देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
CCTV shows UP Dalit man in custody dies outside lockup
In UP's Badaun, a dalit man identified as Rajesh was picked up by police in a case of altercation at a "Bhandara". He later died in the police custody. A CCTV shows Rajesh collapsed as two cops attempted to revive him. He was later rushed to hospital where he was declared brought dead.
Savarna journalists have no shame. 🤡
Navika Kumar is shamelessly spewing hate against SC, ST and OBC reservation in the name of some official survey.
Times Now posted a poll on Twitter asking about the quota, and 17 people from its office voted. She calls it a survey. Sick.
इसका नाम प्रतीक त्रिपाठी हैं, गोरखपुर जिले में इसका बाप पूर्वांचल सेंट्रल एकेडमी गर्ल्स इंटर कॉलेज चलाता हैं,
ये शराब पी कर स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों से शारीरिक संबंध बनाने की मांग करता हैं, कहता हैं कि मैं ब्राह्मण हूं ले लूंगा तो क्या हो जाएगा।
वायरल कॉल रिकॉर्डिंग में एक लड़की से कह रहा हैं कि मैं तुम्हारा पढ़ाई का सारा खर्चा उठाऊंगा, कब तक गांव में पढ़ोगी आकर गोरखपुर में पढ़ना,
लड़की से कहता हैं कि तुम्हे आगे बढ़ना है कि नहीं , बढ़ना है तो मेरे साथ करना होगा ,
लड़की कहती हैं कि मुझे पढ़ना है लेकिन ये सब करके नहीं पढ़ना है।
ऑडियो समाने आने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल के प्रबंधक और उसके बेटे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज़मीनी हकीकत और हमारा अधिकार
यह एक बेहद कड़वी सच्चाई है कि इक्कीसवीं सदी के इस आधुनिक दौर में भी जातिवाद हमारे समाज की रगों में एक धीमे ज़हर की तरह दौड़ रहा है। ज़मीनी हकीकत यह है कि आज भी गाँवों की सीमाओं के बाहर हमारी अलग बस्तियां हैं, और शहरों में पूरे पैसे होने के बावजूद हमें कई कॉलोनियों में मकान या फ्लैट देने से अघोषित रूप से मना कर दिया जाता है। मंदिरों की पंगतियों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह जाति हमारी योग्यता और हमारे इंसान होने पर हावी कर दी जाती है। हम हर मुद्दे पर स्वस्थ संवाद और चर्चा के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर मीम्स की आड़ में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी का अपमान और आरक्षित समाज के बच्चों के साथ हो रहा जातिगत भेदभाव किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह महज़ कोई पुरानी कुरीति नहीं, बल्कि एक सोची-समझी व्यवस्था है जो समाज के एक बड़े हिस्से को जानबूझकर मुख्यधारा और सम्मानजनक जीवन से आज भी दूर रखे हुए है।
इसी अदृश्य लेकिन मज़बूत दीवार को तोड़ने के लिए आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार और प्रतिनिधित्व का एकमात्र हथियार है। लोकतंत्र में आपको जो चाहिए वह ज़रूर मांगें; यहां तक कि हमने भी EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग) की आर्थिक सीमा बढ़ाने की मांग का समर्थन किया है। लेकिन किसी और को जो अधिकार मिल रहा है, उसे छीनने की मानसिकता ठीक नहीं है। जब तक समाज में यह जातिगत भेदभाव ज़िंदा है, तब तक न केवल सरकारी बल्कि प्राइवेट सेक्टर (निजी क्षेत्र) में भी आरक्षण लागू होना ही चाहिए। जो लोग वातानुकूलित (AC) कमरों में बैठकर आरक्षण खत्म करने की वकालत करते हैं, उन्हें ज़मीनी हकीकत समझकर ही चर्चा करनी चाहिए। हमारी स्पष्ट चुनौती है पहले आप ज़मीन पर उतरकर, गाँवों और शहरों से इस सड़ी-गली जाति व्यवस्था को जड़ से खत्म करने का काम करें। जिस दिन इस देश से जाति और उसके आधार पर होने वाला भेदभाव पूरी तरह मिट जाएगा, हम खुद आगे बढ़कर अपना आरक्षण छोड़ देंगे।
चलो मान लिया आरक्षण आर्थिक आधार पर हो गया;
अब जब एक गरीब OBC का बच्चा और एक गरीब Gen का बच्चा दोनों इंटरव्यू देने जाएंगे तो वहां बैठे जातिवादी द्रोण उन दोनों में से किसे चुनेंगे?
निश्चित रूप से उनका झुकाव अपनी जात की तरफ होगा, जैसा अक्सर देखा भी जाता है
इसलिए देश में समस्या आरक्षण नहीं बल्कि समस्या ऊंचे पद पर बैठा वो जातिवादी द्रोण है...!!
Must Repost & Tag🖐️🚨
@azamgarhpolice
सर, उक्त व्यक्ति अभय पांडे जो "गांव जफरपुर थाना सिधारी" का निवासी है
इसके द्वारा "बाबा साहब अंबेडकर जी" के प्रति बेहद अभद्र पोस्ट प्रसारित की जा रही है,जो निंदनीय कृत्य है
तत्काल मामले को में संज्ञान लेकर आरोपी को गिरफ्तार करे @Uppolice
ये पत्रकार है। आरक्षण हटाओ अभियान चला रहा है। जाति से भूमिहार ब्राह्मण है। सोचिए सैनिक स्कूल से पढ़ने के बाद ये हालत है। जातिवाद कितना खतरनाक होता है इस वीडियो से जानिए।
जातिवादियों में कोई मेरिट नहीं होती। ये रट्टू टोटो का इतिहास ऐसा ही रहा है। जब पूरी दुनिया लिख रही पढ़ रही थी तब ये गपोड़े ख़ुद की पीठ सहला रहे थे की इनको लिपि से विश्वविद्यालय से मतलब नहीं ये मुंह से गपोड़ कर पढ़ाई करते है।
रिपोस्ट 🫵 😡😡
कोरी चमार को आगे बढ़ने नहीं देंगे ,जूता मारके आरक्षण खत्म कराएंगे वीडियो ,उत्तर प्रदेश जिला जालौन का बताया जा रहा हे @Uppolice@jalaunpolice तत्काल एक्शन लें ओर कड़ी कार्यवाही करें
सोचों 3000 साल तक हमारे पूर्वज लोग #OBC#SC#St के लोग , कैसे कुछ लोगों के मंदिर और शिक्षा पर 100% Reservation for 3000 years को सहन करते रहे होंगे , कितनी बुरी स्तिथि रहीं होगी