🚀 बिहार को IT Hub बनाना है!
हजारों https://t.co/r0Nlc9Rdj3, MCA व https://t.co/HmFRX6UfWR प्रशिक्षित कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक बिहार के बच्चों को तकनीकी शिक्षा देकर भविष्य के Software Developer, AI Engineer और Startup Founder तैयार करना चाहते हैं। @BiharEducation_@mkrtiwari_bjp
बिहार को IT Hub बनाना है।
विद्यालयों से भविष्य के Software Developer तैयार होंगे।
कंप्यूटर विज्ञान शिक्षकों का राज्यस्तरीय अभियान—आइए इस आवाज़ को मजबूत करें।
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#BiharITHub#ComputerScience
बिहार को IT Hub बनाना है!विद्यालयों से ही भविष्य के Software Developer, AI Engineer और Tech Entrepreneur तैय��र होंगे।इसी संकल्प के साथ बिहार के कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक एक मंच पर जुट रहे हैं। यह सिर्फ़ एक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार के डिजिटल भविष्य की शुरुआत है।
#BiharITHub
बिहार को IT Hub बनाना है!विद्यालयों से ही भविष्य के Software Developer, AI Engineer और Tech Entrepreneur तैयार होंगे।इसी संकल्प के साथ बिहार के कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक एक मंच पर जुट रहे हैं। यह सिर्फ़ एक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार के डिजिटल भविष्य की शुरुआत है।
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बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की बैठक में शिक्षा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में राज्य की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
शिक्षकों के लिए "दो कौड़ी" जैसे शब्दों का प्रयोग करना किसी भी दृष्टि स�� उचित नहीं है, चाहे वे ऑनलाइन पढ़ाते हों या ऑफलाइन।
शब्दों की मर्यादा कभी नहीं भूलनी चाहिए, चाहे सामने वाला कोई भी व्यक्ति हो। सम्मानजनक भाषा सभ्यता और संस्कार का परिचय देती है।
बिहार सरकार को शायद "अवकाश" शब्द का अर्थ समझने में कठिनाई होती है, और जब मामला विशेष कर शिक्षकों से जुड़ा हो तो यह स्थिति और भी स्पष्ट दिखाई देती है।
वार्षिक कैलेंडर के अनुसार 1 जून से शिक्षकों के अवकाश की घोषणा स्वयं सरकार ने की थी। शिक्षकगण भी भीषण गर्मी के इस दौर में कुछ राहत की उम्मीद कर रहे थे। किंतु आश्चर्य की बात है कि अवकाश शुरू होने से ठीक पहले सरकार ने 1 से 5 जून तक दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में भाग लेने का आदेश जारी कर दिया।
यदि शिक्षकों को प्रशिक्षण में ही उपस्थित रहना है, तो फिर उसे अवकाश कैसे माना जा सकता है? अवकाश का उद्देश्य शिक्षकों को विश्राम, पार��वारिक समय और मानसिक ताजगी प्रदान करना होता है, न कि उन्हें अन्य प्रशासनिक गतिविधियों में व्यस्त रखना।
सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इस तर्कहीन और विरोधाभासी आदेश को तत्काल वापस लेना चाहिए, ताकि घोषित अवकाश का वास्तविक लाभ शिक्षकों को मिल सके।
बिहार सरकार को शायद "अवकाश" शब्द का अर्थ समझने में कठिनाई होती है, और जब मामला विशेष कर शिक्षकों से जुड़ा हो तो यह स्थिति और भी स्पष्ट दिखाई देती है।
��ार्षिक कैलेंडर के अनुसार 1 जून से शिक्षकों के अवकाश की घोषणा स्वयं सरकार ने की थी। शिक्षकगण भी भीषण गर्मी के इस दौर में कुछ राहत की उम्मीद कर रहे थे। किंतु आश्चर्य की बात है कि अवकाश शुरू होने से ठीक पहले सरकार ने 1 से 5 जून तक दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में भाग लेने का आदेश जारी कर दिया।
यदि शिक्षकों को प्रशिक्षण में ही उपस्थित रहना है, तो फिर उसे अवकाश कैसे माना जा सकता है? अवकाश का उद्देश्य शिक्��कों को विश्राम, पारिवारिक समय और मानसिक ताजगी प्रदान करना होता है, न कि उन्हें अन्य प्रशासनिक गतिविधियों में व्यस्त रखना।
सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए इस तर्कहीन और विरोधाभासी आदेश को तत्काल वापस लेना चाहिए, ताकि घोषित अवकाश का वास्तविक लाभ शिक्षकों को मिल सके।
गर्मी छुट्टी का कैलेंडर 7-8 महीने पहले जारी किया गया था। उसके अनुसार शिक्षक अपने परिवार के साथ समय बिताने एवं कहीं घूमने जाने की योजना बना चुके हैं, कई लोगों ने टिकट भी बुक करा लिया है। यह विश्राम अवकाश होता है। ऐसे समय में अचानक प्रशिक्षण सूची जारी करना समझ से परे है। अतः इस निर्णय को जल्द से-जल्द निरस्त किया जाए। @BiharEducation_
माननीय शिक्षा मंत्री @mkrtiwari_bjp अनुरोध है कि ��्रीष्मावकाश के दौरान प्रस्तावित आवासीय प्रशिक्षण को अवकाश समाप्ति के बाद आयोजित किया जाए। गर्मी की छुट्टियाँ शिक्षकों के लिए परिवार के साथ समय बिताने और मानसिक विश्राम का एकमात्र अवसर होती हैं। @scertbihar
#BiharTeachers
बिहार के हाई स्कूल में बीटेक पास कंप्यूटर साइंस टीचर है अगर कंप्यूटर साइंस को विद्यालय में अनिवार्य बनाया जाय तो पटना गुड़गांव की तरह IT का हब बन जाएगा। विद्यालय में सॉफ्टवेयर बनाना सिखाया जा सकता है । AI की ट्रे��िंग दी जा सकती है । @mkrtiwari_bjp @samrat4bjp @BiharEducation_
बिहार के हाई स्कूल में बीटेक पास कंप्यूटर साइंस टीचर है अगर कंप्यूटर साइंस को विद्यालय में अनिवार्य बनाया जाय तो पटना गुड़गांव की तरह IT का हब बन जाएगा। विद्यालय में सॉफ्टवेयर बनाना सिखाया जा सकता है । AI की ट्रेनिंग दी जा सकती है । @mkrtiwari_bjp@samrat4bjp@BiharEducation_
बिहार के सरकारी विद्यालय में कार्यरत ये कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक कंप्यूटर साइंस पढ़ने के अलावे संगीत की भी शिक्षा देने का प्रयास कर रहे है ताकि अधिक से अधिक बच्चे विद्यालय में नामांकन ले । @Live_Hindustan@prabhatkhabar@DainikBhaskar@JagranNews
बक्सर जिला में कंप्यूटर साइंस शिक्षक के साथ हुई बदतमीजी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। माननीय शिक्षा मंत्री जी से आग्रह है कि इस मामले को संज्ञान में लेकर दोषी पर अ��िलंब कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा शिक्षकों की गरिमा की रक्षा करें। @sunilkbv @Ashwini_TET
@BiharEducation_