धनक घटा कलियां और तारे, सब हैं तेरा रूप
गजलें हों या गीत हों मेरे, सब में तेरा रूप
यूं ही चमकती रहे हमेशा, तेरे हुस्न की धूप
तुझे नज़र ना लगे किसी की, जीये हज़ारों साल
- मुमताज़ रशीद
(आवाज़ - पंकज उधास 🌸)
“सफ़र ये आसमाँ का हौंसलों के साथ तय होगा,
महज़ यूँ शाख पर,पर तोलने से कुछ नहीं होता,
हमारी खामुशी तक पर ज़माने को भरोसा है
किसी के रात-दिन के बोलने से कुछ नहीं होता।”
ये और बात दूर रहे मंज़िलों से हम
बच कर चले हमेशा मगर क़ाफ़िलों से हम
हमने किसी अमीर से आसानियाँ न लीं
गुज़रे हज़ार बार कई मुश्किलों से हम
#AalokNama#SundayMotivation
“अपना ज़माना आप बनाते हैं अहल-ए-दिल
हम वो नहीं कि जिनको ज़माना बना गया”
ज़िंदादिल शख़्सियत और हमारे समय के ख्यात इतिहासकार @irfhabib साहब को सालगिरह बहुत बहुत मुबारक. सर, आप सदा शाद और आबाद रहें, आमीन. 🥰🤗
एक दीवाने को आज आये हैं समझाने कई
पहले मैं दीवाना था और अब हैं दीवाने कई
ایک دیوانے کو آج آئے ہیں سمجھانے کئی
پہلے میں دیوانہ تھا اور اب ہیں دیوانے کئی
नज़ीर बनारसी / نذیر بنارسی
वे शेष है, अशेष है, प्रशेष है, विशेष है।
जो उनको जैसा धार ले वे उनके जैसा वेश है।।
वे नेत्र सूर्य देवता का चंद्रमा कपाल है।
विलय भी वे, प्रलय भी वे, मेरे आदरणीय गुरू देव हैं ..!!