शिक्षा के नाम पर स्कूलों की लूट पर देशव्यापी बहस छिड़ गई है,
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लोग इस विषय पर बात कर रहे हैँ,
और स्कूलों की लूट का विरोध कर रहे हैँ,
मैंने लगभग 100-200 अकाउंट को सशक्त किया है।
अब बारी है प्योर देशभक्त और मोदी समर्थक मित्रों की
यकीन हो तो अपनी आईडी कमेंट में जय श्री राम बोलकर छोड़ देना , प्रोफाइल चैक करके पैसा रीच नाम सब दूंगा
नाम- अशोक खरात
पता - महाराष्ट्र के नासिक से हैं
पहचान- एक कथित ज्योतिषी स्वयंभू बाबा
काम- "महाराष्ट्र की जैफरी एपस्टीन फाइल" को बनाकर तैयार करना। ◾वे खुद को "कैप्टन" या मर्चेंट नेवी का अफसर बताते थे और राजनीतिक ज्योतिषी के रूप में भी जाने जाते थे।
📷मुख्य आरोप और मामला: नासिक पुलिस ने उन्हें बलात्कार और यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया है।
📷आरोप है कि पूजा-पाठ, भविष्य बताने या "उपाय" के बहाने महिलाओं का यौन शोषण किया, ब्लैकमेलिंग की, और कुछ मामलों में Viagra या अन्य तरीकों का इस्तेमाल बताया जा रहा है।
📷 दर्जनभर से ज्यादा महिलाओं का शोषण/उपयोग किया। बलात्कारी ज्योतिषी बाबा के पैर धुलती महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर , जो व्यक्ति खुद को ज्योतिषी बताकर तंत्र विद्या के नाम पर महिलाओं का यौन शौषण करता था उसके पैर धुल रही थी महिला आयोग की अध्यक्ष , नासिक क्राइम ब्रांच ने अब इस फर्जी ज्योतिषी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है आरोप है कि 35 वर्षीय महिला के साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। अशोक खरात ख़ुद को ज्योतिषी कहता था, ये ख़ुद का भविष्य नहीं देख सकता, दूसरो का क्या खाक भविष्य बताएगा। अंधविश्वास छोड़ो !
नोट- अंधभक्तों अब भी कुछ सफ़ाई देना पसंद करोगे क्या ???? इसीलिए बोलते है धर्म और पाखंड में बहुत फ़र्क़ है हम पाखंडियों के ख़िलाफ़ है !!! 📷✍🏻✍🏻- हर्ष छिकारा ने इस पोस्ट को लिखा है
2016 में सौरभ द्विवेदी Lallantop के एडिटर बनते हैं.
इन नौ सालों में इस आदमी में Lallantop में केवल अपनी जाति और अन्य सवर्ण जातियों की भर्ती की.
यहां तक अल्पसंख्यक समुदाय से भी किसी को एंकर नही बनाया.
जब इंटरव्यू के समय नाना पाटेकर ने पूछा Lallantop में कोई मुसलमान है. तब सौरभ द्विवेदी बगले झांकने लगा, और कहा हमारी कैमरा टीम में एक है.
यह आदमी जानबूझकर कर आरक्षण के मुद्दे पर युवाओं को उकसाने का काम करता था. किसी कॉलेज के कैंपस में जाता, युवाओं से कहता देखो भाई मैं तो आरक्षण का समर्थक हूँ, आप लोगों का क्या मत है आरक्षण पर ?
इस आदमी को निकाला गया या इसने खुद छोड़ा. इससे बहुजन समाज को मतलब नही है, हमारा सवाल है Lallantop में इस समय कितने OBC SC ST और पसमांदा हैं.
@JyotiDevSpeaks आरक्षण का लाभ असली ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुँच पाता
अमीर और शक्तिशाली लोग अपने बच्चों को भी बार-बार उसी लाभ का फायदा दिलाते हैं क्या
यही है भारत
@amityadavbharat लेकिन समस्या ये है कि लोग रोज़मर्रा की भागदौड़ नशा इच्छाओं और लालच मे ऐसे उलझ जाते है कि अपने भीतर झाँकने का समय ही नही निकालते बाहर खोजते-खोजते थक जाते है और भीतर बैठे सत्य को देख ही नहीं पाते यह समस्या किसी एक उम्र के लोगों को नहीं कुछ को छोड़ के सबको यही बीमारी है
@amityadavbharat भगवान को मानना और अनुभव करना
दरअसल, दो तरह की मानसिकता वाले लोग मिलते हैं👇
जो सिर्फ देखने-छूने पर विश्वास करते हैं – उन्हें लगता है कि जब तक कोई चीज़ दिखाई न दे, वो है ही नहीं। ऐसे लोग भगवान को ढूँढते है पर बाहर मंदिरों तीरथों चमत्कारों में
कभी नहीं मिलेंगे
@amityadavbharat जो भीतर झाँकते हैं ये समझते हैं कि भगवान बाहर कहीं नहीं, बल्कि अपने मन, आत्मा और अनुभवों में बसते हैं जब मन शांत होता है तब अपनी ही अंतरात्मा की आवाज़ सुनाई देती है और वही भगवान का संकेत है
समझो मेरे भाई कहां खोए हो
@KraantiKumar सच में, पिछड़े और दलित समाज को सताना इसलिए आसान हो जाता है क्योंकि ये लोग अक्सर एकजुट नहीं हो पाते और आपसी मतभेद, जातिगत बंटवारे और छोटे-छोटे विवादों में उलझे रहते हैं