Luckily we approved data centers near lakes with 15 year tax breaks and subsidized water and electricity right before we announced a drought in the state ✌️ too much masterstroke
बिहार में SC/ST एक्ट के नाम पर ‘धंधे’ का बेहद चौकाने वाले सनसनीखेज खुलासा! 🔥
दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में किए गए दावों ने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में दावा है कि मोदी एक्ट के तहत झूठे मुकदमे कराने का पूरा पैकेज चल रहा है! पत्नी शिकायतकर्ता, पति गवाह और एजेंट पूरी व्यवस्था का हिस्सा! ₹2.5 लाख के पैकेज और हिस्सेदारी की बात ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो पूरा देखिए… मामला जितना दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा गंभीर नजर आता है। स्टिंग में कही बातें देख सुनकर यही लगता है की यह सिर्फ कानून का दुरुपयोग नहीं, बल्कि खिलवाड़ किया जा रहा है।
@ajeetbharti
Next 6 months we will see:
1. Political protests by INDI (failed attempts, detentions)
2. Tilchatta being given long rope to create anarchy so that the 'saner RW voices' attack them as anti-nationals and what not. Won't work as RW will be more focussed on mocking rather than narrative making.
3. Sporadic caste riots, limited to some villages or muhallas. Mostly because of weaponised Modi Act cases and fed up blasphemous posts on Hindi deities.
BJP will be the enabler of all.
भाजपा ने जो नग्नता की है एक व्यक्ति के जन्मदिन पर, उस पर दो केस होने चाहिए:
१. हिन्दू प्रतीकों, आस्था और पर्व को नीचा दिखाने का कि इन्होंने कलश, दीपक, आरती और दीवाली को एक जातिवादी नेता के छवि प्रबंधन के लिए प्रयोग किया
२. पार्टी के नेता के जन्मदिन पर करदाताओं के धन के निरर्थक व्यय का
ये चिरकुट कार्यकर्ता और पार्टी का चटुआ सेल किस बात पर कल को नेहरू और राजीव गाँधी को घेरेगा कि ये युद्धपोत पर पिकनिक मनाते थे?
तुमने भगवान राम की दीपावली पर बने दीपों के रिकॉर्ड को टच करने का सोचा भी कैसे? तुमने दीपावली मनाने का ही कैसे सोच लिया? तुम्हारी औकात है भगवान राम के समक्ष खड़े होने की भी, इस चंदा-चोरी के बाद? तुम पापी लोग भगवान की बराबरी करोगे?
तुम स्वयं को भगवान से ऊपर समझने लगे? हस्ती क्या है तुम्हारी? तुम्हारे वश में सरकारी सर्कुलर भेजना ही अब बचा है क्योंकि लोग भय से, कि सैलरी न कट जाए, नौकरी न चली जाए, दीप जलाएँगे।
और हाँ पापियो! बिहार के बाढ़ की विभीषिका के मध्य तुमने यह नंगई की है और जम्मू-कश्मीर की बाढ़ पर तुमने ज्ञान दिया था सहयोग का। नरेन्द्र मोदी के हैंडल से नेपाल की बाढ़ पर पोस्ट है, पर बिहार पर अभी तक नहीं।
दीपक जला और हमारी जेब भी कि हम जो पैसा सड़क-हॉस्पिटल-स्कूल बनाने के लिए देते हैं, वह एक व्यक्ति के ईगो मसाज के लिए लुटाया जा रहा है ताकि रिकॉर्ड बन सके, फोटो और रील कट सके, इनके नाम के गीत गाए जाएँ।
लज्जा कर लो, यदि बची है तो! और चटुआ सेल, ज्ञान मत देना, तुम्हारा बाप हूँ मैं ज्ञान देने में।
अरे! बहुत अधिक दे दिया! और इसका ऑडिट भी नहीं होगा। अधिकारी आनंद में रहेंगे, जनता दीया जला कर भारत के नए राम को आशीर्वाद देगी और फिर छठ के गीत के साथ शुभकामनाएँ! सब मस्त हो जाएगा अगले भादो तक।
पॉडकास्ट के दौरान विजेता दहिया और प्रिंस गौर के बीच विवाद, धर्म पर टिप्पणियों को लेकर हुई बहस
दिल्ली के जाफराबाद में एक पॉडकास्ट रिकॉर्डिंग के दौरान पूर्व CJP प्रवक्ता विजेता दहिया और प्रिंस गौर के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान हिंदू धर्म और देवी-देवताओं को लेकर दहिया की पुरानी टिप्पणियों का मुद्दा उठा, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रिंस गौर ने बाद में वीडियो जारी कर कहा कि दहिया से उनकी टिप्पणियों को लेकर सवाल किए गए थे। वहीं, दहिया ने धमकी और बदसलूकी के आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है। मामले में पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
रावण को लगता है बार-बार ये भीड़ की धमकी दे कर, देश में आग लगा कर ये जाटवों द्वारा अनुपात से अधिक आरक्षण लेने के बाद भी, अपनी राजनीति के लिए ब्लैकमेलिंग करता रहेगा और समाज होता रहेगा।
इस बार यदि हिंसा हुई तो इसकी सांसदी चली जाएगी। पर सरकार को अराजक और दंगाई लोग पसंद है, आयोजकों पर ये सरकार FIR ही नहीं करती। पिछली बार के जातवादी दंगों में 14 लोग मरे थे। उससे पहले इसने एक और जातिगत संघर्ष चालू कराया था, तब इसे जेल में NSA लगा कर रखा गया था।
बाल्मीकी, डोम और खटीक समुदाय में नेता नहीं हैं क्या? उनके अधिकार कब मिलेंगे? या इन जातियों को भी एक दंगाई भीड़ सेना में ही नेतृत्व दिख रहा है? उपवर्गीकरण से ही कम प्रतिनिधित्व वाली जातियों को आरक्षण मिल सकता है।
मायावती के समय से ही जाटवों ने SC आरक्षण का बहुत बड़ा हिस्सा लिया है। अब समय आ गया है कि समीक्षा हो और इन्हें SC के हिस्से से 4-5% ही आरक्षण मिले और बाकी में बाल्मीकि, खटीक, मुसहर, डोम, हेला, कंजर, नट, बहेलिया आदि को आगे किया जाए।
इन जातियों के नेता नहीं हैं तो बाबा साहेब का आशीर्वाद ले कर इनके युवाओं को नेतृत्व हाथ में लेना चाहिए। कोई अनपढ़ नेता आपके अधिकारों का हनन कर रहा है, जागो और छीन लो अपना अधिकार।
मुसहर समाज के लोगों से जब पूछा गया कि आरक्षण किसे मिलना चाहिए, जिसे एक बार मिल चुका है उसे बार-बार, या उस गरीब को जिसे आज तक मौका ही नहीं मिला?
