मिलिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन से! 🎭
सिवारासा अनोजन को सऊदी अरब में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन साहब के मानवाधिकारों पर एक ट्वीट तक नहीं! 🤐
मानो मानवाधिकारों का ठेका सिर्फ भारत के लिए ही ले रखा हो! 😂
दोहरे मापदंड! मानवाधिकार भी अब शायद देश देखकर जागते हैं! 🤨
#India: We are concerned by reports of mass detentions of demonstrators, protest leaders, members of civil society organisations, lawyers and journalists, before and during today’s large-scale demonstrations in Delhi.
We call on the authorities to ensure that the right to peaceful assembly is fully respected and fulfilled.
https://t.co/tqrQyZoXBJ
“पुरुष दिवस पर हार (नरेंद्र मोदी स्टेडियम) और महिला दिवस पर जीत — शायद इतिहास भी कभी-कभी नारी-शक्ति के पक्ष में मुस्कुरा देता है।”
#T20WorldCup#champions#Indian@ICC@BCCI
ग्रीनलैंड उसके लोगों का है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड से जुड़े फैसले केवल वहीं के लोग और सरकारें ही करेंगी-बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं होगा।
बयान में अमेरिका को इस प्रयास में एक अहम साझेदार बताया गया है-नाटो सहयोगी के रूप में और 1951 के डेनमार्क-अमेरिका रक्षा समझौते के तहत।
जब पूरी दुनिया में ट्रंप की मनमानी और हड़प नीति चल रही थी, तब यूरोपीय नेता आँखों पर पट्टी बाँधकर ट्रंप के साथ सुर में सुर मिलाते रहे। अब जब बात खुद पर आ पड़ी है, तब ये बयान जारी किए जा रहे हैं।
यूरोप के प्रमुख नेताओं ने ग्रीनलैंड को लेकर संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा यूरोप और नाटो के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों को दोहराया और स्पष्ट किया कि
दुनिया के नजरिए से देखें तो यह कोई नव-साम्राज्यवाद नहीं, बल्कि बिल्कुल क्लासिक साम्राज्यवाद है-राजा-महाराजा वाले अंदाज में, जहाँ एक देश का राजा दूसरे देश के राजा को बंदी बना रहा है।
इराक में भी, जब अमेरिका ने सद्दाम हुसैन को पकड़ा था, तब औपचारिक रूप से वहाँ की अदालत ने ही उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। इतिहास गवाह है कि ऐसे मामलों में घटनाएँ अचानक नहीं होतीं, बल्कि बहुत पहले से तय की गई दिशा में आगे बढ़ती हैं।
8 नवंबर 2016
भारतीय पीएम मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की और ₹500 व ₹1000 के नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया।
4 दिसंबर 2016
जावेद खनानी, पाकिस्तानी व्यवसायी, विदेशी मुद्रा कंपनी Khanani International के निदेशक और भारतीय नकली मुद्रा रैकेट के सरगना, ने आत्महत्या कर ली।
Just coincidence?
ऑस्कर विजेता डॉक्यूमेंट्री The Elephant Whisperers में हमने महावत का कार्य करने वाले कर्नाटक-तमिलनाडु के जनजातीय समाज को गणेश-पूजा करते हुए देखा था। इतना ही नहीं, उन जंगलों में गणेश मंदिरों के पुरोहित भी इसी जनजातीय समाज से होते हैं।
@shetty_rishab
वही सुदूर दक्षिण के समुद्र तटों पर भी विद्यमान हैं।
हमने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को शिव मंदिर में झाड़ू लगाते हुए देखा है, जो ओडिशा की ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं। वो भी जनजातीय हैं। इसी तरह,
"Absolutely true, sir. What matters most is real action on the ground, not just promises. GST reform is a positive step towards transparency, ease of doing business, and boosting the economy. Kudos to the team for turning intent into impact."
@anandmahindra@Mahindra_Auto
बाढ़
गाँव में बाढ़ आई
ठाकुर, पण्डित, बनिया,
तेली, धोबी, चमार सबके सब भागे
और
ऊँचे मंदिर में जाकर बैठ गए।
बाढ़ का पानी शांत होने पर
सब अपने मोहल्ले लौट गए
भय आदमी को जात भुला देता
त्रासदी आदमी को इंसान बना देती
हमें ऐसी बाढ़ की काफी जरूरत है।
#DD
इस बार रेन लिली,
अपने उगने की खुशी में
तीसरी बार मुस्काई।
तीसरी बार,
मानसून के बरसने पर,
बादलों से हाथ मिलाते हुए
मेरे पौधों ने कहा
"पधारो म्हारो देश!"
तीसरी बार,
मैंने भी मुस्कराकर कहा
"लिली, तुम वाकई बेहद खूबसूरत हो !"