ये है उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था जिसमें अब वृद्ध महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं, स��़क तो छोड़िए अब तो घरों में भी असुरक्षित हैं https://t.co/FKVZoSvAvh
मोगैम्बो मोदी ने भारत के लोकतंत्र की बुनियाद को त��ाह कर दिया है - चुनाव चोरी और जनता की आवाज़ कुचल कर।
आज नई दिल्ली में यही तस्वीर दिखी - पूरा शहर ब��द, इंटरनेट बंद, छात्रों को पुलिस भी पीट रही थी और BJP के गुंडे भी।
डराने की जितनी भी कोशिश कर लें - मोदी समझ नहीं पा रहे कि 10-15 साल से चल रहा उनका खेल अब ख़त्म हो गया है। विपक्ष ने उन्हें चारों तरफ़ से घेर लिया है।
आज जिन युवाओं, छात्रों पर हमला हुआ है, उन्हें इंसाफ़ मिलेगा - और हमलावरों को करारा जवाब मिलेगा।
भारत के लोकतंत्र और संविधान को तबाह करने वाले मोगैम्बो मोदी और उनके साथी बच नहीं पाएँगे।
यू.पी में हुई “वोट चोरी” का नया खुलासा चौंकाने वाला भी है और प्रजातंत्र को चोरी कर लेने का सीधा सीधा सबूत भी ��
जरा देखिये और सोचिए 👇
🛑 फॉर्म 7 - वोट काटने वाला फॉर्म - भरा जा रहा था चुनाव आयोग के सॉफ़्टवेयर द्वारा तथा चुनाव पंजीकरण अधिकारी के डिजिटल दस्तखत के साथ जमा किया जा रहा था।
👉 ECI, यानी चुनाव आयोग को वोट काटने का सॉफ़्टवेयर द्वारा फॉर्म 7 जेनेरेट करने का अधिकार किसने दिया? क्या ये किसी क़ानून में मान्य है?
👉 फॉर्म 7 देखें तो ये फॉर्म जमा ही चुनाव पंजीकरण अधिकारी (इले��्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) को संबोधित है, यानी उसको संबोधन कर जमा करवाना है ।
तो जिस अधिकारी को वोट काटने की दरखास्त देनी है, वो ख़ुद हो साइन करके ख़ुद को ही वोट काटने की दरखास्त कैसे दे सकता है?
यानी दरखास्तकर्ता भी अधिकारी ख़ुद, वोट काटने की दरखास्त भी ख़ुद को दी और वोट काटने का निर्णय भी ख़ुद उसी अधिकारी का ।
👉 ऐसा न्याय तो केवल मोदी जी और ज्ञानेश कुमार ही कर सकते हैं।
🛑 आगे देखें, फॉर्म 7 मे��� साफ़ लिखा है कि किसी की वोट काटने का कारण स्पष्ट शब्दों में फॉर्म में लिखित में बताना होगा। यही नहीं निर्णय करने वाला अधिकारी (जिसे फॉर्म 7 जमा कराया है) भी वोट काटने का कारण दर्ज करेगा।
👉 पर यहाँ न तो कोई कारण लिखा, न कोई कारण बताया। क्यों - क्योंकि जैसे गाँव में कहते हैं - “घर की बही, काका लिखनिया”। ख़ुद चुनाव अधिकारी ने दरखास्त दी, दरखास्त भी ख़ुद को दी और निर्णय भी ख़ुद कर दिया ।
🛑 कमाल यहीं ��़त्म नहीं होता - फॉर्म 7, यानी वोट काटने वाला फॉर्म ही आख़िरी तारीख़ निकल जाने के बाद जमा कराया।
👉 वो कैसे? क्योंकि फॉर्म 7 देने वाला भी चुनाव अधिकारी ख़ुद, फॉर्म 7 लेने वाला भी वही चुनाव अधिकारी और फॉर्म 7 लेकर वोट काटने का निर्णय लेने वाला भी वही चुनाव अधिकारी ।
🧶 इसे कहते हैं - अंधेर नगरी, चौपट राजा !
