@DCEastSinghbhum@cseastsinghbhum
महोदय, गरीब आदिवासी की हाथ की सर्जरी के लिए शीघ्र संज्ञान लेकर इलाज की व्यवस्था कराए, आजकल करके सर्जरी को टाला जा रहा जिसके चलते गरीब आदिवासी परिजन को काफी परेशान है! जब सुर्जरी हो रहा तो पैसा क्यों लिया जा रहा @IrfanAnsariMLA@HemantSorenJMM
जर्जर शौचालय से परेशान स्कूली बच्चे! 🧒🎒
पाकुड़ (हिरणपुर) के बाबूपुर मुस्लिम टोला स्थित नव प्राथमिक विद्यालय में शौचालय की स्थिति बेहद खराब है। 3 महीने की निर्धारित अवधि (जो जुलाई 2026 में ही समाप्त हो चुकी है) बीत जाने के बाद भी नए शौचालय का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है।
बच्चे जर्जर शौचालय का उपयोग करने को मजबूर हैं या डर के मारे इस्तेमाल ही नहीं कर रहे हैं। DMFT फंड से होने वाले इन निर्माण कार्यों में देरी और शिकायतों की गंभीर जांच होनी चाहिए।
@dcpakur से अनुरोध है कि बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को जल्द से जल्द शुरू कराया जाए।
@DipikaPS@JharkhandCMO@HemantSorenJMM
दवा नहीं, सांसों का सौदा! रिम्स में मरीजों के साथ हो रहा बड़ा खेल!
क्या हमारे सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की लाचारी का फायदा उठाया जा रहा है? प्रभात खबर के इस बड़े खुलासे पर तुरंत कड़े संज्ञान और कार्रवाई की जरूरत है!
मुख्य बातें जो हैरान करने वाली हैं:
• चार गुनी कीमत पर कैंसर की दवा: दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों (MR) और डॉक्टरों की साठगांठ से मरीजों को ₹3,800-₹4,000 की दवा ₹8,500 से ₹16,500 तक में बेची जा रही है।
• सरकारी अस्पताल भी सुरक्षित नहीं: निजी अस्पतालों के साथ-साथ राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) में भी मरीजों को लूटा जा रहा है।
• अवैध मुनाफाखोरी: डॉक्टरों के सटीक नुस्खों और छद्म कंपनियों (स्टॉकिस्टों) के जरिए खेल रचा जा रहा है। एक दिन में ₹10,000 से ₹12,000 का अवैध कारोबार अकेले रिम्स के अंदर हो रहा है।
• लाचार मरीज: मरीजों के परिजनों को दवा की असली कीमत का पता ही नहीं चलने दिया जाता और फर्जी रसीदों के सहारे मोटी रकम वसूली जा रही है।यह सिर्फ एक घोटाला नहीं, सीधे-सीधे इंसानी जिंदगी से खिलवाड़ है!
माननीय स्वास्थ्य मंत्री @IrfanAnsariMLAजी, रिम्स प्रबंधन @ranchi_rims और माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी से अनुरोध है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
@DC_Ranchi@SitaSorenMLA@JharkhandCMO@yourBabulal
झारखंड के मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी,
आपके प्रदेश अंतर्गत कसमार प्रखंड के सुदूरवर्ती मध्य विद्यालय, हिसीम से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ यूकेजी (UKG) से लेकर आठवीं कक्षा तक के 131 छात्र-छात्राएं महज 5 जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। @JharkhandCMO
विद्यालय की दीवारों का प्लास्टर जगह-जगह से झड़ रहा है और भवन खंडहर में तब्दील हो रहा है। बारिश के दिनों में दीवारों में नमी (सीपेज) के कारण करंट उतरने की शिकायतें आ रही हैं। बारिश में स्कूल के दोनों भवनों के बीच पक्का रास्ता न होने से बच्चों और शिक्षकों को खेत की मेड़ से होकर गुजरना पड़ता है। @BokaroDc@YogendraGomia
चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) न होने और पहाड़ी व जंगली क्षेत्र होने के कारण जंगली जानवरों का हमेशा डर बना रहता है। प्रशासन (डीएसई) का कहना है कि तकनीकी टीम को ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर प्राक्कलन तैयार करने को कहा गया है और डीएमएफटी (DMFT) फंड से नए भवन बनाए जाएंगे। कबतक यह कागजी प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक इन मासूम बच्चों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? शिक्षा व्यवस्था में सुधार सिर्फ दावों में नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए।
@jaibirbaskey1
#jharkhand #kasmar #hissim #educationsystem
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM महोदय जी से विनम्र अनुरोध है कि छात्रों की विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए त्वरित पहल की जाए। छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को त्वरित आवश्यक निर्देश देने की कृपा करें
@dckoderma
मा० @HemantSorenJMM जी,
इन बच्चों की इस जिद और जज्बे को देखिए। इन हालातों में भी बच्चे भविष्य संवारने के लिए स्कूल आने को मजबूर हैं। विद्यालय परिसर की स्थिति को जल्द से जल्द सुधारा जाए। @DC_Ranchi
चार महीने बाद दुबई से सुरक्षित भारत लौटे बगोदर के अटका निवासी प्रवासी मजदूर रामेश्वर दास जी दिल्ली पहुंचे। उनके सकुशल लौटने की खबर से परिवार में खुशी की लहर है।
इस मानवीय मामले में सहयोग और संवेदनशीलता के लिए मा.मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी का हृदय से आभार।
@migrantcell_JH
पीएम किसान योजना: पांच साल से हक के लिए भटक रहा है किसान!
