इनकी पीड़ा वाजिब है!
इनको शिक्षा के अलावा अन्य सभी दायित्वों से मुक्त करने का अब वक़्त आ गया है !
इनको प्रशासनिक दायित्व जैसे प्रिंसिपल, चिकित्सालय अधीक्षक,हॉस्टल वार्डन और राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं MNDY, MNJY का सुपरविजन जैसे ग़ैर शैक्षिक दायित्व पकड़ा दिए गए हैं, इनके साथ ही प्राइवेट प्रैक्टिस के चलते राज्य के मेडिकल कॉलेज़ों में चिकित्सा शिक्षक अपने कार्य दायित्व की मूल भावना के अनुरूप UG छात्रों और PG चिकित्सकों को अच्छे से पढ़ा नही पा रहे हैं। यह बहुत ही पीड़ादायक स्थिति है और उन्होंने अपने इस ज्ञापन से अपने मन की इस पीड़ा को आज सार्वजनिक भी कर दिया है, ज्ञापन को पढ़ कर प्रतीत होता है कि इससे इनका मन भी बहुत व्यथित है। इस स्थिति में यह कहना भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि प्रदेश में इसी कारण से एलोपैथी चिकित्सा पद्धति की “भ्रूण-हत्या” हो रही है और राज्य में बन रहे नये चिकित्सकों को चिकित्सा शिक्षकों के प्राइवेट प्रैक्टिस और अन्य दायित्वों में व्यस्त रहने के कारण वांछित शिक्षा और ज्ञान मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिसके गंभीर परिणाम आगामी दशक में हमारे सामने आयेंगे !
साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि चिकित्सा शिक्षकों को निजी प्रैक्टिस की छूट के कारण ना चाहते हुए भी चिकित्सा शिक्षक निजी प्रैक्टिस में उलझे रहते हैं, जिसके चलते सरकारी मेडिकल कॉलेज चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सक की समय पर उपलब्धता नहीं मिलने के कारण प्रतिदिन सैंकड़ों मरीज़ असमय काल गति को प्राप्त हो रहे हैं ।
अब समय आ गया है कि केंद्र और दिल्ली सहित अन्य राज्यों के मेडिकल शिक्षकों के लिए लागू नियमों और प्रचलित व्यवस्था के अनुरूप राजस्थान राज्य में भी तत्काल मेडिकल शिक्षकों के लिए अनिवार्य NPA का नियम सृजित कर उनको पूर्णत शैक्षणिक कार्य का ही दायित्व देना चाहिए ताकि वो सब चिकित्सा शिक्षा के प्रति समर्पित रहें । जिसका उल्लेख आज उदयपुर के चिकित्सा शिक्षकों ने मुखर हो कर अपने ज्ञापन में किया है !
इनकी मंशा के अनुरूप प्रिंसिपल, चिकित्सालय अधीक्षक और हॉस्टल वार्डन जैसे ग़ैर शैक्षिक दायित्व अब चिकित्सा अधिकारियों ग्रुप -2 के सुपुर्द कर सभी चिकित्सा शिक्षकों को इन प्रशासनिक दायित्वों से मुक्त कर देना चाहिए ताकि वो अपना पूरा फोकस नव चिकित्सकों के भविष्य निर्माण में लगा सकें।
निश्चित ही इस क्रांतिकारी कदम से राज्य में चिकित्सा शिक्षा का स्तर अपना सर्वोच्च मुक़ाम हासिल करेगा और राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन करने वाले स्टूडेंट्स अपनी शिक्षा और स्किल के बल पर राज्य का नाम पूरे देश में रोशन करेंगे।
🙏
डॉ अजय चौधरी
अध्यक्ष, अरिस्दा
@arvindchotia@8PMnoCM@rpbreakingnews@1stIndiaNews@sarkari_doctor@pantlp@zeerajasthan_ @Tv18Rajasthan
As #India wins it's 9th #SAFFChampionship more than the winning movement I am cherishing how the crowd is embracing the win along with the team by singing Vande Matram and cheering them further... Something that we do not witness often...
समस्त प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं
डॉ बलवंत मण्डा
सयुंक्त सचिव राजस्थान,
जिलाध्यक्ष, जोधपुर
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ
(अरिस्दा )
सयुंक्त सचिव
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जोधपुर
समस्त देशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाए।
डॉ बलवंत मण्डा
सयुंक्त सचिव राजस्थान,
जिलाध्यक्ष, जोधपुर अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ
(अरिस्दा )
कोविड अभी गया नहीं है। कोविड के मामले फिर से देशभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी विषय पर बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार में छपा संपादकीय एवं इसका हिन्दी सार आपके साथ साझा कर रहा हूं।
जिले में बूस्टर डोज अभियान का जिला स्तरीय आगाज शहर के UCHC रेजिडेंसी से शहर विधायिका श्रीमती मनीषा जी पंवार ने किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं बूस्टर डोज लगवा कर आमजन को संपूर्ण वैक्सीनेशन करवाने का संदेश दिया।
@ashokgehlot51 @CmhoIECJodhpur @Manisha77410945
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत का गंभीर मरीजों के लिए एक और संवेदनशील निर्णय,
बार-बार पंजीकरण से मुक्ति, ईलाज हुआ पहले से अधिक आसान
#Chiranjeevi
@ashokgehlot51ji
@CmhoIECJodhpur
@JodhpurDm
#Jodhpur भामाशाह श्री मूलचंद पालीवाल ने सामाजिक सरोकार का अनूठा उदारहण पेश करते हुए अपने माता-पिता की स्मृति में पीएचसी के लिए जमीन दान देकर जनहित में सुपुर्द करने पर हार्दिक आभार।
@ashokgehlot51 @CmhoIECJodhpur @JodhpurDm