Official Twitter Account Of Badar Ali |Founder Member Of Azad Samaj Party (Kanshiram)
| Leader | Voice Of Youth | Social Worker | Activist | Politician
बड़े भाई चंद्रशेखर आजाद जी का मेरठ शहर विधान सभा में जिस तरह स्वागत किया उससे साफ़ ज़ाहिर है कि मेरठ शहर की जनता अब बदलाव चाहती है।
आज की पदयात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए टीम के सभी साथियों का दिल की गहराइयों से शुक्रिया।
@BhimArmyChief
मुक़ाबला त्रिकोणीय नहीं एक तरफ़ा है…
इस बात को विरोधी भी मानते है कि पिछले 15 सालों में बदर अली ने
-एक दिन आराम नहीं किया…
-एक दिन ये नहीं कहा कि कुछ दिन के लिए पहाड़ों पर घूम आऊँ
-पिछले 15 सालों में एक घटना ऐसी नहीं,बड़ी से बड़ी और छोटी से
छोटी जिसमें बदर अली ने अपनी हैसियत से ज़्यादा मदद ना कि हो
-जैल से आने के महज़ 48 घंटे बाद ही NRC दंगे में क़ौम की मदद करने पहुँच गया
-इलाज,निकाह स्कूल फ़ीस ये सब काम अल्लाह बदर अली से लगातार करा रहा है
कुछ ना होते हुए इतना सब कुछ करने के बाद भी बदर अली हर चौखट पर जाकर अपना हक़ माँग रहा है।
तो समझा जा सकता है जीत की अहमियत क्या होगी ।
Aazad Samaj Party - Kanshi Ram
घर घर दस्तक देने रात जब हर चौखट पर गया तो बंगाल चुनाव को लेकर क़ौम में एक अलग सी मायूसी थी।क़ौम को समझाया कि परेशान मत हो,हर क़ीमत पर मेरठ शहर में आपकी सरकार रहेगी…इंशाल्लाह।
जान से ज़्यादा क़ीमती जीत है।
@bhimarmychief
मुसलमानों को समझना चाहिए…
पश्चिम बंगाल में लगभग 32% मुसलमान है।सरकार बनाने के लिए बहुत थोड़े से वोट की जरूरत पड़ती थी जो कि ममता बनर्जी को आसानी से मिल जाती थी और वो 15 साल से सरकार बना रही थी।
मुसलमानों ने हर बार की तरह ममता बनर्जी को वोट किया लेकिन इस बार दूसरा वोट नहीं मिल पाया नतीजा इस बार ममता बनर्जी सरकार से चली गई।
अब 8 महीने बाद उत्तर प्रदेश में चुनाव है।उत्तर प्रदेश में लगभग 20% मुसलमान है जो एक तरफा समाजवादी पार्टी को वोट देता आया है।लेकिन कोई दूसरा वोट ना मिलने की वजह से बार बार सरकार बनाने से बहुत दूर रह जाती है।
यही बात मुसलमानों को समझाना है कि जब तक मुसलमान के साथ दलित नहीं मिलेगा तब तक BJP सरकार बनाती रहेगी।
इसलिए मुसलमान को अब मज़बूती से भाई चंद्रशेखर आज़ाद के दामन को थाम लेना चाहिए। यही वो दामन है जिस पर मुसलमान और दलित भरोसा कर सकता है।
इस BJP के दौर में मुसलमानों के लिए हमने और भाई चंद्रशेखर आज़ाद ने मुकदमे भी खाये और जैल भी काटी है।और क्या चाहिए मुसलमान को,वो लड़ने वाला नेता ही तो पसंद करता है। भाई चंद्रशेखर आज़ाद से ज़्यादा लड़ने वाला नेता इस वक्त कोई और हो तो बताओ।
20%मुसलमान + 20% दलित = BJP सत्ता से बाहर।
इस बात को मुसलमान जितनी जल्दी समझ ले उतना बेहतर है।
Aazad Samaj Party - Kanshi Ram
📍रात,घर घर दस्तक शहर विधान सभा में।
दस्तक के दौरान बहुत लोग मिल जाते है जो बोलते है आपने मेरी अस्पताल में मदद की थी और मेरा ऑपरेशन कराया था। सुनिए…
वादा है मेरा क़ौम से इलाज के लिए और बच्ची के निकाह के लिए कभी भी कोई गरीब ना आज परेशान है और ना ही आने वाले वक्त में होगा…इंशाअल्लाह।
Aazad Samaj Party - Kanshi Ram
📍रात।
शहर विधान सभा में हर गरीब की चौखट पर गया और उन्हें उनकी अहमियत का एहसास कराया।
अब हर ग़रीब को महसूस हो चुका है पिछले 15 साल से साइकिल को वोट दे रहे है।अगर अब हालात बदलने है तो केतली को वोट देनी पड़ेगी।
“सीट पर बैठे हुए लोग मिलेंगे दावत में…
और हम मिलेंगे हर ग़रीब की चौखट पर।”
@bhimarmychief
रात,शहर विधान सभा में घर घर दस्तक देकर क़ौम के हर इंसान को यही समझाया कि #साइकिल को वोट देते हो तो जो हालात आज है वही रहेंगे और अगर आप #केतली को वोट देंगे तो क़ौम के वक़्त और हालात दोनों बदल देंगे क्यूँकि हम किसी भी तरह से कमज़ोर नहीं है।
