राजस्थान के अलग-अलग जिलों से आ रही इन खबरों से स्पष्ट है कि भाजपा सरकार बेरोजगारी भत्ता योजना को भी बाकी योजनाओं की तरह अनौपचारिक रूप से बंद करने के रास्ते पर है। प्रदेश के करीब 2 लाख बेरोजगार युवा 7 महीने से मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत मिलने वाले 4,000 रुपए के भत्ते के लिए तरस रहे हैं, 17 जिलों में तो मार्च तक की ही राशि पहुंच पाई है।
चुनाव से पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खुद गारंटी दी थी कि कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं बंद नहीं होंगी। आज वही "मोदी की गारंटी" दम तोड़ती न��र आ रही है, योजनाओं को औपचारिक रूप से बंद करने की हिम्मत नहीं, इसलिए भुगतान रोककर चुपचाप खत्म किया जा रहा है।
यह लापरवाही नहीं, बेरोजगार युवाओं के साथ खुला विश्वासघात है। जो सरकार खुद प्रधानमंत्री की दी गई गारंटी तक नहीं निभा सकती, वह बेरोजगार हितैषी होने के दावे किस मुंह से करती है? सरकार तुरंत सभी बकाया भत्ते जारी करे और सुनिश्चित करे कि आगे समय पर भुगतान हो।
फसल बीमा योजना का यह आंकड़ा हैरान करने वाला है। पिछल��� दो साल में देशभर के 73 लाख किसानों ने फसल बीमा छोड़ दिया, इनमें से अकेले राजस्थान के 6.79 लाख किसान शामिल हैं। प्रीमियम भरने के बावजूद नुकसान होने पर क्लेम न मिलना और सर्वे-औसत की उलझी गणना में फंसे रहना, यही किसानों की सबसे बड़ी शिकायत है।
नुकसान खेत में होता है, लेकिन मुआवजा क्षेत्र की औसत उपज से तय होता है, यही इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी खामी है। कोई किसान पूरी फसल गंवाकर भी सिर्फ 2.30 रुपए का क्लेम पाता है, तो कोई पूरे पौधे खराब होने पर भी बीमा से वंचित रह जाता है। इसी साल का ही राजस्थान में 205.52 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम अटका हुआ है। इससे पहले के सालों की स्थिति भी अच्छी नहीं है।
किसान शुरू से ही यह आरोप लगाते रहे हैं कि यह योजना किसानों से ज्यादा बीमा कंपनियों के फायदे की योजना है, आज के ये आंकड़े उनकी उस आशंका को सही साबित कर रहे हैं। अगर योजना में कोई कमी रह गई है तो सरकार को उसे ठीक करने में क्या परेशानी है?
भाजपा सरकार को तुरंत फसल बीमा की गणना पद्धति में सुधार करना चाहिए, ताकि किसान का असली नुकसान असली मुआवजे में बदले, कागजी औसत में नहीं।
CAG की रिपोर्ट ने भाजपा सरकार की एक और शर्मनाक हकीकत विधानसभा के सामने उजागर कर दी ��ै। बच्चों, बालिकाओं और महिलाओं के लिए चल रही 37 में से 21 योजनाओं में जमीन पर एक रुपया तक खर्च नहीं हुआ। 1 करोड़ से ज्यादा बच्चों, छात्राओं और महिलाओं के लिए 3 हजार करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ, लेकिन खर्च शून्य रहा।
कालीबाई भील स्कूटी योजना में 21.61 करोड़, माँ बाड़ी केंद्रों के निर्माण में 6 करोड़, राइट टू एजुकेशन में निजी स्कूल फीस भरपाई के 55.31 करोड़ रुपए तक खर्च नहीं हुए। कॉलेज छात्राओं और महिलाओं की ��भी 9 योजनाओं में तो एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ, चाहे लाड़ली सुरक्षा योजना हो या परित्यक्ता महिला पेंशन योजना। इन सबका सीधा नुकसान बच्चों और महिलाओं को हो रहा है, पर भाजपा सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है।
भाजपा सरकार कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई गईं इन जनहित की योजनाओं को अनौपचारिक रूप से बंद करने के रास्ते पर है। सत्ता में आते समय जिन योजनाओं को खुलेआम बंद करने की हिम्मत नहीं दिखाई, दुखद आश्चर्य है कि उन योजनाओं के लिए बजट घोषणा करने के बावजूद बजट खर्च क्यों नहीं किया जा रहा है। यह लापरवाही नहीं, बच्चों, बेटियों और महिलाओं के साथ धोखा है।
राजस्थान में भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार इतना बढ़ चुका है कि कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए निशुल्क दवा के रूप में दिया जाने वाला इंजेक्शन दिल्ली में ब्लैक मार्केट में बेचा जाता हुआ पकड़ा गया। इस एक इंजेक्शन की कीमत करीब 1 लाख रूपये है जिसे सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है। यह बेहद गंभीर मामला है जिसमें सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
इससे पहले उड़ान योजना के निशुल्क सैनिटरी नैपकिन, बाल गोपाल योजना के निशुल्क दूध पाउडर की भी कालाबाजारी पकड़ी गई परन्तु सरकार ने कोई सख्त कार्रवाई या उच्च स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की जिससे भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है।
अब जनता भी महसू��� कर रही है कि भाजपा सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और जनहित की योजनाओं को दीमक की तरह खाते जा रही है। इस भ्रष्ट सरकार को अब जवाब देने का समय आ गया है।
अब क्या ही बोले 🤔🤔🤔🤔
लोकल चुनाव में युवाओं से उम्मीद है इस पोस्टर का जवाब जरूर दिया जाएगा ।
जोड़कर देखे -1.78 लाख + 51427 + 81023 +70031 =???
