शक्तिशाली क्षत्रिय राजा से ब्रह्मर्षि विश्वामित्र बनने ���ा सफर बहुत कम हिंदू युवाओं को मालूम होगा? अपनी ऋषि परंपरा को जानिए, हमसे जुड़िए—
विश्वामित्र प्राचीन काल में एक शक्तिशाली क्षत्रिय राजा थे। वे कन्याकुब्ज (कन्नौज) के राजा कुशनाभ के पुत्र राजा गाधि के पुत्र हैं। वो अपने पराक्र��, सैन्य शक्ति तथा स्वाभिमान के लिए प्रसिद्ध थे।
एक बार उनका सामना महर्षि वशिष्ठ से हुआ, जहाँ कामधेनु गाय को लेकर हुआ विवाद उनके जीवन का निर्णायक मोड़ बन गया। इस घटना में विश्वामित्र जैसे महान राजा की हार ने विश्वामित्र को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर शारीरिक बल और राजसत्ता से भी बड़ी कोई शक्ति है तो वो है तप और ब्रह्मबल। इसी बोध ने उनके भीतर वैराग्य उत्पन्न किया और उन्होंने राज्य, वैभव त���ा अहंकार का त्याग कर तपस्या का मार्ग अपनाया।
साधु बनना उनके लिए आसान नहीं था। क्षत्रिय स्वभाव, क्रोध और राज पाठ बार-बार उनकी साधना में बाधा बने। वर्षों की कठोर तपस्या के दौरान वे कई बार विचलित हुए, लेकिन हर पतन के बाद और अधिक दृढ़ ��ोकर उठे। उन्होंने अपनी इच्छाओं, क्रोध और आत्मगौरव पर विजय पाई। अंततः उनके तप, संयम और आत्मसंशोधन से देवताओं ने भी उनकी तपस्या को स्वीकार किया और वे राजर्षि से ब्रह्मर्षि विश्वामित्र कहलाए।
विश्वामित्र जी का जीवन इस सत्य का प्रतीक है कि संत होना जन्म या जाति से नहीं, बल्कि सतत साधना, त्याग और आत्मपरिवर्तन से प्राप्त होता है। विश्वामित्र जी ने तपस्या शुरू कर, काम, क्रोध मद, लोभ, मोह पर विजय प���कर महर्षि का पद प्राप्त किया। आज भी इनका जीवन वो समस्त मानवता के लिए पथ-प्रदर्शक है
पॉजिटिव पॉइंट यही है पूरे सिस्टम को हिलाकर रखने वाले वकील साहब खुद में भी सक्षम हैं।
वर्तमान समय में कोई भी अपर कास्ट का व���यक्ति समाज के लिए रिस्क नहीं लेना चाहता है, कारण यह समाज सोशल मीडिया से बाहर नहीं निकलता। धीरे धीरे चेतना आएगी
@Adv_Anil_Mishra हम सभी आपके साथ हैं।
परिषद परिवार जिला इकाई पन्ना का होली मिलन समारोह सम्पन्न
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अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के विशेष संयोजन में आज रंगपंचमी के पावन पर्व पर बगराजन देवी धर्मशाला में शायम ठीक 07:00 बजे विप्र वंधुओं का होलीमिलन कार्यक्रम विधिवत सम्पन्न हुआ|
भैया राजेश पांडे जी को बांदा का जिला अध्यक्ष बनाए जाने की बहुत-बहुत शुभकामनाएं आशा ही नहीं अपितु विश्वास है कि आपके नेतृत्व में संगठन नई ऊंचाइयों को छूएगा बहुत-बहुत बधाई !!
