रावण रूपी बेरोज़गारी और महंगाई से लोग जूझ रहे हैं
सत्य और असत्य के बीच लड़ाई चल रही है, जिसमें हम सत्य के लिए लड़ रहे हैं और लड़ते रहेंगे
आप भी अपने जीवन में सत्य का साथ दें
@priyankagandhi जी
📍गांधी मैदान रामलीला महोत्सव (लालकिला ग्राउंड), दिल्ली
आखिर राजस्थान की बेटी रितु बराला की FIR दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है और अपनी मांगों को लेकर आवाज़ उठा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठियाँ क्यों बरसाई जा रही हैं?
भाजपा सरकार याद रखे, लाठियों के दम पर हमारी आवाज़ नहीं दबाई जा सकती। इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
सवाल : अब फिर बिल ला रहे हैं सुना है ?
जवाब : इन्होंने असम में परिसीमन किया और वहां कांग्रेस को साफ कर दिया। भाजपा का परिसीमन का मतलब है कि जो एरिया वे जीत सकते हैं, उसे मिला दो। हमारे कांग्रेस के असम में एमएलए 21 हैं , उसमें से 20 मुसलमान हैं मुसलमान की सीटें कम कर दीं और कांग्रेस से लड़ी बाक़ी कम्युनिटी को, 36 कौम को घर बैठा दिया।। देश में यह खतरनाक खेल चल रहा है। राहुल जी और खड़गे साहब इसका विरोध कर रहे हैं। अगर इन्हें परिसीमन का अधिकार मिल गया, तो रूस और चीन की तरह 50-100 साल तक इन्हीं का राज रहेगा। ये ख़तरनाक खेल चल रहा है, उसको बचाने के लिए हम सब की जिम्मेदारी है।
पत्रकार: अकाल की आहट तो अगस्त में शुरू हो गई थी, अभी तक न तो गिरदावरी हुई है न पशु शिविर शुरू हुए हैं, न काम की व्यवस्था है
जवाब : इनके मंत्रियों के बयान आ रहे हैं काम शुरू कर दिए हैं। उनको ज्ञान ही नहीं है कि अकाल-सूखे में क्या स्थिति बनती है। नोटिफिकेशन जारी होता है इनके डिपार्टमेंट से, अकाल राहत विभाग से बाक़ायदा ऑर्डर निकलते हैं तब कलेक्टर जो हैं हरकत में आते हैं। जैसे ही कल मेरा प्रोग्राम बना, कलेक्टर के फ़ोन आ गए कि आप अप्लाई करो चारा डिपो के लिए । कल फ़ोन आने लग गए, दौरे का इतना असर पड़ता है।
सवाल : ये डिजिटल राजद्रोह जैसा चल रहा है, वर्तमान समय में बात करें तो आप एक जननायक के तौर पर माने जाते हो...
जवाब : कार्यकर्ता हूँ, जननायक तो...
पत्रकार: जैसलमेर में डिजिटल राजद्रोह चल रहा है, पंचायतों में जो योजनाएँ आ रही हैं उसके जो है, जैसे एनएमएमएस है, महात्मा गांधी नरेगा योजना का नाम वी बी जी राम जी कर दिया, वो उसका एक अलग क्लोन ऐप बनाकर योजनाओं के पैसे जो हैं निचले स्तर के अधिकारी से लेकर बड़े स्तर के अधिकारी अपनी जेबों में डाल रहे हैं, वो धरातल पर नहीं आ रहे, फ़र्ज़ी है जैसे डिजिटल राजद्रोह हो गया, ऐसा क्यों चल रहा है सर?
जवाब : इनके ये ऐप-वैप सब फर्जी हैं। ये सिर्फ दिखावा कर रहे हैं कि हम हाई-टेक हो गए हैं। देश में कंप्यूटर और इंटरनेट लाकर इसे हाई-टेक बनाने का सपना राजीव गांधी जी का था। वाजपेयी जी तो मैंने सुना उस वक़्त में बैलगाड़ी लेकर आए थे पार्लियामेंट के अंदर कि कंप्यूटर आ गए तो नौकरी चली जाएगी। ये किस मुँह से बातें करते हैं ऐसी? इनकी कोई बातों में दम नहीं है ऐप कैसे बना लो, असली बात है कैसे लोगों को राहत पहुँचे। और वह पहुंचाने सुनिचित करने के लिए हम इनको जवाब दे रहे है !
पत्रकार: ईडब्ल्यूएस (EWS) सरलीकरण का मुद्दा चल रहा है...
जवाब : देश में राजस्थान एकमात्र राज्य था, जहां हमारी सरकार ने EWS का सरलीकरण किया था, तभी लोगों को इसका असली फायदा मिलने लगा। आज जो लोग पूरे राजस्थान में मांग कर रहे हैं, वे चाहते हैं कि यह सरलीकरण केंद्र सरकार की नौकरियों में भी लागू हो।
पत्रकार: पूर्व विधायक की हत्या हो गई...
जवाब : यह बहुत निर्मम और बड़ी घटना है। मैं उनके घर होकर आया हूं। यह मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के गृह जिले की घटना है, फिर भी सरकार को फौरी कार्रवाई करने में तीन दिन लग गए। क्या मुख्यमंत्री को अपने पद पर रहने का नैतिक अधिकार है? उन्होंने आईजी और एसपी को बुलाकर हकीकत तक नहीं जानी।
पत्रकार: पश्चिमी राजस्थान में ओरण भूमि को लेकर लगातार संघर्ष हो रहा है...
