@RailMinIndia ये डाटा आपके ही सिस्टम से लिया गया है, नॉर्मल ट्रेन आपलोगो से सही टाइम से नहीं चल पा रहा है और बात करते हो बुलेट ट्रेन की। 7 दिन में एक दिन भी टाइम पे भी चली।
*याद रखना*
*पांडव जिस दिन*
*महाभारत के लिये*
*कुरुक्षेत्र में उतरे थे*
*उनकी सारी समस्याये*
*18 दिनो में खतम हो गई थी*
*क्या हम 120 करोड़ हिंदू*
*अपने देश धर्म परिवार के लिये*
*मुसलमानो को भारत से नही खदेड़ सकते*
Breaking News 🚨
अब दिल्ली के उस्मानपुर में अभिषेक को
खुलेआम चाकूओं से गोद डाला शैतानो ने..
ये सिलसिला रुकेगा नहीं हिन्दुओं 🖐️
क्यूंकि तुमने अपनी जिम्मेदारी और जिंदगी
पुलिस और सरकार के भरोसे छोड़ रखी है....
सोते रहो हिन्दुओं 🖐️
@TRAI जो करना है वो तो होता नहीं आपलोगों से। 1 साल में 13 महीने का रिचार्ज करवा रहे है वो नहीं दिखता?
जब आउटगोइंग के पैसे लग रहे है तो इनकमिंग बंद क्यों कर रहे है? इन सब पे काम करो।
जिस देश में, हिंदुत्ववादी पार्टी के राज्य और राज में, स्टेज पर कुछ बोलने के लिए कोई काजल घंटों में अरेस्ट हो जाती है, और मंदिर पर 10000 की हिंसक भीड़ भेजने वाले क्लिपकटुए या TCS में कन्वर्ज़न-रेप-ब्लैकमेल का रैकेट चलाने वाली निदा उसी हिदुत्ववादी पुलिस को मिलती नहीं है, यह उस देश की न्यायिक व्यवस्था, पुलिस और सत्तारूढ़ दल के बारे में बहुत कुछ कहती है।
बाक़ी त्रिशूल, त्रिपुंड आदि तो चलता ही रहेगा!
भारत मे व्याप्त जातिगत आरक्षण को,
आखिर आर्थिक आधार पर क्यों नहीं लागू किया जाता?
भारत में आरक्षण की व्यवस्था मूलतः सामाजिक और ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने के उद्देश्य से लागू की गई थी। समय के साथ इस पर बहस और सवाल दोनों बढ़े हैं। कई बार सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस विषय पर चिंता जताई है कि यह व्यवस्था कब तक जारी रहेगी और इसकी सीमाएं क्या होनी चाहिए।
एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह उठता है कि क्या आरक्षण का लाभ अब भी केवल जाति के आधार पर दिया जाना उचित है, या फिर इसे आर्थिक स्थिति के आधार पर भी पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। समाज का एक वर्ग मानता है कि आर्थिक रूप से कमजोर हर व्यक्ति को, उसकी जाति से परे, समान अवसर मिलना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, यह भी तर्क दिया जाता है कि जातिगत भेदभाव केवल आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संरचना से जुड��ा हुआ एक गहरा प्रश्न ��ै, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
सरकारों पर अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि वे आरक्षण नीति को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखती हैं, लेकिन इस विषय पर एक दीर्घकालिक और संतुलित नीति की आवश्यकता महसूस की जाती है।
अंततः सवाल यह नहीं है कि आरक्षण होना चाहिए या नहीं, बल्कि यह है कि इसे किस रूप में लागू किया जाए ताकि वास्तविक रूप से वंचित वर्गों को न्याय मिल सके और समाज में संतुलन स्थापित हो सके।
•पुलिस के पास न्याय लेने जाओ तो घूंस दो,
•तहसील काम करवाने जाओ तो घूंस दो
•मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है तो घूंस दो
•जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है तो घूंस दो
•ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है तो घूंस दो
•पासपोर्ट वेरीफिकेशन करवाना है तो पुलिस को घूंस दो
•DM ऑफिस में कोई काम करवाना है तो बाबू को घूंस दो
•अपनी ही जमीन माफिया और अपराधियों के चंगुल से छुड़वानी है तो घूंस दो
•सरकारी अस्पताल में बिस्तर चाहिए तो घूंस दो या सेटिंग करो
•��िजली कनेक्शन का मसला है तो घूंस दो
•बिजनेस चालू करना है तो लाइसेंसज के लिए घूंस दो
•न्याय चाहिए तो पैसा खर्चा करो
क्या इस देश में कोई भी ऐसा डिपार्टमेंट है जहां बिना घूंस के काम चलता हो?
बिहार मे��� ये आम बात है.. प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसे खाते में आते ही 20000/ मुखिया को देना होता है। एक बार नरेंद्र मोदी ऐप पर ये बात लिखा तो उल्टा पुलिस वाले मुझे ही कॉल करके परेशान करने लगे।
.@BJP4India और @BJP4Bihar के नेताओं से एक प्रार्थना: बेगूसराय से हूँ। वहाँ तीन बड़े उद्योग हैं: बरौनी रिफायनरी है, थर्मल पावर स्टेशन है, उर्वरक यानी खाद कारखाना है।
ये तीनों ही वहाँ के युवाओं के रोजगार की रीढ़ हैं। नरेन्द्र मोदी की नीतियों के कारण तीनों ही उद्योगों क�� विकास हुआ, फर्टिलाइजर तो पुनर्जीवित हुआ, थर्मल को मॉडरनाइज किया।
सब सही है, पर आपसे आग्रह है, @girirajsinghbjp जी, आपसे विशेष रूप से, कि यहाँ जो ठेकेदार 15000 की सैलरी से पाँच हजार दलाली रख लेते हैं, उससे मुक्ति दिलाइए। बैंक में पैसा आता है, ठेकेदार को न���काल कर पाँच हजार वापस करना होता है।
किसी भी शहर या गाँव में दस हजार में व्यक्ति क्या जीएगा, क्या खाएगा, क्या बच्चे पढ़ाएगा। हाल ही में दो-तीन आंदोलन भी हुए, पर वो राष्ट्रीय तो छोड़िए, बिहार के स्तर तक भी नहीं पहुँचे। @samrat4bjp से भी अनुरोध है कि वो कुछ करें।
अगला आंदोलन यदि हुआ तो वह नेशनल न्यूज बन जाएगा। फिर आप नेता को उठा कर फलाने थाने में चुपचाप रखवाते रहिएगा, श्रमिक कार्य ठप्प कर देंगे, करते रह��एगा फिर नेगोशिएशन।
गौतम खट्टर के गिरफ्तारी की प्रमुख वजह ये वीडियो भी बताया जा रहा है ...
मतलब सरकार की चरण वंदना करो तभी तक सुरक्षित हो और जिस दिन खिलाफत करोगे कानून की तलवार आपके माथे पर लटक जाएगी
@samrat4bjp आपके CO कब तक हड़ताल पे रहेंगे? आप उनकी मांगे मान कर बहुत बड़ी गलती कर रहे है। बिहार की जनता खुशखोरी और इनके काम से बहुत दुखी है। इनलोगो (CO) का कहना है कि आप कही भी जाए अंत में फाइ��� हमारे पास ही आना है। @ajeetbharti @AshwiniUpadhyay @narendramodi @VijayKrSinhaBih
सर कभी 29% हिन्दू सवर्णों को भी राष्ट्रनिर्माण में हिस्सेदार बनाने का सौभाग्य दीजिए। या केवल टैक्स ले कर मुस्कुराते हुए हमें ‘टैक्सदाता’ कह कर पल्ला झाड़ लेंगे? हमारी भी महिलाएँ हैं, निर्धन विद्यार्थी हैं जिनके लिए कोई निःशुल्क स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज फीस आदि क��� कोई सुविधा नहीं।
विरोधाभास:
१. जितनी आबादी उतना हक: आरक्षण के लिए हाँ, परिसीमन के लिए ना!
२. साउथ ने जनसंख्या नियंत्रण किया, उत्तर वाले बढ़ाते रहे: तथ्यात्मक रूप से बिलकुल गलत, साउथ की जनसंख्या उत्तर से अधिक बढ़ी है।
३. सवर्णों ने जनसंख्या नियंत्रण किया: न तो आरक्षण मिल रहा, न उनके सांसद उनकी ही बात कर पा रहे। टैक्स देते हैं, पल वो रहे हैं जिन्होंने बच्चे बढ़ाए।
४. मुसलमानों ने जनसंख्या बढ़ाई, 45% का ग्���ोथ रेट: इनको तो दंड मिलना चाहिए, सांसद कम होने चाहिए।
५. हिन्दुओं की संख्या आनुपातिक रूप से वस्तुतः घटी है: टैक्स अधिक देते हैं, पल कोई और रहा है।
६. अमित ��ाह ने आज कहा कि मुसलमानों को धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं मिलेगा: जाति के आधार पर ओबीसी में न केवल भाजपा राज्यों में आरक्षण दे रही है मुसलमानों को, बल्कि पीएम स्वयं छाती ठेक कर इसका क्रेडिट लेते हैं।
मेरा पहला आग्रह है कि हम सभी पानी बचाने और उसके बेहतर प्रबंधन का संकल्प लें।
मेरा दूसरा आग्रह पेड़ और प्रकृति से जुड़ा है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत करोड़ों लोगों ने अपनी माताओं के नाम पर पेड़ लगाए हैं। हम भी अपनी मां के सम्मान में पेड़ लगाएं और धरती माता की रक्षा का संकल्प लें: PM @narendramodi
मेरा पहला आग्रह है कि हम सभी पानी बचाने और उसके बेहतर प्रबंधन का संकल्प लें।
मेरा दूसरा आग्रह पेड़ और प्रकृति से जुड़ा है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत करोड़ों लोगों ने अपनी माताओं के नाम पर पेड़ लगाए हैं। हम भी अपनी मां के सम्मान में पेड़ लगाएं और धरती माता की रक्षा का संकल्प लें: PM @narendramodi
मैं भारत माँ की कसम ख़ाता हूँ
अगर UGC के नए प्रावधानो मोदी या किसी अन्य BSD वाले भाजपाई ने कोई ��पत्ति जताई तो मैं कभी BJP को vote नहीं दूंगा
लेकिन उससे पहले अगर किसी ने अब से अपने निजी स्वार्थ के लिए योगीजी को गाली दी तो
उसकी भे @N मे L @ #D दे दूंगा ✍️
@Mahakaal_Dal