शौचालय केयरटेक��� और सचिवालय संभालने वाले PanchayatSahayak का वेतन एक समान (9000 रु) करने वाले अधिकारी को अर्थशास्त्र का नोबेल जरूर मिलना चाहिए! #सचिवालय_शौचालय_एक_समान
@oprajbhar एक नोबेल आप भी डिजर्व करते हो
योग्यता का पैमाना यूपी में अब ज़ीरो हो चुका है। मेरिट वाले टॉपर PanchayatSahayak को भी 9000 और शौचालय के केयरटेकर को भी 9000
शर्मनाक! #सचिवालय_शौचालय_एक_समान
सचिवालय संभालने वाला टॉपर PanchayatSahayak और शौचालय संभालने वाला केयरटेकर—दोनों की थाली में 9000 रुपये! @UPGovt का तुगलकी फरमान। #सचिवालय_शौचालय_एक_समान
Secretariat management vs. toilet maintenance- @UPGovt
prices both identically at 9,000 INR. Absolute administrative comedy for every PanchayatSahayak in UP! #सचिवालय_शौचालय_एक_समान@RahulGandhi please Join our campaign
पढ़ाई-लिखाई और डिग्रियों की कोई इज्जत नहीं बची जब PanchayatSahayak और केयरटेकर दोनों का मानदेय 9000 ही है, तो युवा किताबें क्यों पढ़ें? #सचिवालय_शौचालय_एक_समान
#सचिवालय_शौचालय_एक_समान ?
माननीय मुख्यमंत्री जी @myogiadityanath
कभी-कभी अन्याय तब भी महसूस होता है, जब अलग योग्यता, अलग जिम्मेदारी और अलग प्रकृति के कार्यों का मूल्यांकन एक ही तराजू पर कर दिया जाए।
"उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में सचिवों की कमी और ग्राम सचिवालयों के नियमित संचालन की आवश्यकता के बीच PanchayatSahayak की व्यवस्था सामने आई। उद्देश्य था कि गांव का सचिवालय केवल भवन बनकर न रह जाए, बल्कि वहां बैठने वाला कोई ऐसा व्यक्ति हो जो ग्रामीणों को पंचायत की डि���िटल और ऑनलाइन सेवाओं से जोड़ सके।
'पंचायत सहायक' इसी व्यवस्था की कड़ी बने।
समय बीतता गया। काम और अनुभव बढ़ते गए, लेकिन पंचायत सहायक की सेवा-स्थिति अस्थायी संविदा व्यवस्था से आगे नहीं बढ़ी। पाँच वर्ष बाद भी उसके सामने स्थायी सेवा संवर्ग, स्पष्ट सेवा भविष्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतनमान का प्रश्न खड़ा है। म���नदेय ₹9,000 निर्धारित किया गया।
इसी बीच एक ऐसी तुलना सामने आई, जिसने पंचायत सहायकों के भीतर एक गहरा सवाल पैदा किया।
ग्राम सचिवालय संचालित करने वाले पंचायत सहायक के लिए ₹9,000 और सामुदायिक शौचालय की देखरेख करने वाले केयरटेकर के लिए भी ₹9,000 की राशि। पंचायत सहायक भी तो अपनी तरफ से ग्राम सचिवालय में जरूरते पूरी करता है उनको प्रताड़ित कर रखा जा रहा ??
यहीं से जन्म लेता है
#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
इस ���ारे का अर्थ केयरटेकर के कार्य को छोटा बताना या उसके मानदेय का विरोध करना नहीं है। हर श्रम का अपना सम्मान है और प्रत्येक कर्मी को सम्मानजनक पारिश्रमिक मिलना चाहिए।
लेकिन प्रश्न यह है कि यदि दो पदों की शैक्षिक योग्यता, चयन प्रक्रिया, कार्य की प्रकृति, तकनीकी दक्षता, उत्तरदायित्व और कार्यक्षेत्र अलग हैं, तो उनके मूल्यांकन का आधार क्या है?
पंचायत सहायकों की पीड़ा इसी तुलना में छिपी है।
वे यह नहीं पूछ रहे कि
“केयरटेकर को ₹9,000 क्यों मिले?”
“पंचायत सहायक की योग्यता, पाँच वर्षों के अनुभव और ग्राम सचिवालय की ज��म्मेदारियों का स्वतंत्र मूल्यांकन क्यों नहीं हुआ?”
