सुदर्शन रेड्डी के जज रहते कई निर्णय विवादास्पद रहे हैं।
सुदर्शन ने नक्सलियों के विरुद्ध चल रहे सलवा जुडूम अभियान को 2011 में बैन कर दिया था जिसके कारण नक्सलवाद के विरुद्ध कार्यवाही कई वर्ष पीछे हो गई।
चाहे भोपाल गैस त्रासदी केस को ओपन करने से मना करना हो या इसराइल से हथियार ख़रीद का विरोध, ये सारे कुकर्म सुदर्शन को विपक्ष का लाडला बनाते हैं।
भारत माता के सच्चे सपूत वीर सावरकर जी को उनकी जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की कठोर से कठोर यातनाएं भी मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण भाव को डिगा नहीं पाईं। आजादी के आंदोलन में उनके अदम्य साहस और संघर्ष की गाथा को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं सकता। देश के लिए उनका त्याग और समर्पण विकसित भारत के निर्माण में भी पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।
2 मिनट 27 सेकेंड्स हैं तुम्हारे पास?
तो ये पूरा सुन लो और अगर तुम्हारे ‘सेक्युलर दिमाग़’ को लकवा नहीं मार गया है और ‘गंगा जमुनी बुद्धि’ पूरी तरह अपाहिज नहीं हुई है, तो सोचना ज़रूर!
#PahalgamTerroristAttack#pahalgamattack
एक दशक पहले कहा था, फिर दोहरा रहा हूँ। आज समझो या कल, उपचार बस यही है…😡
“देश बनाएँ या फिर अपने बेटों की लाशें ढोयें ?
इसी कश्मकश में हर जीती बाज़ी हारी जाती है।
एक बात ये दिल्ली वाले आख़िर किस दिन समझेंगे?
कुत्ता पागल हो जाए तो गोली मारी जाती है..!”
#PahalgamTerroristAttack
कह रहीम कैसे निभै, केर बेर को संग…
ये सर्वविदित है कि बिल संसद में पास होने के बाद धरा का कानून बन जाता है।आज वक़्फ़ के समर्थन और विरोध में देश के सारे राजनैतिक दल और विचारधाराएं दो धड़े में बटी हुई हैं, पक्ष हो या विपक्ष इतना तो सभी मानेंगे कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जिन पिता पुत्र कि निर्मम हत्या की गयी, जिनके घर, दुकानें जलायी गयीं, लूटी गयीं, इतना ही नहीं जिन असंख्य हिन्दुओं को औरतों, बच्चों की जान और अस्मिता बचाने के लिए अपना घर, गांव छोड़कर पलायन करना पड़ा उनका वक़्फ़ संशोधन बिल से कोई लेना देना नहीं है, बिल के पास होने में उनकी कोई भूमिका नहीं है, उनको तो ये भी पता नहीं होगा कि ये वक़्फ़ क्या बला है।
आख़िर उनका दोष क्या था? मस्जिद के सामने ‘डीजे’ भी तो नहीं बजा रहे थे! वक्फ़ एक्ट का बहाना लेकर ‘अल्पसंख्यकों’ ने अकारण बिना उकसाये जो सुनियोजित हिंसक हमला किया है, आये दिन ऐसे हमले झेलना अब हिन्दुओं की नियति बन चुकी है। आख़िर हिन्दू कब तक और कहां तक भागेगा? बांग्लादेश से तो ये सोचकर भागे थे कि भारत में सुरक्षित रहेंगे, अब यहां से भागकर कहां जायेंगे?
संसद से लेकर सड़कों तक आये दिन संविधान लहराने वालों को भी याद रखना चाहिए कि संविधान शिल्पी बाबा साहब के संविधान में वक़्फ़ नाम का शब्द कभी था ही नहीं, न ही उनकी परिकल्पना में इसका कोई औचित्य था। हत्या, लूटपाट और बर्बरता ‘काफ़िरों’ के साथ हो रही है, मारने के पहले किसी की जाति नहीं पूछी जा रही है। सबसे बड़ी विडंबना तो ये है कि पिछड़ों और दलितों के तथाकथित स्वयंभू नेताओं की इसपर मुंह खोलने की हिम्मत तक नहीं है।
बिल तो बस बहाना है, मक़्सद ‘काफ़िरों’ को मिटाना है।
धर्मो रक्षति रक्षितः
इकोसिस्टम के नैरेटिव तोड़ने वाली फ़िल्मों के दौर में @actormanojjoshi भाई की नई फ़िल्म “मैच फिक्सिंग” भगवा आतंकवाद का नैरेटिव गढ़ने की पूरी कहानी लेकर आ रही है। ट्रेलर देख कर तो लग रहा है 10 जनवरी को आ रही ये फ़िल्म देखनी पड़ेगी बॉस।
UCC पार लाल क़िले से बोले PM मोदी।
जब PM सुप्रीम कोर्ट का हवाला दे रहे थे तब सामने ही बैठे थे CJI DY चंद्रचूड़। उनका रिएक्शन देखिए।
तो क्या अब यूनिफॉर्म सिविल कोड की तैयारी है?
ताज महल, लाल किला को भी वक़्फ़ बोर्ड की संपत्ति घोषित कर दो!
आपके घर को भी वक़्फ़ सम्पति घोषित कर दें फिर?
इस कोर्ट को भी वक़्फ़ संपत्ति घोषित कर दें फिर?
एक-एक कर के नोटिस क्यों देते हो, एक साथ पूरे भारत को वक़्फ़ सम्पति घोषित कर दो!
: जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट
“मीलॉर्ड” कहाँ हो जनता खटा-खट पुकार रही है?
बाबा रामदेव ने झूठे विज्ञापन दिये तो माफी मांगी?
काँग्रेस ने 1 लाख रुपये के “गारंटी कार्ड” बकायदा गरीबों के नाम भरकर चुनाव से पहले ही बांटे, और लोगों का वोट ले लिया,
तो कांग्रेस पर कार्यवाही क्यों नहीं?
गरीबों को न्याय दो ??
कँगना रन्नौत पर हमला करने वाली नाराज़ थीं
और हाँ
गांधी पर हमला करने वाले पूज्य गोडसे भी नाराज़ थे
इंदिरा पर हमला करने वाले सैनिक भी नाराज़ थे
और सुनो
राजीव वाले लिट्टे तो बहुत ही ज़्यादा नाराज़ थे
ये सभी सम्मानित होने चाहिए✍️
रामपुर पोलिंग बूथ : 100% मुस्लिम मतदाता
कुल वोट पड़े - 2322
BJP को वोट पड़े - 0
इस गांव में PM आवास योजना के तहत 532 आवास दिए गए थे।
सभी 532 आवास मुसलमानों को दिए गए थे।
इसके बावजूद मुसलमानों ने BJP को 0 वोट दिया।
सब यही जानते आए हैं कि सोनिया गांधी जी ने सामने रखे PM पद का 'त्याग' कर दिया था लेकिन Subramaniyan Swami तो दावा कर रहे हैं कि कहानी कुछ और ही है। सुनिए