💐 जय श्री परशुराम
#मालवा_प्रान्त#मध्य_प्रदेश के प्रांताध्यक्ष आदरणीय पण्डित प्रदीप द्विवेदी जी को हार्दिक शुभकामनाएं बधाइयाँ💐🙏
आप इंदौर जिले निवासी है।
आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि द्विवेदी जी के नेतृत्व में परिषद मालवा प्रान्त में अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में पूर्णतया सफल होगी।
@AbbepMp
@ABBEPJAGAT@ABBEPCHITRAK00T बाजीराव पेशवा, मराठा साम्राज्य के एक महान सेनानायक और पेशवा थे। उन्होंने 1720 से 1740 तक मराठा साम्राज्य के चौथे छत्रपति शाहूजी महार���ज के पेशवा (प्रधान मंत्री) के रूप में कार्य किया. बाजीराव अपने कुशल नेतृत्व और रणकौशल के लिए जाने जाते थे।
@ABBEPJAGAT @AbbepMp
@Bajiravape1203
सहस्त्राब्दी के सबसे सफल सेनानायक, 41 मे से 41 युद्ध जीतने वाले, भारत से मुगल, पुर्तगाली, फ्रांसीसी, निजाम, सुल्तान एवं अंग्रेज सत्ता के दांत खट्टे करने वाले, अजेय योद्धा, पराक्रम, त्याग और धर्मनिष्ठा के प्रतीक, पेशवा श्रीमंत बाजीराव बल्लाळ भट्ट जी की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। @VoiceOfBrahmins@bstvlive@ShubhamShuklaMP@The___brahmans
याद रहे- अटक से कटक तक भगवाध्वज फहराने वाली हिन्दवी स्��राज की सेना का नेतृत्व करने वाले "जो जीता वह सिकन्दर नही वह तो कई युद्ध हारा वास्तव मे "जो जीता वह श्रीमन्त पेशवा बाजीराव" के जन्मदिन को हम अपने गौरव एवं प्रेरणा दिवस के रूप मे मनायें।
जय हिंद ! @AbbepMp @ABBEPCHITRAK00T
@ipsjkishore08 @Bajiravape1203
#पेशवा_बाजीराव_जयंती
@VipraSena @Brahmingen @ABBEPPRAYAGRAJ @RBPPandey879 @tiwari_archana7
रावण को सीता का हरण करना था उसने वेष बनाया ब्राह्मण का ! हनुमानजी को राम का भेद लेना हुआ उन्होंने वेष बनाया ब्राह्मण का !
कालनेमी को हनुमानजी को उनसे मार्ग से भटकाना हुआ उसने वेष बनाया ब्राह्मण का !
कर्ण ��ो परशुराम जी से धनुर्वेद का ज्ञान लेना हुआ वेश बनाया ब्राह्मण का !
श्रीकृष्ण को कर्ण को छलना हुआ वेश बनाया ब्राह्मण का !श्रीकृष्ण सहित भीमादि पांडवों को छल से जरासंध का वध करना हुआ वेश बनाया ब्राह्मण का !
वरुण को राजा हरिश्चंद्र की परीक्षा लेना हुआ वेश बनाया ब्राह्मण का !
विश्वामित्र को राजा हरिश्चंद्र को छलना को हुआ वेश बनाया ब्राह्मण का !
विष्णु को राजा बलि को छलना हुआ वेश बनाया ब्राह्मण ���ा ! अश्विनी कुमारों को च्यवन ऋषि की पत्नी सत्यवती की परीक्षा लेना हुआ वेश बनाया ब्राह्मण का !
अपने अज्ञातवास के दौरान पांडव सहित कुंती तथा द्रौपदी ने कई बार ब्राह्मण का वेश धारण किया !
जब जब किसी को कोई समाजवर्धी , राष्ट्रविरोधी पाप और क्रूर कर्म करना हुआ तो उसने ब्राह्मण का वेश ही धारण किया !
क्यों? क्योंकि ब्राह्मण नाम है एक भरोसे का !
ब्राह्मण नाम है एक विश्वास का !
ब्राह्मण नाम है सत्य का !
ब्राह्मण नाम है धर्म का !
ब्राह्मण नाम है सबका कल्याण चाहने वाला,सबको सुखी देखने वाला,सबको साथ लेकर सन्मार्ग पर चलने वाला,राष्ट्रभक्ति , दूरदर्शिता, अध्ययन,लगन, ज्ञान, त्याग, तप, बलिदान , शील, धैर्य, निष्पक्षता, संतोष और संयम का !
इसलिए ब्राह्मण के नाम, ब्राह्मण की प्रतिष्ठा का लाभ उठाना बहुत आसान था। उसके वेश से, उसके नाम से लोगों को मूर्ख बनाना आसान था। उसके नाम से लोगों को ठगना आसान था। आज भी यही हो रहा है। हालांकि अब ब्राह्मण नाम ब्रांड नहीं एक धब्बे जैसा लगता है। ब्राह्मण होना पाप जैसा लगता है।
आखिर ब्राह्मण इतने कुकर्मी हैं जो ?
ब्राह्मणों ने स���ियों तक मौर्यवंशी सम्राटों, चंवर ��ंशी क्षत्रिय राजाओं (अब चमार), अहीर-यदुवंशी राजाओं, महार-कहार -कुर्मी- पासी- राजभर, मल्लाह-निषाद जाति के राजाओं, नाई जाति के राजाओं, डोम राजाओं, नागवंशी राजाओं, हैहय वंशी राजाओं, जाट-गुर्जर- पाल, बघेल-परमार-प्रतिहार राजाओं,मराठा,डोंगरा, चोल- चालुक्य- वेंगी-वर्मन वंशी राजाओं, सूर्यवंशी, चंद्रवंशी चक्रवर्ती सम्राटों , महाराजाओं का शोषण किया? उन्हें दबाया कुचला, पीड़ित और प्रताड़ित किया। वे राजे ,म���राज के परिवार के लोग 80-90% और ब्राह्मण केवल 3-5%। राजे , महाराजे की सेना, उनका राजपरिवार,उनकी प्रजा, उनके हथियार, उनके अस्त्र-शस्त्र, किले, उनका खजाना, उनकी ताकत, उनके साथ उनकी बिरादरी का बल व सहयोग और ब्राह्मण ठहरे कमजोर अल्पसंख्यक?