@reporters_co को इस खुलासे के लिए साधुवाद ।
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शाह की पुलिस भारत के नागरिकों को कृपया बतायें की वैध (लीगल)(क़ानूनी) प्रोटेस्ट 🪧 वह कहाँ कर सकते हैं ??
या फिर इस देश में तानाशाही चलेगी और डरा हुआ ताना-शाह के हाथों की कठपुतली बन कहीं इजाज़त नहीं दी जाएगी- तो फिर अवैध ही सही -ग़ैरक़ानूनी ही सही- संविधान में मिले अधिकार को हम छीनने नहीं देंगे 🇮🇳💪.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की माताजी रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
इस दुख की घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं हेमंत सोरेन जी और पूरे सोरेन परिवार के साथ हैं।
बैरिकेडिंग कितनी भी कर लो, नौजवानों की आवाज़ नहीं दबेगी! ✊🏽🔥
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ जी ने NSUI कार्यालय के चारों ओर की गई पुलिस बैरिकेडिंग के बीच स्पष्ट संदेश दिया - अपने अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा की आवाज़ को रोका नहीं जा सकता।
पेपर चोरी के खिलाफ लड़े थे, अब वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ लड़ेंगे! मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र से जुड़े सवालों पर जवाबदेही की मांग जारी रहेगी।
रास्ते रोक सकते हो, आवाज़ नहीं - संघर्ष जारी रहेगा! 🇮🇳✊🏽
“हम सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने मौजूदा सरकार को याद दिलाया कि किसी प्रदर्शन रोकने के लिए पूरे शहर के मेट्रो और रेलवे स्टेशन बंद नहीं किए जा सकते। प्रदर्शनकारियों के भी अपने अधिकार हैं।”
अमित शाह के इशारे पर दिल्ली की किलेबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मे��� जारी सुनवाई के दौरान IYC अध्यक्ष श्री @UdayBhanuIYC जी भी मौजूद रहे।
25 सितंबर से युवा कांग्रेस जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांग रही है। दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया, जिसके खिलाफ हमारी लड़ाई दिल्ली हाईकोर्ट में जारी है।
प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।
अपने अभिनय और किरदारों से उन्होंने भारतीय सिनेमा पर और दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है।
इस पीड़ा के समय में मेरी गहरी संवेदनाएं उनके शोकाकुल परिजनों, मित्रों और समर्थकों के साथ हैं।
Noida DM and Gyanesh Kumar Gupta's daughter, Medha Roopam has turned “Aandolanjeevi” into a pejorative label for protesters and then used that label in the grounds for detaining a journalist, Satyam Verma.
It is as if a wave of amnesia has erased the fact that - despite her father - India will continue to be a democracy, and peaceful protest will always be a constitutional right.
Perhaps, during her UPSC preparation, the lady DM never got around to reading Hannah Arendt’s Banality of Evil. It would have taught her a thing or two about what happens when bureaucrats become instruments of a totalitarian state. And that would have been good for her.
इसको डर कहते हैं, इसको कायरता कहते हैं, इसको भय कहते हैं।
- दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने पर कांग्रेस महासचिव व सांसद @priyankagandhi जी ने कहा
📍 दिल्ली
कितना शर्मनाक है कि चोरों को बचाने के लिए आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।
चोरी चलता रहे इसके लिए रेल, रोड, मे���्रो और इंटरनेट बंद किया जा रहा है।
एक तरफ़ भारत की जनता और दूसरी ओर भाजपा है, यह लड़ाई देश और मोदीजी के दोस्त के बीच है।
यह वोटचोरी से बनी हुई ‘डरपोक’ सरकार है।
भारत के संविधान, लोकतंत्र और उसकी आवाज़ की रक्षा ��र भारतीय की ज़िम्मेदारी है।
जनता को न्याय दिलाने, उसका लोकतंत्र में भरोसा वापस लाने और देशद्रोहियों को सज़ा दिलाने का Process शुरू हो चुका।
अब ये रुकने वाला नहीं है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi