दलित समाज के सभी चमचों दलालों गद्दारों दलबदलूओं जालिमो नालायकों देखों क्या हालत हो गई हैं इन कुत्तों की
कुत्ते कभी भी हुकूमत में नहीं आ पातें हैं !
आजादी से लेकर आज तक कोई चमचा दलाल गद्दार मुख्यमंत्री बना कभी नहीं बन पाया !
क्योंकि उन कुत्तों को सिर्फ एक रोटी से मतलब होती है
दलित मजदूर की निर्मम हत्या! 💔
राजस्थान के डीग में मनोज गुर्जर, विष्णु गुर्जर एवं उनके अन्य गुर्गों ने मिलकर धर्मवीर जाटव की निर्मम हत्या कर दी।
इन कायर जातिवादी अपराधियों ने मजदूरी करके वापस आ रहे एक निहत्थे आदमी पर बेरहमी से हमला किया। हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जयपुर रेफर किया गया था। चूंकि हत्यारे गृहमंत्री के सजातीय हैं और स्थानीय स्तर पर उनका प्रभुत्व है, इसलिए पुलिस ने शुरुआत में इस मामले पर कोई FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद पीड़ित परिवार ने मृतक के शव को थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया। भारी आक्रोश के बाद पुलिस ने FIR तो दर्ज कर ली, लेकिन अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
प्रशासन के दबाव के बाद पीड़ित परिवार ने शव को अपने गाँव में रखा हुआ है। परिवार का कहना है कि जब तक मनोज गुर्जर, विष्णु गुर्जर, जवाहर गुर्जर सहित सभी कायर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
भाजपा की सरकार में दलितों की हैसियत देखिए। पहले दलितों को बुरी तरह मारा जाता है, लेकिन पुलिस FIR तक दर्ज नहीं करती। जब पीड़ित की मौत हो जाती है, तो भारी प्रदर्शन के बाद FIR तो दर्ज हो जाती है, लेकिन हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता; सिर्फ इसलिए क्योंकि वे Dominant जाति के हैं? यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सरकार धर्मवीर जाटव हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे, पीड़ित परिवार को सुरक्षा दे एवं मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर उन पर सख्त कार्रवाई करे।
आप किस बीएसपी को खत्म करने की बात करते हो?
वही बीएसपी जिसने बोलने की आज़ादी दिलाई। वही बीएसपी जिसने आपको हुकूमत दी। वही बीएसपी जिसने आपको मान,सम्मान और स्वाभिमान दिया। वही बीएसपी जिसने आपको सुरक्षा और कानून द्वारा कानून का राज दिया। वही बीएसपी जिसने आपको रोजगार और सम्मानजनक जीवन दिया।
किस बीएसपी को खत्म करने की बात करते हो आप लोग?
लोग पूछते हैं, बसपा ही क्यों?
क्योंकि बसपा है तो—
✊ अधिकार है,
🤝 बराबरी है,
🛡️ सुरक्षा है,
📚 अवसर है,
🌱 तरक्की है,
👑 स्वाभिमान है।
#नो_मजबूरी_बसपा_है_ज़रूरी
@SurajKrBauddh ये मुस्लिमों का बेटा है, जहां इसके पापा लोग आरोपी रहते है वहां हुड़दंग करने नहीं जाता है ना ही इसकी जवान खुलती है, ये पापा का विरोध कैसे कर सकता है
दलित बच्ची को न्याय दो!
यूपी के बरेली में मोहम्मद मोनिश नामक दरिंदा एक दलित नाबालिग छात्रा से कई महीनों से छेड़खानी कर रहा है। विरोध करने पर वह उसे किडनैप करने की धमकी देता है।
क्या अब चंद्रशेखर आजाद आंदोलन करने नहीं जाएंगे? या फिर सेक्युलर ज़मात की तरह वह भी मौन ही बने रहेंगे?
बीएसपी और सपा गठबन्धन 2019 : क्यों और कैसे टूटा?
बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी का जब 2019 में गठबन्धन हुआ था,तो इसका प्रमुख उद्देश्य सत्तारूढ़ भाजपा को यूपी एवं केन्द्र की सत्ता से बेदखल करना था।
यहाँ तक कि इस गठबन्धन ने यूपी विधानसभा, लोकसभा चुनाव और स्थानीय चुनाव एक साथ लड़ने का एलान किया था।
अफसोस शिवपाल सिंह यादव नहीं चाहते थे कि भाजपा केन्द्र की सत्ता से बेदखल हो।
शिवपाल सिंह यादव नहीं चाहते थे कि बीएसपी और सपा एक साथ मिलकर चुनाव लड़ें और जातिवादी मानसिकता वाली भाजपा को मुँह की खानी पड़े।
जब सन 2019 में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी में गठबन्धन हुआ था,तो मैंने दोनों दलों के लिए जमीनी स्तर पर काफी मेहनत की और सोशल मीडिया पर खूब प्रचार-प्रसार किया।
श्रीमती डिम्पल यादव द्वारा आदरणीया बहन कु0 मायावती जी के पैर छूने के बाद शिवपाल सिंह यादव ने यादव समाज को भड़का दिया।
शिवपाल सिंह यादव ने कहा था कि डिम्पल यादव को मायावती जी के पैर नहीं छूने चाहिए थे। डिम्पल यादव ने मायावती जी के पैर छूकर यादव समाज का अपमान किया है।
शिवपाल सिंह यादव क्षेत्रों में घूमते वक़्त कहते थे कि भले ही भाजपा को वोट दे देना,लेकिन बीएसपी-सपा गठबन्धन को वोट मत देना।
शिवपाल सिंह यादव की तीखी टिप्पणियों की वजह से यादव समाज के लोगों ने बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों को वोट नहीं दिया था,तब भाजपा को दे दिया।
यहाँ तक कि यादव समाज के लोगों ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को भी वोट देना उचित नहीं समझा और भाजपा को वोट दे आए।
पूर्वांचल की यादव बाहुल्य लोकसभा सीटों पर भाजपा का एकतरफा कमल खिला। यह अपने आप में बड़ा आश्चर्य था।
एससी वर्ग और मुस्लिम वोटों के दम पर बीएसपी के दस लोकसभा सांसद जीते और समाजवादी के पाँच।
लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम में बीएसपी अट्ठाइस सीटों पर दूसरे नम्बर पर रही और दो सीटों पर नम्बर तीन पर।
अगर यादव समाज अपना एकमुश्त वोट बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबन्धन को दे देता,तो यकीकन यह गठबन्धन 70 सीटें जीतता।
बीएसपी द्वारा लोकसभा की दस सीटें जीतने और समाजवादी पार्टी द्वारा पाँच सीटें जीतने के बाद अखिलेश यादव से बर्दाश्त नहीं हुआ।
अखिलेश यादव ने बीएसपी के शीर्ष नेतृत्व से दूरी बनाना शुरू कर दिया। बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव और बीएसपी कार्यालय का फोन उठाना तक उचित नहीं समझा।
उसके बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा आदरणीया बहन जी ने बहुजन समाज के आत्मसम्मान की ख़ातिर समाजवादी पार्टी से गठबन्धन तोड़ने का एलान कर दिया था।
@BhimArmyChief तुम लाशों पर राजनीति करना, दौड़ भाग करना, दंगाई बनाना, गुंडागिरी करना,तुम इसे संघर्ष मानते हो मैं इसे संघर्ष नहीं मानता हु मैं इसको अपना राजनीति चमकाने के लिए अपने, बहुजन साथियों का आहुति देना समझते है क्योंकि इसमें बस तुम्हारा फायदा हुआ है, लेकिन समाज का नुक्सान हुआ
@BhimArmyChief रावण तुम्हे पता भी है कांसीराम किसके लिए संघर्ष किए थे 1984 में मंडल कमीशन लागू कराने के लिए और 1986 में बरेली जेल भरो आंदोलन दलित बस्तियों में शराब का ठेका बंद करवाने के लिए। तुम्हारे जैसे लाशों पर राजनीति नहीं करते थे भाई। तुम देश के सबसे गिरे हुए इंसान में से एक हो
क्योंकि भीम आर्मी बहुजन समाज को तवाह करना चाहता है इसलिए बहन जी अपने समाज को समझाया है
रावण ने आजतक हजारों पीड़ितों के मुद्दे उठाया लेकिन उसमें किसी को भी न्याय नहीं मिला, बल्कि इसके हुड़दंग करने से हमारे हजारों लोगों पर fir हो गया है
रोड पर उतरकर दंगा फ़रसाद करने से क्या फायदा
बसपा सुप्रीमो बहन @Mayawati जी की प्रेस कांफ्रेंस👇🏻
मेरठ ललिता गौतम मामले का जिक्र किया? - नहीं ❌
सरकार की दलित विरोधी नीतियों पर सवाल? - नहीं ❌
SSP के थप्पड़कांड पर सवाल? - नहीं ❌
फिर क्या उद्देश्य था प्रेस कॉन्फ्रेंस का?
-भीम आर्मी पर हमला ✅
- चन्द्रशेखर आजाद पर हमला ✅
- भीम आर्मी की समाज में नकारात्मक इमेज बनाना ताकि भीम आर्मी कमजोर हो ✅
बहुजन समाज से निवेदन है ऐसे किसी माफिया गुंडे के चक्कर में नहीं आना है जो दलित समाज के लाशों पर राजनीति करता हो। राजनेता हो रहे अत्याचार को खत्म करने का प्रयास करता है ना कि लाशों पर राजनीति। देश में ऐसा कोई नेता नहीं है जो लाशों पर राजनीति करता हो। ऐसा एक मात्र नेता रावण
SSP अविनाश पांडेय को बर्खास्त करो।
मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड में पुलिस ने दलितों के साथ जिस तरह का अपमानजनक एवं तानाशाही से भरा हुआ रवैया अपनाया है, इसे कतई स्वीकार नहीं किया जाऐगा।
CM योगी से हमारी मांग है कि SSP अविनाश पांडेय को तत्काल बर्खास्त किया जाए। MYogiAdityanath