पण्डित दीनदयाल सभागार, झाँसी में कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान सम्मान दिवस 2025 कार्यक्रम में बसन्त महिला FPO के उत्पादों का स्टॉल लगाया। मुख्य अतिथियों ने स्टॉल भ्रमण करके विस्तृत जानकारी के साथ अच्छे काम हेतु उत्साहवर्धन किया। @AnuraagJhansi@ActionAidIndia@sndeep@C9Khalid
बसन्त महिला FPO - ग्राम व पोस्ट बैदौरा, विकासखण्ड बबीना, जनपद झाँसी, उत्तर प्रदेश ने बाजार की बढ़ती माँग अनुसार अब 10 रुपया का पाउच लॉन्च किया है। यह पाउच महिलाओं द्वारा स्वचलित मशीन का उपयोग करके तैयार किया जा रहा है।
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बसन्त महिला FPO - बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स Hotel Le Meridien, New Delhi में 3 से 4 दिसम्बर तक आयोजित Livelihoods India summit 2025 कार्यक्रम में सहभागिता करके महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों का स्टॉल और अभी तक के कार्यों का अनुभव साझा भी करेंगी।
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Last week we organised a Women Entrepreneurs Meet in #Babina#Jhansi where more than 1500 women farmers, government officials, @BasantFPO, CBOs & media representatives came together to celebrate & honour the collective livelihood advances made by women workers of the district.
@BasantFPO#ProducerOrganisation@ActionAidIndia Association #NABARD. Organic Masalas (Spices), Organic Dal (Lentil) and other produce of Women Farmers with their Mahila Krishak Krishi Utapad. Contact and buy from Basant!
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Women entrepreneurs of @BasantFPO established by @ActionAidIndia with the support from @LaCaixaMeMata @AxSolidaridad are getting sustainable livelihoods and income from Goat Farming in Lalitpur, Jhansi and Mahoba districts. @dmjhansi1 @DMLalitpur @ChiefSecy_UP @heeralalias
Women entrepreneurs of @BasantFPO established by @ActionAidIndia with the support from @LaCaixaMeMata @AxSolidaridad are getting sustainable livelihoods and income from Vermi Compost Units in Lalitpur, Jhansi and Mahoba districts @dmjhansi1 @DMLalitpur @heeralalias@NABARDOnline
Panel discussion on Pathways to Inclusive and Resilient Job Creation in India at India Livelihood Summit in New Delhi. ActionAid Association @NABARDOnline
भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, झांसी का 63वां स्थापना दिवस समारोह डा. सी.डी. माई, पूर्व अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली के मुख्य आतिथ्य; डा. भरत ककाडे, अध्यक्ष, भारतीय एग्रो इंडस्ट्रीज फाउंडेशन, पुणे; डा. संजय सिंह, महानिदेशक, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, लखनऊ; डा. ए. अरूणाचलम, निदेशक केन्द्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान, झॉसी के विशिष्ट आतिथ्य तथा संस्थान निदेशक डा. पंकज कौशल की अध्यक्षता में मुख्यालय के साथ-साथ क्षेत्रीय शोध केंद्रों में आयोजित किया गया । कार्यक्रम का शुभारम्भ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कुलगीत से हुआ, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन किया । तत्पश्चात, संस्थान निदेशक ने संस्थान की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्��काश डाला साथ ही आगा��ी 'अंतर्राष्ट्रीय चरागाह एवं चरवाहा वर्ष- 2026' तथा श्वेत क्रांति 2.0 हेतु संस्थान की भूमिका को भी रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि डा. सी.डी. माई ने अपने प्रस्तुतिकरण उद्धबोधन में बताया कि भारतीय कृषि, राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान, डिजीटल कृषि, वर्तमान चुनौतियों एवं उनके समाधान के संबंध में विभिन्न पक्षों को रेखांकित करते हुए कृषि भूमि एवं कृषिगत कार्य करने वालो की संख्या में कमी एवं जनसंख्या मे��� बढ़ोत्तरी होने के बाद भी खाद्यान्न, दुग्ध, फल, पशुओं के लिए गुणवत्तायुक्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अनुसंधान तकनीकियों का महत्वपूर्ण योगदान है । डा. भरत ककाडे ने बताया कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक है, श्वेत क्रांति की सफलता में संस्थान की विशिष्ट भूमिका है, पशुपालन में पशुआहार प्रबन्धन की उपयोगिता प्रमुख है, बायफ के द्वारा 40 लाख कृषकों तक तकनीकियों को पहुंचाया जा रहा है, चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान श्रेष्ठ संस्थान है । डा. ए. अरूणाचलम ने चरागाह संस्थान तकनीकियों से दुग्ध उत्पादन एवं कृषक आय वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो रहा है । डा. संजय सिंह ने कहा कि अन्न के साथ चारे की आवश्यकता है, दुग्ध उत्पादन के लिए चारा महत्वपूर्ण है । कृषि एवं दुग्ध उत्पादन में महिलाओं की अग्रणी भूमिका है । दलहन की खेती को जानवरों से बचाने के लिए संकर नेपियर बाजरा लगा सकते हैं । डा. अध्यक्षीय उद्धबोधन में डा. पंकज कौशल ने स्थापना दिवस सप्ताह के अंतिम दिन आमंत्रित सभी अतिथियों, आगंतुकों, कृषक महिला –पुरूष, सभी कार्मिकों का स्वागत करते हुए संस्थान की विकास यात्रा, अनुसंधान उपलब्धियों, भविष्य की योजना को बताते हुए संस्थान की ऊंचाई पर ले जाने में योगदान प्रदाता सभी का आभार व्यक्त किया ।
संस्थान के विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन मुख्य अतिथि, अतिथियों द्वारा किया गया । संस्थान की तकनीकियों को अपनाते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कृषक, संस्थान के उत्कृष्ठ कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, तकनीकी अधिकारियों, ��्रशासनिक, सहयोगी श्रेणी के कार्मिकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया । मुख्य अतिथि-अतिथियों द्वारा चारा मेला का उद्धघाटन कर संस्थान के फसल सुधार, फसल उत्पादन, पादप पशु संबंधित, सामाजिक विज्ञान, बीज तकनीकी, फार्म मशीनरी एवं कटनोत्तर तकनीक, चरागाह एवं वन चरागाह प्रबंधन, अखिल भारतीय समन्वयित अनुसंधान परियोजना एवं रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय झॉसी, के��्द्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान, झॉसी, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, दतिया, पशुपालन विभाग झॉसी, कृषि विज्ञान केन्द्र भरारी, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, बसन्त महिला किसान उत्पादक कम्पनी लिमिटेड झॉसी, कृषि विकास सहकारी समिति लिमिटेड, विजेता पशु आहार उद्योग, फार्मर फर्स्ट परियोजना के स्टॉलों का भ्रमण कर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के पूर्व में मुख्य अतिथि-अतिथियों ने केन्द्रीय शोध प्रक्षेत्र पर विभिन्न फसलों एवं तकनीकियों का अवलोकन किया । अतिथिगणों ने इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया । संस्थान के व��्तमान एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों, रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, केन्द्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान, झॉसी तथा विभिन्न विभागों के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कार्मिकों एवं किसानों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही ।
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