अल्पसंख्यक होते हुए भी ब्राह्मण एक धोती, शिखा, जनेऊ, तिलक, छोटी सी कुटिया में रहने वाले , कभी कभी भूखे पेट रहकर सोने वाले ने राजे , महाराजे और उनके परिवार को लूट लिया? बर्बाद कर दिया है? सदियों तक शोषण करके तबाह कर दिया? और इस कदर तबाह किया वे अपना सिर ही न उठा सके? अब झूठे और मनगढ़ंत शोषण की झूठी कहानियों पर आधारित इतिहास का बदला लिया जा रहा है?
अफसोस।
लेकिन, लेकिन रुको या तो क्या गैर ब्राह्मण राजे , महाराजे इतने अनभिज्ञ,अदूरदर्शी , मूर्ख, निर्बुद्धि, कायर, निर्बल ,असहाय और अज्ञानी थे कि उन्हें ब्राह्मणों का अत्याचार, ���मीनापन दिखा नहीं अथवा ब्राह्मण वाकई इतने योग्य, सामर्थ्यवान थे कि राजे , महाराजे लोग चकरघिन्नी की तरह सहस्राब्दियों तक नाचते रहे, नट-मरकट की तरह अथवा यह अब तक का सबसे बड़ा झूठ है, षड्यंत्र है, धोखा है।
प्रकृति की अनमोल धरोहर मानव हो ,मानवता दिखाई पड़नी चाहिए ,जातीयता नहीं इन चंद जातिवादी हिंदू विरोधी,सनातन संस्कृति विरोधी चाटुकारों की राजनैतिक पराकाष्ठा के झांसे में ना आएं . वर्तमान में इटावा में घटित घटनाक्रम
वट वृक्ष शुरू मे इतना छोटा होता है कि बकरी से भी बचाना पड़ता है, पर जब विशाल वट वृक्��� बन जाता है तो हाथी भी बंधा रहता है। अपना प्रयास वट वृक्ष की तरह ही है, जो कुछ ही समय मे विशाल हो जायेगा और भीषण विषमताओं की गर्मी से मुक्ति पाने को समाज का हर व्यक्ति उसकी छाया लेने को दौड़ेगा।
आखिर
भारतीय संविधान को
किसने बनाया ?
उत्तर तो एक है
श्री B N राव जी ने
संविधान के असली शिल्पी
B N राव को भुला दिया गया,
क्योंकि वो आज की वोटबैंक की
राजनीति में फिट नहीं बैठते ।
सोचिए जिस व्यक्ति ने
भारत और म्यांमार (बर्मा)
दोनों देशों का संविधान तैयार किया हो,
जो व्यक्ति
आज से 115 साल पहले
उस जमाने मे विश्व की सबसे कडी परीक्षा
I.C.S. (Indian Civil Services)
में पास कर ली हो,
जो व्यक्ति
आ�� से 100 साल पहले
कचेहरी का नहीं बल्कि
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो
यानी International Judge रहा हो,
जो व्यक्ति
आज से 100 साल पहले
UNSCO का अध्यक्ष रहा हो,
जो व्यक्ति
आज से 100 साल पहले
गणित, फिजिक्स, संस्कृत और
अंग्रेजी में डिग्रियाँ और महारत कर ली हो।
क्या वो
केवल संवैधानिक सलाहकार
या "क्लर्क" कहलाने के लायक हो सकता है?
श्री बी.एन. राव (B. N. Rau) को
भारत के संविधान का वास्तविक
मसौदा तैयार करने का कार्य सौंपा गया था।
B. N राव जी ने ही
अमेरिका, कनाडा, आयरलैंड, ब्रिटेन
जैसे देशों के संविधान का अध्ययन
कर भारत के संविधान निर्माण के लिए रूपरेखा बनाई थी।
अम्बेडकर तो
प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
प्रारूप समिति में 7 सदस्य थे।
अम्बेडकर 7 सदस्यों के हेड थे।
जबकि
संविधान समिति में
289/299 सदस्य थे।
सविधान सभा के 289 या 299
सदस्यों के हेड तदर्थ अध्यक्ष डाक्टर सच्चिदानंद सिन्हा जी थे, जबकि स्थायी अध्यक्ष डाक्टर राजेंद्र प्रसाद जी थे।
डॉ. अंबेडकर को जो ड्राफ्टिंग कमेटी की अध्यक्षता दी गई, वो एक राजनीतिक और सामाजिक प्रतीक के रूप में थी।
अंबेडकर ने स्वयं स्वीकार किया था कि इस संविधान का वास्तविक श्रेय मुझे नहीं, श्री बी.एन. राव को जाता है।
लेकिन क्या हुआ ?