झारखंड के पाकुड़ जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महेशपुर के चंडालमारा निवासी श्री गणेश मंडल पिछले 5 साल (वर्ष 2020) से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित हैं।
सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद अब पाकुड़ समाहरणालय (जिला राजस्व शाखा) की ओर से एक आधिकारिक पत्र जारी हुआ है।
पत्र के अनुसार:
✅ जिला स्तर (District Level) से आवेदन को एप्रूवल (Approval) मिल चुका है।
लेकिन मामला अभी भी स्टेट लेवल (State Level) पर पेंडिंग अटका हुआ है।
एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और किसानों को सीधी मदद की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ 5 साल तक एक गरीब किसान का आवेदन राज्य स्तर पर पेंडिंग रहना प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाता है।
आदरणीय उपायुक्त @dcpakur मोहदया से अनुरोध है कि जन शिकायत के इस गंभीर मामले पर सहानुभूतिपूर्वक संज्ञान लेते हुए राज्य स्तर पर लंबित उक्त आवेदन की अविलंब समीक्षा करने एवं नियमानुसार पोर्टल पर स्वीकृति प्रदान करते हुए लाभुक को बकाया राशि सहित योजना का लाभ दिलाने की कृपा की जाए, ताकि मामले का निष्पादन सुनिश्चित हो सके।
@pmkisanofficial@Pmkisanyojnagov@pmkishan_help@ShilpiNehaTirki@JharkhandCMO@ChouhanShivraj
एसआईआर की आड़ में गरीबों की अग्निपरीक्षा; प्रमाण पत्र के लिए दर-दर भटक रहे गरीब!
पाकुड़ जिले से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के कारण आम जनता, खासकर गरीब, मजदूर और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिचौलियों का आतंक: जाति, निवास और वंशावली जैसे जरूरी दस्तावेजों को बनवाने के नाम पर बिचौलिए गरीब ग्रामीणों से ₹1,500 से ₹2,000 तक की अवैध वसूली कर रहे हैं।
दिहाड़ी छोड़ कतार में खड़े लोग: सुबह से शाम तक अंचल कार्यालयों में लंबी कतारें लगी हैं। जो गरीब रोज़ कमाते और खाते हैं, उनकी दिहाड़ी भी छूट रही है और काम भी नहीं हो रहा।
लॉगिन का चक्कर: आवेदन कभी राजस्व कर्मचारी, कभी अंचल निरीक्षक तो कभी अंचल अधिकारी के लॉगिन में अटका रहता है। कम पढ़े-लिखे ग्रामीणों को यह समझ ही नहीं आ रहा कि उनका काम कहाँ रुका है।
आदरणीय उपायुक्त @dcpakur मोहदया को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी भी गरीब को बिचौलियों के हाथों न ठगा जाना पड़े और न ही दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ें!
@HemantSorenJMM@deepakbiruajmm@JharkhandCMO@ceojharkhand
📢 जनसमस्याओं के समाधान में फिर आगे आईं उपासना मरांडी, एठापाड़ा गांव में लगा 63 केवीए का नया ट्रांसफार्मर! ⚡
महेशपुर प्रखंड के ग्राम एठापाड़ा के ग्रामीणों को पिछले कुछ दिनों से भारी बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा था। गांव का 63 केवीए का ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ था।
ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर झामुमो (JMM) केंद्रीय समिति सदस्य श्रीमती उपासना मरांडी जी को आवेदन सौंपकर अवगत कराया था।
त्वरित कार्रवाई और समाधान:
• उपासना मरांडी जी ने जनसमस्या को बेहद गंभीरता से लिया।
• उन्होंने बिना देरी किए संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क और समन्वय स्थापित किया।
• उनके अथक प्रयासों के फलस्वरूप आज विद्युत विभाग द्वारा गांव में नया 63 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है।
इस त्वरित पहल से ग्रामीणों को बिजली संकट से बड़ी राहत मिली है। उपासना मरांडी जी की इस सक्रियता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे जनता की छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर जमीन पर हमेशा सक्रिय रहती हैं और हर सुख-दुख में मजबूती से खड़ी हैं।
नया ट्रांसफार्मर लगने पर समस्त एठापाड़ा ग्रामीणों ने उनके प्रति आभार और धन्यवाद व्यक्त किया है। 🙌✨
🟢 #JMM #Maheshpur #U उपासना_मरांडी #जनसेवा #झारखंड #विकास_कार्य #बिजली_संकट_दूर
झारखंड के सरकारी स्कूल की बदहाल हकीकत – बच्चे खुले में शौच जाने को मजबूर!