अशोक गहलोत: ओरण बहुत वाजिब मुद्दा है। हमारी सरकार के समय भी सोलर और विंड कंपनियां आई थीं। सरकार को चाहिए कि कंपनियों को अन्य जमीनें दे, लेकिन ओरण को संरक्षित घोषित करे। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए है। इसके लिए गांव वाले जयपुर तक पदयात्रा कर रहे हैं; क्या सरकार में इतनी समझ नहीं होनी चाहिए?
पत्रकार: भाजपा आरोप लगा रही है कि विपक्षी आंदोलन विदेशी फंड से हो रहे हैं?
अशोक गहलोत: जब वाजपेयी जी और आडवाणी जी सड़कों पर उतरते थे, तब क्या हमने कभी कहा था कि वे विदेशी ताकतों या धनबल के इशारे पर आंदोलन कर रहे हैं? ये सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं।
पत्रकार: पंचायत चुनावों की क्या तैयारी है? इन्होंने परिसीमन का फायदा तो यहां भी उठाया होगा?
जवाब : प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूरी तरह चाक-चौबंद है। हर स्तर पर पर्यवेक्षक लगा दिए गए हैं। आज सच्चा कांग्रेसी केवल पार्टी के लिए नहीं, बल्कि देश और लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ रहा है। जहां तक परिसीमन का सवाल है जनता चुनाव लड़ेगी, और हम पूरी तरह जनता के साथ खड़े हैं।
"आज देश की जनता बेरोजगारी और महंगाई जैसी रावण रूपी समस्याओं का सामना कर रही है।
इसी के साथ सत्य और असत्य के बीच लड़ाई चल रही है, जिसमें हम सत्य के लिए लड़ रहे हैं और लड़ते रहेंगे।"
- कांग्रेस महासचिव श्रीमती @priyankagandhi जी
📍गांधी मैदान रामलीला महोत्सव (लालकिला ग्राउंड), दिल्ली
प्रदेश की बेटी की FIR दर्ज करनी ही पड़ेगी!
भाजपा सरकार की तानाशाही और सत्ता की गुंडागर्दी नहीं चलेगी। बेटियों के न्याय की आवाज न दबेगी, न झुकेगी!
@INCIndia@INCRajasthan
देश में 2 कानून नहीं हो सकते
अगर गैर-बीजेपी शासित राज्य में FIR दर्ज हो सकती है, तो फिर बीजेपी शासित राज्य राजस्थान में क्यों नहीं?
जब तक रितु बराला की FIR दर्ज नहीं होती, न कांग्रेस पीछे हटेगी, ना न्याय की आवाज़ दबेगी।
📍 जयपुर कमिश्नरेट
NSUI छात्र नेता रितु बराला की जीरो एफआईआर दर्ज न करने पर प्रतिक्रिया :
सवाल : सर डोटासरा जी धरने पर बैठे हैं,एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है जयपुर कमिश्नरेट में :
जवाब : वो बैठे हैं, सोच समझ के बैठे हैं। अगर पुलिस को उन्होंने कहा जीरो-आधारित एफआईआर आप दर्ज करो, केरल में तो हो गई है यहाँ भी आप कर देते । मेरे वक्त में मैंने एक बहुत बड़ा फैसला किया था कंपल्सरी FIR, का , इतना बड़ा फायदा होगा जो गरीब है, दलित है, पिछड़े हैं, उनको थाने में जा के FIR दर्ज करवाने की कोई तकलीफ नहीं आई थी। और थानेदार नहीं करेगा तो एसपी करता , एसपी ऑफिस करता। इतना बड़ा हमने निर्णय किया, इनको पूछो कि तुमने वो हटाया क्यों? हटाने से अब क्या हुआ है? हटाने के बाद में ऐसी स्थिति बन गई है, धक्के खा रहे हैं वहां पर! जिसका रेप हुआ है, उसको कह रहे हैं तुम समझौता कर लो, जिससे रेप किया उससे। तो यह जो स्थिति बनी है, उसी कारण से तमाम तरह से यह गड़बड़ हो रही है।
अगर कंपल्सरी FIR की होती, यह नौबत ही नहीं आती, ना धरना देते, FIR दर्ज हो जाती। तफ्तीश तो पुलिस को करनी होती है ना, FIR दर्ज करने में क्या तकलीफ है? कोई किसी को प्रॉब्लम है, अब कर लीजिए, अगर आपको लगे भई इस FIR में कोई दम नहीं, तफ्तीश आप कर रहे हो, FR लगानी है या चार्जशीट बन सकती है, चार्जशीट पेश करनी है ये बाद की बातें हैं। तो क्यों आपने प्रेस्टीज पॉइंट बनाया और यह स्थिति बनी कि हमें धरना देना पड़ा कांग्रेस वालों को? वो भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं, उनको खुद को धरने बैठना पड़ा, इससे बड़ा दुर्भाग्य की बात क्या होगी? सरकार के दिलों-दिमाग के अंदर विपक्ष के प्रति कोई सम्मान नहीं है! केंद्र में यही हो रहा है, मोदी जी के राज में। अगर सम्मान होता तो राहुल गांधी को, खड़गे साहब को सम्मान मिलता पार्लियामेंट के अंदर भी और बाहर भी। आप देख रहे हो क्या स्थिति है।
अन्याय कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और न्याय की ही होती है।
बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी के पावन पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
अन्याय कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और न्याय की ही होती है।
बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयादशमी के पावन पर्व की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।