UPSC 2025 में शेड्यूल ट्राइब के लिए आरक्षित 73 सीटों में 25 सीटों में मीणा कम्युनिटी ने सफलता पाई है,
जो शेड्यूल ट्राइब के लिए आरक्षित सीटों का 34.24 परसेंटेज है।
Note: इसमें संख्या और भी ज्यादा हो ��कती है क्योंकि तमाम लोग मीणा सरनेम के बजाए गोत्र का नाम यूज़ करते हैं।
अरावली बचाओ- देश बचाओ
“अरावली ऊँचाई से नहीं ,
इतिहास से पहचानी जाती है ।
संरचना से नहीं ,
सभ्यता से जुड़ी है ।।”
अरावली सिर्फ़ भूगोल नहीं ,
हमारा अस्तित्व इससे जुड़ा है .
यहाँ शौर्य और स्वाभिमान की मिसाल है।
#savearavali#AravaliProtection#aravalibachao
उनियारा थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए नकली भारतीय मुद्रा बेचने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड दिनेश कुमार मीणा को गिरफ्तार किया है।
इंस्टाग्राम आईडी Indian_Fake_Currency_17 के जरिए कम कीमत में फेक नोट देने का लालच देकर ठगी की जा रही थी।
एसपी राजेश कुमार मीना के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के चार अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ सख्त संदेश है।
सोचिए, 1250 रु. की क्या कीमत होगी?
इतनी छोटी सी मंथली रकम के लिए कोई कब दिव्यांग जैसा स्टेटस लेना पसंद करेगा?
लेकिन हमारा सिस्टम भी क��तना कमजोर है कि गांव के गांव दिव्यांग बन जा रहे हैं।
सरकारी काम कैसे होते हैं?
इस हैंडपंप को देखिए और इसके आस-पास की सजावट को देखिए।
यह टार्गेट पूरे करने और साज-सज्जा की तस्वीरों से आगे नहीं बढ़ पाते। पैसा खर्च होता है लेकिन लोगों ��ो फायदा असल में मिल रहा है या नहीं, किसी को नहीं पड़ी है।
अगर सनी देओल इस हैंडपंप को देख लें तो इस उम्र में भी इसे उखाड़ फेंकने को मचल जाए।
ग्राम पंचायत कंवरपुरा ( मंड )
विधानसभा क्षेत्र खानपुर (झालावाड़)
@RajCMO @DmJhalawar
कैंसर एक ऐसी बीमारी ने जिसने करोड़ो घर तबाह किए हैं ।
सिर्फ मरीज ही नहीं बल्कि मरीज के परिवारों को ।
दवाइयों का खर्च वहन करत�� करते लोग टूट जाते हैं ।
और कैसे नहीं टूटेंगे अगर 600 रुपये की दवाई पर सरकार ने छूट दे रखी है 12000 रुपये MRP रखने की ।
जी हाँ ।
दवाई है Paclitaxel ।
रिटेलर खरीदते हैं 600 में और MRP है 12000.
एक मरीज को कई बार 20-30 vial की ज़रूरत पड़ती है ।
और ये कोई एक दवाई की बात नहीं ।
कीमोथेरेपी की ज़्यादातर दवाइयों का यही हाल है ।
200% मार्जिन भी समझ में आता है लेकिन 1900% margin??
वो कैंसर जैसी बीमारी में , जिसका इलाज वैसे भी काफ़ी लंबा चलता है??
ग़रीब तो मर ही जाएगा ना?
ये तो ठीक नहीं हैं ना साहब ?
@PMOIndia
यह दलितों का सबसे बड़े दुश्मन है…
आईएएस के नाम पर तो कलंक ही है
समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है
संतोष वर्मा आरक्षण से नौकरी पाने के बाद आरक्षण से प्रमोशन लेकर आईएएस अधिकारी बना है। अब वह मध्यप्रदेश एससी-एसटी अधिकारी कर्मचारी संगठन का अध्यक्ष बना है और अध्यक्ष बनते ही जो पहला बयान दिया है वह उसकी कुंठित और गंदली सोच को दिखाता है। संगठन के प्रांतीय अधिवेशन में आरक्षण की वकालत कर रहा है। यह उसका हक है। जरूर करे। लेकिन वह कह रहा है कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे, या उससे संबंध न बना दे, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।
यह घटियापन की पराकाष्ठा है। संतोष वर्मा को यह बोलना किसने सिखाया है? ��ईएएस अफसर ��से होते हैं क्या? आईएएस अफसरों को ऐसी ट्रेनिंग दी जाती है क्या? आईएएस का पद कोई छोटा-मोटा पद होता है क्या? देश की सर्वोच्च सेवा में ऐसे घटिया सोच के अफसर होते हैं क्या? मेरे दिमाग में तो आईएएस अफसरों की एक विशिष्ट छवि रही है। ऊंचे विचार और परिष्कृत सोच। मैं समझता था, जहां तक आम आदमी सोच पाता है, उससे कुछ आगे जाकर तो उनकी सोच शुरू होती होगी। लेकिन इसकी सोच तो रोड छाप दो कौड़ी के जातिवादियों जैसी ही ��ै।
मैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग करता हूं कि इस अफसर को बर्खास्त करें। यह आईएएस के पद पर तो क्या, नौकरी में रहने के लायक ही नहीं है। अगर इतनी गंदी और कुंठित जातिवादी सोच यह आदमी रखता है, तो अपने पद के साथ क्या ही न्याय कर पाता होगा? ऊपर से कर्मचारियों के संगठन का अध्यक्ष होकर अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों को भी भड़काता ही होगा। आपको आरक्षण का लाभ मिला है। लीजिए। नौकरी कीजिए। राजनीति में आइए। आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़िए और अपने परिवार, समाज और देश का भला कीजिए। कौन रोक रहा है? कौन रोक सकता है? कौन आरक्षण को खत्म कर रहा है। यहां तो बढ़ाने की ही बातें हो रही हैं। लेकिन इस तरह का जातीय जहर तो मत फैलाइए।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कहां है? मध्यप्रदेश का विपक्ष कहां है? एक राजकीय अधिकारी द्वारा ऐसे गैर-जरूरी बयान पर कितने नेताओं ने आपत्ति दर्ज करवाई है? अगर नह��ं करवाई है तो क्यों नहीं करवाई है? जवाब दीजिए।
सरकारी अधिकारियों के लिए कोड ऑफ कंडक्ट कहां है? क्या है? कौन पालन करवा रहा है? कौन निगरानी कर रहा है? कोई कर रहा हो तो जवाब दीजिए।
और यह बकवास तत्काल बंद कीजिए।
@DrMohanYadav51 @jitupatwari @Barmer_Harish
आरोप है कि इस जेनेरिक सिरप को पीने के बाद दो बच्चों की जान चली गई . साथ ही कम से कम 10 अन्य बच्चों को गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया है.
रिपो��्ट्स के मुताबिक एक डॉक्टर ने सिरप को सेफ साबित करने के चक्कर में खुद ही इसे पी लिया, लेकिन वो भी बेहोश हो गए.
https://t.co/XmzrC5wE5J