जवाब सीधा था, जिसे एक बार मिल चुका है, उसे दोबारा नहीं; पहले उन बच्चों को मिले, जिन्हें अब तक कुछ नहीं मिला।
इनकी आवाज़ को जगह देने के लिए पत्रकार महोदय को आभार।
सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि किसी SC/ST को सार्वजनिक तौर पर भी माँ-बहन-भाई-बाप की गाली दी जाए, तो वह जातिसूचक गाली नहीं होगी और उस पर कोई केस नहीं बनेगा। वह केवल गाली कही जाएगी जो कोई उस स्तर का अपराध नहीं है कि आपको जेल हो जाए।
यदि कोई सांसद महिलाओं को ‘रंडी’, ‘सेकस करती है’, ‘जिस्म बेचती है’ लिखे, या किसी बलात्कारी मानसिकता वाले IAS को अपने भाषणों में प्रमोट करे, तो वह कानून का एक मैक्सिम ‘वन हू सीक्स इक्विटी, मस्ट कम विद क्लीन हैंड्स’ के विरोध में दिखता है। वह किसी अन्य पर गाली देने का आरोप नहीं लगा सकता।
इसलिए मैं जो भी बोलता हूँ, वह विधि की वृत्त में ही रह कर बोलता हूँ। सुप्रीम कोर्ट की बात संलग्न है।
लहसुन का लोकतंत्र
देखिए कि सरकार कितनी नंगी और अराजकतावादियों की गोद में बैठने वाली हो गई है कि ये आज सुप्रीम कोर्ट में यह कहने गए कि तिलचट्टों के प्रदर्शन में जिन्होंने पत्थरबाजी की, पुलिस पर डंडों से प्रहार किया, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुँचाई, उन पर हुए केस निरस्त किए जाएँ।
@BJP4India वालों, वह तुम्हारे बापों की संपत्ति थी? कितनी बार तुम अपनी घटिया राजनीति के लिए @DelhiPolice को पिटवाते रहोगे? पूरी पुलिसिंग को पंगु बना कर रख दिया है, जो भी आता है इनका सर फोड़ कर चला जाता है।
पर हाँ, पुलिस कुछ न करे क्योंकि माननीय @narendramodi जी को रात के एक बजे ‘जेन जी’ के लिए रील बना कर, उन्हें माफ करते हुए बड़ा हृदय वाला दिखना है। आज कल रील और उसके व्यू नहीं गिन रहा कोई!
सरकार चाहती है कि वो ये केस माफी की भी नौटंकी करे और वही सरकार फिर कोर्ट को यह भी कहती है कि तिलचट्टों का पाँच सितम्बर वाला मार्च रोक दिया जाए। माननीय सूर्यकांत जी ने कहा है कि अभी से वो यह नहीं मान सकते कि कुछ गलत ही हो जाएगा।
जबकि माननीय सूर्यकांत के समक्ष ऐसे उदाहरण हैं कि इन्हीं आयोजकों के कारण दिल्ली में तीन दिन क्या होता रहा। फट्टू सरकार की %# इतनी फटी हुई थी कि आयोजकों को नामित तक नहीं कर पाई कि इनका ही दायित्व बनता था।
ये चल रहा है इस देश में। दंगाइयों को सरकार बचा रही है ताकि उनके राम मंदिर लूट के पाप को डायवर्ट करने का रिवार्ड उन्हें दिया जा सके। जनता सब देख रही है।
प्रतापगढ़ में 10 सदस्यीय परिवार बदहाली में, आवास और मदद की लगाई गुहार
प्रतापगढ़: रामपुर विधानसभा क्षेत्र की ननौती ग्राम सभा में रहने वाले संतोष कुमार मिश्रा अपने परिवार के कुल 10 सदस्यों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं।
परिवार का दावा है कि उनके पास रहने की समुचित व्यवस्था नहीं है और अब तक पर्याप्त सरकारी या सामाजिक मदद नहीं मिल सकी है।
स्थानीय स्तर पर जाति और पूर्वजों को लेकर बनी धारणाओं के कारण परिवार के साथ भेदभाव किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।