जिस B. N राव जी ने ही
संविधान निर्माण में सबसे अधिक महती भूमिका निभायी, संविधान का मसौदा लिखा
उन्हें भुला दिया गया।
जबकि जो केवल 7 सदस्यों के हेड थे , उन्हे संविधान निर्माता बता दिया गया, वो भी उस पर बिना शोध किए। वो भी बिना बहस किये ही उनका महिमामंडन ।
लेकिन आखिर क्यों?
यह विचारणीय प्रश्न है या नहीं।
क्या
इसलिए कि
बी.एन. राव जी ब्राह्मण थे?
या
इसलिए कि
वे राजनीति में नहीं थे।
सिर्फ ज्ञान और सेवा में थे?
जबकि उनका एक भाई (बी.एस. राव) संसद में सांसद रहे, दूसरा भाई (बी.आर. राव) RBI के गवर्नर रहे। लेकिन देश ने शायद जानबूझकर उस परिवार की विद्वता और देशसेवा को भुला दिया —
क्योंकि
उन्होंने नारे नहीं लगाए,
क्योंकि उन्होंने वोट नहीं माँ��े,
और क्योंकि उन्होंने अपने नाम की माला खुद नहीं जपी।
सच्चाई यही है कि
यह अंगरेंजों की कूटनीतिक चाल थी। दूरगामी षडयंत्री शतरंजी चाल थी। ताकि भारत भविष्य मे दलित पिछडे और सवर्णो की राजनीती मे हमेशा ऊलझकर और बंटकर रह जाए और भारत गृहयुद्ध से ऊपर कभी उठ न सके। भारत बार बार खंडित होता रहे।
आज वक्त है इतिहास से पर्दा हटाने का।
अब सिर्फ नाम नहीं, कर्म की पूजा होनी चाहिए।
अब सिर्फ प्रतीकों का नहीं, नींव के पत्थरों का सम्मान होना चाहिए।
B. N. राव जी को
उनका स्थान लौटाइए
भारत के संविधा��� के
वास्तविक शिल्पी के रूप में।
#संविधान_निर्माता_BN_राव
ब्राह्मण राजमणि तिवारी आपके ईमानदार और समर्पित निरंतर प्रयास हेतु आपका साधुवाद। आपके संगठित प्रयास से शोशल मीडिया पर #ब्राह्मण समाज के लिए अपमानजनक टिप्पणी करने ब���ले 22 नराधम गिरफ्तार।
आपके द्वारा ट्वीटर के माध्यम से शिकायत करके दोषियों के खिलाफ कडी कार्यवाही कर जेल भिजवाने का काम किया गया । विभिन्न जिलों के 22 नराधमों के ऊपर कार्यवाही हुई ।
परिषद भी इस कार्य में लगातार लगी हुई है।
🙏🏻 #ब्राह्मण_बंधु_ध्यान_दें 👇
शोशल मीडिया पर जो भी नराधम गलत टिप्पणी करता दिखे उसके गलत पोस्ट,कमेंट का स्क्रीन साँट लेकर उसके जनपद की पुलिस को ट्वीट करके शिकायत करें सभी ��्राह्मण संगठन एक्टिव होकर एफआईआर दर्ज कराएं 🙏
शोशल मीडिया पर अपनी ब्राह्मण टीम सक्रिय हो चुकी है जिन्होनें हमारे ब्राह्मण समाज पर गलत टिप्पणी की है उन्हें पुलिस की मदद से घरो से उठवाया जा रहा है।
@ipsjkishore08 @bstvlive @JANSAMANYMANCH
@Uppolice आपका भी हार्दिक आभार।
अखिल भारतीय ब्राह्मण ���कता परिषद के
संस्थापक एवं राष्ट्रीय संरक्षक आदरणीय जुगुल किशोर तिवारी जी IPS (पूर्व DIG) और आदरणीया सुधा तिवारी जी को वैवाहिक वर्षगाँठ पर हार्दिक बधाई एवं अन्नत मंगलमय शुभकामनाएं।
भगवान परशुराम आप दोनों को हमेशा स्वस्थ एवं प्रसन्न रखें।
🎂🎂🎂🎂🎉🎉👏