फतेहपुर प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय ढाकोडीह से एक बेहद चिंताजनक और शर्मनाक मामला सामने आया है। देश में जहां स्वच्छता अभियान और 'हर घर शौचालय' की बात होती है, वहीं इस विद्यालय के बच्चे स्कूल अवधि के दौरान बाहर खेतों और झाड़ियों में शौच जाने को मजबूर हैं।
⚠️ मुख्य बिंदु जिन पर तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है:
• शौचालय की बदहाली: विद्यालय के शौचालय के पैन (Pan) के अंदर आम का पौधा उग आया है। यह साफ दर्शाता है कि महीनों या सालों से इस शौचालय का उपयोग या साफ-सफाई नहीं हुई है।
• बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़: शौचालय चालू न होने के कारण छोटे-छोटे बच्चे सड़क पार करके असुरक्षित तरीके से बाहर शौच के लिए जाते हैं, जिससे किसी भी वक्त दुर्घटना हो सकती है।
• MDM (मध्यान्ह भोजन) में अनियमितता: स्कूल में पीएम पोषण योजना के तहत तय मीनू (Menu) का पालन नहीं किया जा रहा है। बच्चों को पौष्टिक भोजन के बजाय सिर्फ दाल, चावल और बड़ी की सब्जी दी जा रही है।
@dcjamtara मोहदय कृपया इस मामले की तुरंत जांच कराएं, सख्त कार्रवाई करें और बच्चों के लिए तुरंत स्वच्छ शौचालय व सही भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
@Rabindranathji@IrfanAnsariMLA@JharkhandCMO
माननीय केन्द्रीय रेल मंत्री आदरणीय श्री @AshwiniVaishnaw जी, समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार पर हस्तक्षेप कर झारखण्ड के साहिबगंज स्थिति तीनपहाड़ स्थिति रेल्वे स्टेशन में नागरिक सुविधाओं से आम यात्रियों प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। अतः आपसे प्रार्थना है कि रेल्वे स्टेशन तीनपहाड़ में आवश्यक नागरिक सुविधाओं में सुधार करने हेतु स्थानीय रेलवे अधिकारियों को निर्देश देने का कृपा करें। @drmmalda@RailwaySeva@RailMadad@RailMinIndia@IEhindi@PTI_News@univartaindia1
नौनिहालों को पढ़ाई छोड़कर सड़क पर उतरना पड़े!
झारखंड के कोडरमा (+2 स्कूल बासोडीह) से आई यह खबर शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है। 2540 विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए जहाँ स्वीकृत 22 पद हैं, वहाँ सिर्फ 10 शिक्षक कार्यरत हैं! अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान और हिंदी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं।
शिक्षकों की इसी कमी और जर्जर व्यवस्था से परेशान होकर सैकड़ों स्कूली बच्चों ने 3 किलोमीटर पैदल चलकर प्रखंड मुख्यालय का घेराव किया।
छात्र DEO के आश्वासन को ठुकराकर सीधे DC (उपायुक्त) से बात करने पर अड़े रहे।
यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
जब तक हमारे सरकारी स्कूलों को पर्याप्त शिक्षक और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक 'शिक्षित भारत' का सपना कैसे पूरा होगा?
@dckoderma@HemantSorenJMM@JharkhandCMO@yourBabulal
सुखद समाचार: सरकार की त्वरित पहल से घर लौटे गिरिडीह के रामेश्वर दास जी! 🎉🙌
दुबई में फंसे गिरिडीह (बगोदर) के प्रवासी मजदूर रामेश्वर दास जी के परिवार की पुकार आखिरकार सुन ली गई। जब परिजनों का संपर्क रामेश्वर जी से टूट गया था और परिवार चिंतित था, तब माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड माइग्रेंट सेल तक यह मामला पहुँचा।
सरकार ने इस पर तुरंत संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए रामेश्वर दास जी की सकुशल व सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित कराई। आज रामेश्वर जी अपने घर लौट आए हैं और उनके परिवार के चेहरे पर खुशियां फिर से लौट आई हैं।
संकट के इस दौर में हर प्रवासी मजदूर के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी का दिल से आभार! 🙏✨
#HemantSoren #JharkhandGovernmen