प्रोफेसर जीडी अग्रवाल!
IIT रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पर्यावरण में Ph.D. और आईआईटी कानपुर के HOD रहे!
चाहते तो विदेश में ऐश की जिंदगी जी सकते थे लेकिन उन्होंने इस देश के कृतघ्न लोगों के लिए लड़ना चुना।
न जाने क्यों उनका दिमाग फिरा कि इस देश को बचा लें तो वह गंगा को बचाने के लिए अनशन पर बैठ गए।
लेकिन हमें गंगा थोड़े ही बचानी थी, हमें तो गंगा के नाम पर चल रहे धंधे को बचाना था! नतीजा? 111 दिन के अनशन के बाद उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।
इस महान विचारक की शहादत इस देश के दलाल मीडिया, उन्मादी लोगों और खोखले राष्ट्रवाद के शोर में बस एक छोटी सी खबर बनकर दब गई।
मुख्यधारा का मीडिया धार्मिक ध्रुवीकरण और राजनीतिक नूराकुश्ती बेचने में व्यस्त रहा और इस व्यवस्था ने उन्हें चुपचाप निगल लिया।
हम सब मरेंगे क्योंकि हमने कभी सही लोगों को नहीं पहचाना। हम बस दलालों को सिर आंखों पर बिठाते रहे और देश को बचाने निकला एक सच्चा इंसान घुट-घुट कर चला गया।
‘बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ बोलते हैं,
मणिपुर की बेटी, भारत की नहीं है क्या?’
Pain in Her Voice 💔
She is making an appeal to the Prime Minister @narendramodi
Manipur Files‼️ Full Documentary Streaming on @TheNewspinch YouTube Channel
@epanchjanya Ye tonik dekhe hi to janta ko ye log bekuf bna rahe hai santa me khud bethe hai
Kuch bhi bkhna or en hutiyo ki bat andhbhakt man bhi lete hai
अयोध्या के चढ़ावा कांड से बहुजनों को क्या शिक्षा मिलती है,
शिक्षा यही मिलती है कि
बाबा साहब ने हमें संविधान का रास्ता दिखाया था,
मंदिर का नहीं,
मंदिर में चढ़ावा चढ़ाओगे, मनुवाद मजबूत होगा,
संविधान के रास्ते पर चलोगे, लोकतंत्र मजबूत होगा,
हमें लोकतंत्र मजबूत करना है, मनुवाद नहीं,
बहुजनों संविधान मजबूत करो
मंदिर और चढ़ावा के चक्कर में मत पड़ो,
Hey @grok इस पूरी खबर को चश्मा लगाकर पढ़,
और फिर भारत के लोगों को हिन्दी में बता कि
तीन भारतीयों की स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मूज में हत्या करने के बाद क्या अमेरिका उल्टा भारत को ही धमका रहा है या नहीं,
बता, हिन्दी में बता,
बड़वानी के 'दशरथ मांझी'...150-फीट ऊंचा पहाड़ काटकर बना रहे रोड: नेता-अफसरों से सिर्फ वादे मिले तो गांववालों ने उठा लिए कुदाली, फावड़े
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