एक लाख का कैलेंडर जारी किया जिसमे से 81023 बाकी है बजट घोषणा का वर्गीकरण तक नहीं हुआ फिर भी आंकड़ा आर पार 🙏🙏🙏
बीजेपी का कोई भी नेता इस गणित को समझा दे तो मीडिया या ओपन डिबेट के लिए युवाओं की तरफ़ से हम तैयार है 🤔🤔🤔🤔🤔🤔
झूठ पर झूठ इस लेवल का भगवान सब देख रहा है
@RavindraBhati__ मेरे को नहीं लगता कि आपके कहने से सरकार फॉर्म रीओपन कर देगी।
आपको जब ही द���दार विधायक मानेंगे जब फॉर्म रीओपन हो जाए और परीक्षा तिथि आगे बढ़ जाए। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो फिर आपकी विधायकगिरी का कोई मतबल नहीं है। फिर तो आपसे अच्छा हम आम लोग ही सही है 🙏
युवाओं द्वारा एक महत्वपूर्ण विषय मेरे संज्ञान में लाया गय�� है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित द्वितीय श्रेणी (वरिष्ठ अध्यापक) शिक्षक भर्ती परीक्षा में 4,037 पदों की वृद्धि की गई है। पूर्व में कुल 6,500 पद थे, जो अब बढ़कर 10,537 हो गए हैं। यह वृद्धि 50 प्रतिशत से भी अधिक है।
पूर्व निर्धारित नियमों एवं परंपराओं के अनुसार जब किसी भर्ती में 50 प्रतिशत से अधिक पद बढ़ाए जाते हैं, तो अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान करने हेतु आवेदन प्रक्रिया पुनः खोली जाती रही है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने प्रक्रियाधीन भर्ती में 100 प्रतिशत पद वृद्धि की व्यवस्था लागू की थी लेकिन वो उक्त विज्ञप्ति जारी होने के बाद लागू हुआ था।
ऐसे में हजारों युवाओं की यह मांग पूरी तरह न्यायोचित है कि इस भर्ती में भी आवेदन प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की जाए, ताकि अधिक से अधिक बी.एड. कर चुके पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर मिल सके। साथ ही, इतनी बड़ी संख्या में पद बढ़ने के बाद अभ्यर्थियों क�� परीक्षा की समुचित तैयारी के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाना चाहिए।
अतः प्रदेश सरकार से विनम्र आग्रह है कि युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार आवेदन प्रक्रिया पुनः खोली जाए तथा परीक्षा तिथि जो जुलाई माह में ही है पर पुनर्विचार कर अधिक से अधिक युवाओं को समान अवसर प्रदान किया जाए।
@RajCMO
@dsssbofficial DSSSB TGT (Post Code: 808/24) के अभ्यर्थी लंबे समय से अपने परिणाम का इंतज़ार कर रहे हैं।
परीक्षा हुए काफी समय बीत चुका है, इसलिए विभाग से अनुरोध है कि आज ही रिजल्ट जारी कर युवाओं को राहत दें।
@dsssbofficial@LtGovDelhi
मासूम बच्चे और उनके माता-पिता की गाढ़ी मेहनत की कमाई का पैसा लूटने वाले कुछ कोचिंग सेंटर के सेलिब्रिटी टीचर्स आज भाड़े के वीडियो बना बनाकर ज्ञान दे रहे हैं। सार्वजनिक रूप से महिलाओं को गाली देने वाले, उनकी नक़ल उतारने वाले ये छिछले यूट्यूबर बच्चों की कड़ी मेहनत पर अपनी दुकान सजाते हैं। असल हीरो बच्चे हैं, ये माँ बाप की मेहनत की कमाई के लुटेरे कितना भी कूदें, देशभर के बच्चों को live जोड़कर हमने पेपर लीक के पिड़ित बच्चों को आवाज़ दी तो इनके स्टारडम को बड़ा धक्का लगा है! शिक्षा को धंधा बनाने वालों को दर्द हो तो अच्छा है।वैसे कोचिंग माफिया के खिलाफ मेरा विडियो वायरल करने के लिए धन्यवाद! मेरे शो पर सभी panelist ने बोला कि कोचिंग माफिया पर नकेल कसी जाए।
DSSSB TGT Sanskrit (808/24) के अभ्यर्थी लंबे समय से अपने परीक्षा परिणाम का इंतज़ार कर रहे हैं।
मानसिक तना�� बढ़ता जा रहा है।
हमारी उपेक्षा बंद हो!
संस्कृत का परीक्षा परिणाम 'आज ही' जारी करो!
@dsssbofficial
@LtGovDelhi
@CMODelhi
#releasetgtresults