"मुख्यमंत्री जी ने कहा हम एक लाख नौकरी दे देंगे, अगस्त में तो शून्य दी, सितंबर में भी शून्य हो जाएगी और उसके बाद चुनाव की तारीख आ जाएगी।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
नाम बदलनेवाले अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ‘वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे हैं, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं और दोनों का समय बचाएं।
सत्य ये है कि उप्र में सवालों की भरमार है लेकिन इनके पास जवाब ही नहीं हैं। मुँह मोड़ कर जाना, मैदान छोड़कर भागना भी कहलाता है।
ये शासन में पक्षपात करते हैं और प्रेस वार्ता में एकतरफ़ा बयानबाज़ी। अब क्या ये भी कहेंगे कि ‘प्रश्न सुनने के मूड में नहीं है।’
#प्रेस_एकालाप
आज प्रदेश भर में अनगिनत स्थानों पर आयोजित हुए ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम की सफलता ने दिखा दिया है कि शिक्षा का मुद्दा गाँव-गाँव तक पहुँच चुका है। पीडीए पढ़ेगा भी और बढ़ेगा भी।
स्कूल बंद करनेवाली भाजपा, अब किसी को नहीं चाहिए।
काशी के क्योटो में हुआ चमत्कार
पानी पर चल गयी दो पहिया नाव
जनता पूछ रही है कि पचासों हज़ार के बजट से काशी को स्मार्ट सिटी बनाने का जो दावा था उस पर किसने ये पानी फेर दिया?
कहीं दिल्लीवालों का काम लखनऊवालों ने तो चौपट नहीं कर दिया। न गंगा साफ़ हुई, न वरुणा और न ही काशी के नाले तभी तो नल को छोड़कर हर तरफ़ जल ही जल है।
अगर दूरबीन और ड्रोन काम नहीं कर रहा है तो रडार से ही दिखवा लें वैसे भी अब बादल नहीं है। अगर फिर भी न दिखाई दे तो यूपी के बुलडोज़र पर चढ़कर देख लें, कम से कम कभी तो बुलडोज़र का सकारात्मक इस्तेमाल हो।
अखिलेश यादव:- इस समय तो ऐसी पाबंदी है कि मोबाइल से स्कूल की तश्वीर भी खीच लिए
तो हो सकता है आपको जेल जाना पड जाए, आप प्राइमरी स्कूल नही जा सकते है
हमारे लोगो ने कोरोना के समय गांवो मे बच्चो पढाने का काम किया पर सरकार ने उल्टा उनपर मुकदमा कर दिया
अंग्रेजो ने भी कभी पढाई पर मुकदमे नही लगाए थे लेकिन आज की वर्तमान सरकार इस पर मुकदमा कर रही
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अखिलेश यादव आज शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे लखनऊ के LPS स्कूल पहुँचे !!
भाजपा जितनी नाइंसाफ़ी करना चाहे कर ले लेकिन अब वो ख़ुद ख़ौफ़ में है और वो भी लोगों की आवाज़ से नहीं बल्कि उनकी ख़ामोशियों से डरकर। क़ानून का सहारा लेकर ग़ैर क़ानूनी काम करने का दौर कुछ समय के लिए हावी हो सकता है पर हमेशा नहीं चलता।
जिस भाजपा ने मंदिर के दान-मान को लूट लिया वो किसी की आस्था के प्रतीकों का मोल क्या जाने। सारा मुस्लिम, बौद्ध, सिख, जैन अल्पसंख्यक, पिछड़ा, दलित समाज देख रहा है कि किस तरह उनपर अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है।
पीड़ित जब चुप हो जाता है तो उसका विरोध मौन होकर भी मुखर होने लगता है।
अब ‘पीडीए’ अपनी एकजुटता दिखाएगा, ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाकर एक सौहार्दपूर्ण ‘बंधुराष्ट्र’ बनाएगा!
उप्र में जो 26 हज़ार प्राथमिक विद्यालय भाजपा सरकार ने बंद किए हैं, उन सभी स्कूलों में समाजवादी पार्टी आज शिक्षक दिवस 5 सितंबर के दिन ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिसका मूल उद्देश्य ये संदेश देना है कि ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा’।
इस कार्यक्रम के पीछे मूल भावना ये है कि शिक्षा को प्राथमिकता दी जाए क्योंकि शिक्षा से ही शोषित-वंचित, ग़रीब-पीड़ित समाज में वो सामाजिक-राजनीतिक चेतना और जागरूकता आएगी जो प्रभुत्ववादियों के वर्चस्व को चुनौती देकर भेदभाव को ख़त्म करेगी, बराबरी लाएगी और समता-समानता पर आधारित ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाएगी, हमारे ‘बंधु राष्ट्र’ के संकल्प को साकार कर दिखाएगी।
#PDA
#पीडीए_पाठशाला_पुकारे
मुख्यमंत्री जी दावा करते रह गये कि माफ़िया-बदमाश उप्र छोड़कर चले गये हैं; यहाँ तो उल्टा हो गया दूसरे राज्यों के गैंग-बदमाश बीसों राउंड गोलियाँ चलाकर, हत्या करते हुए उप्र में आ गये हैं।
उनकी गैंग का नाम भी उप्र के किसी नामी-गिरामी से मिलता जुलता है। ये रिश्ता क्या कहलाता…
गोलियाँ अपने प्रदेश के एक निर्दोष युवा को ही नहीं, कोतवाली क्षेत्र में उप्र की क़ानून-व्यवस्था को भी मारी गईं हैं। बेख़ौफ़ हत्यारों के हौसले सातवें आसमान पर हैं क्योंकि उन्हें सत्ता सजातीयों को प्रश्रय देकर बचानेवाला और झूठे एनकाउंटर करवाकर पुलिस को भ्रष्ट बनानेवाला उप्र भाजपा सरकार का भ्रष्ट शासन अपना-सा लगता है।
गुनाहों में ‘किसी’ की साझेदारी है
इसीलिए इतनी बेशर्म पर्दादारी है!
