हर “संस्कारी” औरत सज-धज कर सिर्फ जिहादी जालिम मर्द की बेदर्द ठू🔞काई चाहती है
उसकी तपती जवानी और बदन की आग को तगड़े मु🍆सल से चीर दो, गर्दन दबाकर ठोको…
वो सब कुछ सौंप देगी और उम्र भर हमारा हिजाबी मुसल की गुलाम बनी रहती है। 😈🍆💦 #mbull#abdul#kasaiwala
एक प्यासी औरत तगड़े ताकतवर जिहादी मर्द की मजबूत बाहों में पूरी तरह पिघल जाती है
उसके जिस्म की आग बुझाने के लिए हम जिहादी अपने मोटे सांड जैसे 🍆 से उसकी हर साँस को अपने कब्जे में ले लेते है और
रोज़ कसाईखाने में बाँधकर प्यासी गाय को हलाल करते है और उसकी… रोम-रोम पवित करते हैं
घास फूस खाने वाले चुतियो को गोश्त 🥩 का स्वाद क्या ही पता होगा। जिसे वो मोटी, चर्बीदार, गाय 🐄 बोलते हैं, वहीं चर्बीदार गाय हम हिजाबी मुल्ले को पसंद 🔞 है जिसे हम अपने कसाईखाने में हलाल करते हुए उनकी पवित्र कोख में अपना हिजाबी बीज 💦 डाल कर मुस्लिम बच्चे निकलते है🇵🇰।
नाम: अब्दुल हकीम अंसारी
उम्र: 38 साल
काठी: 6 फीट का विशालकाय मस्कुलर शरीर, जैसे फौलाद को तराश कर बनाया गया हो।
पेशा: एक मांस की दुकान का मालिक, जहाँ सिर्फ गोश्त नहीं, बल्कि एक अलग ही तरह का दबदबा बिकता है।
एक हिंदू प्यासी औरत एक तगड़े ताकतवार जिहादी मर्द की बाहो में पिगल जाति हे और जिहादी मर्द भी उसकी जिस्म की आग मिटने के लिए उससे इस्तेमाल करते हैं अपने तगड़े जिहादी सांड मुसल हिंदू नारी की रोम रोम को पवित्र कर देते हैं या उसे अपने कसाई खाने में बाधा के हर रोज उसे हलाल करता है
एक असंतुष्ट प्यासी औरत जब भी हम जैसे मुल्ले सांड मर्द को देखती है तब वो चाहती है जो उसके उफान पर तप रही जवानी को अपने तगड़े शरीर के दमदार हिजाबी घोड़े से निचोड़ 🔞 कर शांत करदे ऐसे मुल्ले सांड भी बहुत कम ही होते है जो औरत को अपनी कसाई खाने में रांD की तरह चोदने से नहीं कतराते 🧡