तेरी यादों की तरह छाई ये शाख़ें,
हर पत्ता तुझे मिलने की दुआ माँगे
नीला आसमां भी तेरा पता पूछे,
हवा तेरे होने का एहसास दिलाए
जैसे तू कहीं पास मुस्कुराती जाए,
ना तुझे देखा,ना तुझे छू पाया
फिर भी तेरा साथ हर पल महसूस कराए,
इस हरियाली में बस तू ही तू दिखे
जैसे क़ुदरत में तूं बस जाए🍃