यह अंतर बहुत महत्वपूर्ण है।
क्योंकि किसी दूसरे कर्मचारी का मानदेय कम कर देना न्याय नहीं हो सकता। न्याय तब होगा जब प्रत्येक पद को उसकी प्रकृति, योग्यता, उत्तरदायित्व और कार्यभार के आधार पर उचित स्थान मिले।
आज पंचायत सहायकों के सामने इसलिए केवल ₹9,000 का आर्थिक प्रश्न नहीं है। उनके सामने अपने पद की पहचान और भविष्य का प्रश्न भी है।
पाँच वर्ष की सेवा के बाद उनका सवाल है
क्या PanchayatSahayak हमेशा एक अस्थायी व्यवस्था ही रहेगा, या उसके अनुभव और निरंतर आवश्यकता को देखते हुए सरकार उसके लिए राज्यकर्मी घोषित कर स्पष्ट सेवा नियम, सेवा संवर्ग और उचित वेतनमान की दिशा में भी विचार करेगी?
यही #सचिवालय_शौचालय_एक_समान के पीछे का वास्तविक मुद्दा है।
यह लड़ाई किसी दूसरे कर्मी से बराबरी तोड़ने की नहीं,बल्कि अपने काम का अलग और न्यायसंगत मूल्यांकन मांगने की है।
और शायद किसी भी कर्मचारी के लिए सबसे बड़ी पीड़ा कम वेतन से पहले यह होती है कि
उसके काम की प्रकृति, उसकी योग्यता और उसकी जिम्मेदारी को पहचान ही न मिले।
@myogiadityanath @BJP4UP
@mppchaudhary
@mediacellsp @yadavakhilesh @uppanchayatiraj @INCUttarPradesh @RahulGandhi @BhimArmyChief @bspindia @mayawati @SanjayAzadSln @AnilYadavmedia1 @ranvijaylive @NaveenSirRWA
हज़ारों की भीड़ में मेरिट से चुनकर आए टॉपर युवा को 9000, और बिना किसी परीक्षा के रखे गए केयरटेकर को भी 9000! गजब का अर्थशास्त्र है @UPGovt का।
PanchayatSahayak
#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
माननीय मुख्यमंत्री जी, @CMOfficeUP
शौचालय और सचिवालय की तुलना किसी को छोटा दिखाने के लिए नहीं है।
यह सवाल पूछने के लिए है—ग्राम सचिवालय चलाने वाले PanchayatSahayak की जिम्मेदारियों का उचित आर्थिक मूल्यांकन कब होगा?
@myogiadityanath@oprajbhar@mediacellsp@BJP4UP@mppchaudhary
#सचिवालय_शौचालय_एक_समान
@UPGovt@RahulGandhi What kind of bizarre economic model is this? A top-scoring PanchayatSahayak gets 9,000 INR, matching a caretaker with zero educational prerequisites. Shame on @UPGovt#सचिवालय_शौचालय_एक_समान@RahulGandhi please join our campaign🙌🎯
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High merit, top ranks, and rigorous preparation get you a PanchayatSahayak post for 9,000 INR—the exact same amount given to a caretaker! Incredible equality by @upgovt#सचिवालय_शौचालय_एक_सामान
उत्तर प्रदेश में अफसरशाही चरम सीमा पर है छोटे कर्मचारियों और आम जनता को ये कुछ समझ नहीं रहे हैं इसका खामियाजा चुनाव में योगी जी को गहरी ���ोट पहुंचाएगा।
#बीडीओ_पत्र_बहिष्कार
जनपद #कानपुर_नगर के ब्लॉक #कल्याणपुर के समस्त पंचायत सहायक आज दिनांक.30.08.2025 को #BDO कल्याणपुर [श्री उमेश चंद्र उत्तम] जी को #क्रॉप_सर्वे_बहिष्कार [मांग] के संबंध में ज्ञापन पत्र देने हेतु गए थे लेकिन, उनके द्वारा पत्र लेने से स्पष्ट मना कर दिया गया? @DMKanpur
आदेश देने मे पीछे नही रहते, लेकिन जब पंचायत सहायक अपनी #समस्याओं को लेकर अधिकारियों के पास जात��� है, तो उनके द्वारा समस्याओं को #नजरंदाज कर दिया जाता है ? @myogiadityanath
जब अधिकारी अपने #कर्मचारियों की #समस्याओं को नहीं सुनेंगे तो ऐसे मे आखिर कैसे पंचायत सहायक कार्य कर पाएंगे? @DMKanpur
क्या सिर्फ इनके पास #पंचायत_सहायकों को #आदेश जारी करके कार्य कराने से ही मतलब है, बाकी इनको #समस्याओं से कोई लेना देना नहीं?
क्या सिर्फ इनके पास #आदेश देने के लिए वक़्त है, #समस्याओं को सुनने के लिए वक़्त नहीं?
आखिरकार ये कैसा #लोकतंत्र ? जहाँ #मनमाने तरीके से कार्य थोपे जा रहे है? @myogioffice
#क्रॉप_सर्वे_बहिष्कार
#पंचायत_सहायक_यूनियन_उत्तर_प्रदेश
#जनपद_कानपुर_नगर
@myogiadityanath @uppanchayatiraj
@DMKanpur @rajendradev6
@INCUttarPradesh @yadavakhilesh
@rashtrapatibhvn @Times_Panchayat