अपना नाम राकेश शर्मा बताया
बातचीत के दौरान मैंने पूछा कि इतनी उम्र में ये सब। अंकल ने शालीनता के साथ जो बोला वो दिल को छू गया, इन्होंने कहा कि
- डबल ड्यूटी करता हूँ। ये सब नहीं करूँगा तो बच्चों को पढ़ाऊँगा कैसे? सरकार के लिए हम सरकारी अछूत जैसे हैं। सरकार ना हमारे बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कालरशिप देती ना ही ऐसी कोई योजना है जिसका लाभ लेकर बच्चे पढ़ाई कर सकें। इसलिए मैं भी कमाता हूँ और बच्चा भी पढ़ाई के साथ जॉब करता है
मुझे आज तक नहीं समझ आया कि जब हर वर्ग-समाज यहाँ तक कि मुस्लिम-ईसाई-बौद्ध तक के बच्चों को सरकार स्कालरशिप देती है तो फिर सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों के लिए ये योजना क्यों नहीं?
बबासीर एक्ट / मोदी एक्ट का एक और कमाल 👇
एक राजस्व अधिकारी एक जमीन विवाद में जमीन नापने गया तो एक चा*"मोड़े" ने अधिकारी को धमकाते हुए कहा कि मेरे पक्ष में जमीन नापना नहीं तो SC ST एक्ट लगवाकर जेल भिजवा दूंगा।
अब तो अधिकारी भी सुरक्षित नहीं है तो सोचो ये एक्ट आम जनता के लिए कितना खतरनाक है।
प्रशासन स्वयं ही रैंडम बातों पर ‘ले चलो इसको SC वाला लगाओ’ कह कर कार्य करे तो समझ जाइए कि न्याय कितना हो रहा है। मोदी एक्ट पुलिस, प्रशासन और दलित के लिए धनोपार्जन का माध्यम बन गया है।
76 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान नोएडा में रहते थे।
एक पार्क में ADM, उनकी पत्नी और सरकारी गनमैन ने कथित तौर पर कर्नल चौहान की पिटाई की।
इसके बाद उन्होंने कर्नल पर छेड़छाड़ और SC/ST एक्ट के मामले दर्ज कर दिए।
पुलिस ने 76 साल के कर्नल को गिरफ्तार कर Luksar जेल भेज दिया।
पार्क के CCTV फुटेज देखने पर पता चला कि कर्नल चुपचाप बैठे थे, जबकि ADM, उनकी पत्नी और गनमैन ही उन पर हमला कर रहे थे।
तब जिलाधिकारी ने ADM, उनकी पत्नी और बेटे समेत सात लोगों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया, ADM को सस्पेंड किया गया और कर्नल को जमानत मिल गई।
इसीलिए लोग आरोप लगाते हैं कि SC/ST एक्ट का कभी-कभी निजी रंजिश निकालने और निर्दोष लोगों की जिंदगी बर्बाद करने के लिए दुरुपयोग होता है।
#StopMisuseOfSCSTAct
पहले तो फ़र्ज़ी फैलाया कि 8.5 CGPA है, बहुत बढ़िया ब्रिलियंट स्टूडेंट था। नहीं चला। कोई ले आया कि नहीं भाई, 6.3 टाइप का CGPA था, which is not good.
उसके बाद चलाया गया कि प्रताड़ित करते थे, तीन महीने से प्रताड़ना हो रही थी। पूछा गया कि भाई, तीन महीने से ये बात थी, और तुम अवेयर भी हो कि SC/ST सेल है, लॉ है, सारा कुछ है। उसके माँ-बाप को भी पता था। वो माँ-बाप जो अभी पेड़ के नीचे बैठकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने क्यों नहीं किसी को रिपोर्ट किया? लिखित में, मौखिक में, कोई रिकॉर्ड तो होना चाहिए। वो भी नहीं चला।
फिर आ गया CCTV फुटेज। CCTV फुटेज में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि क्या हो रहा है। तो लगे कहने, नहीं-नहीं, वो तो कैलकुलेटर है। कैलकुलेटर तो सबके आगे रखा हुआ था। और उसका फोन, जिससे वो कर रहा था, एविडेंस के तौर पर सीज़ कर लिया गया।
अब बोला जा रहा है कि CCTV फुटेज का केवल एक छोटा सा पोर्शन ही मीडिया को क्यों रिलीज़ किया गया। ये मेरी समझ से बाहर है। क्या पूरा एग्जाम दिखाया जाए? भाई, जब वो एक्ट हुआ है, उतना ही तो आएगा ना, उतना ही तो दिखाया जाएगा। भाई, चोरी कर रहा था, पकड़ा गया।
तथाकथित अंबेडकरवादियों की घटिया राजनीति से तंग एक दलित जाति ने SC वर्ग से बाहर निकलने का फैसला किया।
IIT बॉम्बे में आंबेडकरवादी द्वारा OBC प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला सर को फ़साने से आहात होकर तमिलनाडु की एक दलित जाति देवेंद्रकुला वेल्लालर ( DKV ) ने SC वर्ग से बाहर निकाने का फैसला कर लिया है। इस समाज के लोग अब आरक्षण का लाभ नहीं लेना चाहते और। दलित समाज से आने वाली इस जाति ने संकल्प लिया है कि वो किसी पर भी SC ST ACT नहीं लगाएंगे।
इससे जायदा जोरदार तमाचा आजतक किसी ने इन तथाकथित अंबेडकरवादियों किसी ने नहीं मारा होगा। मै दावे से कह सकता हु ये अभी भी सुधरेंगे नहीं।
प्रधानमंत्री वही बनेगा इस देश में जिसके साथ उद्योगपति, मीडिया और जनता तीनों होंगे.
OBC SC ST समाज का PM बनने के लिए अभी 100 साल लगेंगे.
जब तक OBC SC ST समाज से कोई अडानी अंबानी जैसा उद्योगपति नही बनता बहुजन समाज से किसी का PM बनना मुश्किल है.
मीडिया भी अब पत्रकार नही, उद्योगपति ही कंट्रोल करते हैं.
OBC SC ST समाज को नौकरी के अलावा बिजनेस में भी ध्यान देना चाहिए. 4 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था में 80% अर्थव्यवस्था पर बहुजनों का आधिपत्य होना चाहिए.
Govt data shows IITs had 33 suicides in 5 yrs (2019-2023)
17 were GC students
16 were SC/ST/OBC students
But look at this social justice activist👇
He is blaming GC faculty & insinuating that only reserved category students commit suicides.
This is how disingenuous they are!!!