भाजपाई JPNIC जैसी अद्भुत सिग्नेचर बिल्डिंग को सिर्फ़ बेच सकते हैं, उतना बड़ा कभी सोच नहीं सकते हैं क्योंकि भ्रष्टाचार ने उनकी सोच को संकीर्ण, कुंठित और संकुचित कर दिया है।
भाजपा जाएगी, बड़ी सोच आएगी!
ख़ुद से बढ़कर दुनिया में ना देखा कोई और…
जुबां पर आज दिल की बात आ गई…
जो अपना चुनाव हार गये, वो दूसरों से ख़ुद को मुख्यमंत्री के रूप में चुनने की उम्मीद करते हैं। डबल इंजन का मतलब यहाँ तो ‘दिल्ली-लखनऊ’ के साथ-साथ ‘सिराथू-गोरखपुर’ भी निकला। अब देखते हैं ये हटते हैं या हटाए जाते हैं।
उप्र में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के कारण ईमानदार अधिकारी निम्नलिखित कई तरह के दबाव में हैं :
- कमीशनख़ोरी से भ्रष्टाचार करने
- भाजपाइयों को टेंडर दिलवाने में हेराफेरी करने
- ट्रांसफ़र-पोस्टिंग को धंधा बनाते हुए पैसे लेने
- चंदा-पर्ची कटवाकर वसूली करवाने
- विपक्ष पर झूठे मुक़दमे लगाने
- हिरासत में किसी को मरवाने
- विरोधियों के फ़ेक एनकाउंटर करवाने
- एनकाउंटर का डर दिखाकर पैसे ऐंठने
- पीडीए के अत्याचार को दबाने-छिपाने
- कारोबारियों से धन उगाहने
- बलात्कार-अपहरण के केस दबाने
- भाजपाइयों के क़ब्ज़े के मामले छुपाने
- प्रदेश की सीमाओं पर माल इधर-से-उधर करवाने
- मिलावट के मामलों को शुद्ध बताने
- किसान, मज़दूर, महिलाओं, युवाओं के उत्पीड़न पर मुँह फेर लेने
- छूआछूत के मामले दबवाने
- मंदिर चोरी के केस में एफ़आइआर न करवाने
- किसी माननीय की छवि को हर हाल में लीपापोती करके बचाने…
… ऐसे और भी अनगिनत कारण हैं जहाँ भाजपा सरकार अधिकारियों पर अनैतिक-अवैध काम करने का दबाव बनाती है, जिसकी वजह से उन्हें त्यागपत्र तक देना पड़ जाता है।
ईमानदार अधिकारियों के बिना कोई शासन-प्रशासन नहीं चल सकता है।
कमीशन ही भाजपा का मिशन है। भाजपा हर सौदे में मोटा कमीशन लेकर कोई भी सार्वजनिक संपत्ति बेच सकती है। इसीलिए अब जनता कहने लगी है: जो लूटे जनता की कमाई, वो भाजपाई!
लखनऊ में जिस JPNIC (जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) को 831 करोड़ में उप्र सरकार ने निजी हाथों में बेच दिया है, उससे अधिक तो वो निजी कंपनी केवल पार्किंग से ही कमा लेगी।
भाजपा की निजीकरण की भ्रष्ट नीति के अन्य शिकार :
- ऐतिहासिक इमारत छतर मंज़िल
- शान-ए-अवध
- लखनऊ के बस स्टैंड
- जनेश्वर मिश्र पार्क कार्यक्रम लॉन बुकिंग
- रिवर फ्रंट का आंशिक हिस्सा
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल ठेका
भाजपा का बस चले तो भाजपा को ही बेच दे लेकिन भाजपा की इतनी बदनामी हो चुकी है कि उसका कोई मोल नहीं रह गया है, इसीलिए कोई ख़रीदार ही नहीं मिल रहा है।
बे-बस बहन : रक्षाबंधन पर मुफ़्त बस का वादा करके बस ही हटवा दी!
“प्राण जाए पर वचन न जाए” कहनेवाले रघुवंशियों तक को ठग लेनेवाले ये भाजपाई क्या वचन निभाएंगे।
"मैं रक्षाबंधन त्यौहार की बधाई देना चाहता हूं, यह ऐसा त्यौहार है जहां भाई संकल्प लेता है अपनी बहनों की रक्षा के लिए। हम संकल्प यह भी लेते हैं कि आने वाले समय में बेटियों महिलाओं के बीच जो असुरक्षा की भावना है वह खत्म की जाए।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, सैफई