हालातों और सरकार से लड़ लड़ कर इतने मज़बूत हो गए है कि क़ौम पर आनी वाली हर परेशानी को अपने ऊपर ले लेंगे बाक़ी नेताओ की तरह डर कर घर नहीं बैठेंगे..इंशाल्लाह।
आज फ़तेहुल्लाहपुर रॉड,मेरठ में बड़े भाई जब्बार सैफ़ी साहब के क्रिकेट ग्राउंड की इफ़्तीता की।
रात में क्रिकेट खेलने के शोकीन साथी रात में भी जाकर खेल सकते है।
मजीद तरक्की के लिए दुआएँ के साथ साथ इतनी इज़्ज़त अफ़ज़ाई के लिए दिल की गहराइयों से शुक्रिया ।
आज नूर नगर की पुलिया पर छोटे भाई #जाबिर अब्बास अल्वी के #एम_जे_प्रॉपर्टीज_एंड_डेवलपर्स के ऑफिस की इफ़्तिता की।मेहनत और ईमानदारी से बिना किसी सपोर्ट के कैसे आगे बढ़ा जाता है वो जाबिर अल्वी भाई और इनके छोटे भाई मतीन अल्वी भाई से सीखा जा सकता है।
शानदार प्रोग्राम और बेहतरीन इज़्ज़त अफ़ज़ाई के लिए भाई जाबिर का दिल की गहराइयों से शुक्रिया।
मजीद तरक़्क़ी के लिए दुआएँ।
📍आज जनता दरबार की कुछ झलकियाँ…
आज ग़रीबी के सबसे निचले स्तर पर रहनी वाली हर माँ, बहन, हर बुज़ुर्ग बड़े हक़ से बोल देता है …अपनी परेशानी अकेले में बतायेंगे बाहर आ जाओ।
बाक़ी नेता तो ऐसे ग़रीब की अकेले में सुनने की बजाए कपड़े देख कर चौखट से भगा देते है।
हर ग़रीब का यही भरोसा मेरी जायदाद है और हम आख़िरी साँस तक अपनी इस जायदाद को बढ़ाने की क़ोशिश करेंगे।
मिशन 2027
आज गाँव कपसाड़ में बड़े भाई चंद्रशेखर आज़ाद जी को पीड़ित परिवार से मिलने आना था,लेकिन प्रशासन ने काशी टोल प्लाजा पर ही बड़े भाई चंद्रशेखर आज़ाद जी को रोक लिया।
दलित माँ, और बहन के लिए इंसाफ़ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
आज ग़रीब बेसहारा लोगों के सर्दी से राहत के लिए रज़ाई की गाड़ियाँ लॉड करायी। शहर हमारा, लोग हमारे तो ज़िम्मेदारी भी हमारी।
जो लोग बदलाव चाहते है और क़ौम की ख़िदमत को अंजाम देना चाहते है तो आ जाओ मिलकर कामयाबी की नई इबारत लिखते है
मर ही गया तो बात अलग है,
नहीं तो जब तक क़ौम की हालात नहीं बदल देंगे, सुकून से नहीं बैठेंगे…इंशाल्लाह।
📍 जंतर मंतर, दिल्ली, बिहार हिजाब प्रकरण
जितना ज़ुल्म हम पर हुआ और पिछले 15 साल से आज तक जितने लोग हमारे पीछे पड़े हुए शायद ही आज तक किसी के पीछे पड़े हो,लेकिन ना तो हमने हक़ का रास्ता छोड़ा और ना ही क़ौम की आवाज़ उठाना।
पूरे हिंदुस्तान में हम अकेले है जिसने बिहार हिजाब प्रकरण में जंतर मंतर पर उस बहन की आवाज़ उठा दी,नही तो वोट लेने वाले मुस्लिम नेता अपने घर बैठे है।
📍छातारी, ज़िला बुलन्दशहर।
मोब्लिंचिंग में मारे गए मरहूम भाई युसुफ के आज घर पहुँच कर ग़मज़दा परिवारवालों से मुलाक़ात की।मरहूम यूसुफ़ के छोटे छोटे बच्चे है। घर में अकेला कमाने वाले थे।
इद्दत्त में बैठी हुई बहन और मासूम बच्चों के लिए 1,00,000 (1 लाख रुपए की मदद,पत्नी का बैंक में खाता खुलने के बाद) और सज़ा दिलाने के लिए वकालत का सभी ख़र्च उठाने का वादा किया।
अपने लिए तो सब जीते है…
बात तो क़ौम के लिए जीने की है।
📍गली नंबर 18 अहमद नगर, काँच का पुल।
शोर्ट सर्किट से आज घर में आग लग गई जिससे पूरे घर का सामान के साथ साथ मशीन भी जल कर राख हो गई।
मौक़े पर पहुँच कर पीड़ित को हर संभव मदद का वादा किया।
हर परेशान हाल का दर्द…हमारा दर्द।
📍मुज़फ़्फ़रनगर।
जितनी भीड़ मैदान के अंदर थी उससे 5 गुना भीड़ मैदान के बाहर थी। किसी भी साथी को जानकारी करनी हो तो मुज़फ़्फ़रनगर ज़्यादा दूर नहीं है।
रैली के ऐतिहासिक बनाने के लिए आये हुए सभी साथियों का दिल की गहराइयों से शुक्रिया।
शुक्रिया प्रदेश अध्यक्ष जी हौंसला अफजाई के लिए।
“इन आँधियों के ख़िलाफ़ लब खोलेगा कौन..
अगर हम ही ना बोले तो फिर बोलेगा कौन। “
मेरठ शहर को अब 70 साल का नौकर नहीं चाहिए..
मेरठ शहर को अब 35 साल का नौकर चाहिए जो जैल, मुक़दमे से डरे बिना सर्दी, गर्मी , बरसात में हर वक़्त क़ौम के लिए खड़ा रह सके।
रमिशन 2027