सरकारी परीक्षाओं में अव्यवस्था अब खबर नहीं,
लगभग routine ही बनती जा रही है।
Video में seriousness देखिए !
Exam hall के अंदर खुलेआम mobile लेकर paper दिया जा रहा है।
अब इस पर क्या ही कहा जाए?
यहां सीधे-सीधे exam centres की व्यवस्था,
निगरानी, और जिम्मेदार लोगों की संवेदनशीलता पर सवाल उठते हैं।
लेकिन शायद उन्हें भी पता है कि
ना कोई बड़ी कार्रवाई होनी है,
ना blacklist होना है..........
अगली बार फिर Centre मिल ही जाएगा।
फिर अंत में वही statement जारी होगा
परीक्षा पूर्ण पारदर्शिता और सुचारु रूप से सम्पन्न हुई।
इतनी “पारदर्शिता” कि आराम से mobile से answer check करके exam दिया जा सके।
सबसे दुखद बात यही है कि
अब लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटना भी system को गंभीर समस्या नहीं लगता।
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
लगातार भर्ती परीक्षाओं में loopholes, कमजोर सिस्टम और धांधलेबाजों पर सख्त कार्रवाई न होने का ही परिणाम है कि आज कोई भी परीक्षा बिना संदेह और विवाद के पूरी नहीं हो पा रही।
लाखों मेहनती छात्रों का भरोसा टूटता जा रहा है। @UPGovt
NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे।
धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाइए, या जवाबदेही ख़ुद लीजिए।
Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW.
डायल 112 को सूचना देने वाले को साथ जाना पड़ता है? अगर किसी दुर्घटना की सूचना कोई पुलिस को दे तो पुलिस वाले उसको साथ लेकर जाते हैं?
ऐसे में कोई सूचना देगा?
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा कृषि विभाग में तकनीकी सहायक (AGTA) के 2759 पदों पर जारी भर्ती, बहुजन समाज के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
प्रदेश में लागू आरक्षण व्यवस्था के अनुसार OBC को 27%, SC को 21% और ST को 2% आरक्षण मिलना चाहिए। लेकिन इस भर्ती में इन वर्गों के हकों को सुनियोजित तरीके से छीना गया है।
जहां OBC वर्ग को लगभग 745 सीटें मिलनी चाहिए थीं, वहां केवल 573 सीटें दी गईं यानी सैकड़ों सीटों की कटौती।
SC वर्ग को लगभग 579 सीटों के बजाय मात्र 213 सीटें देकर उनके अधिकारों का खुला हनन किया गया।
ST वर्ग को 55 सीटों के बजाय सिर्फ 6 सीटें देकर उनके अस्तित्व को ही नजरअंदाज कर दिया गया।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आपके राज में यह बहुजन समाज को सरकारी नौकरियों से बाहर करने की सोची-समझी साजिश है। यह संविधान में निहित सामाजिक न्याय और समान अवसर के मूल सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं: -इस भर्ती की तुरंत निष्पक्ष समीक्षा की जाए।आरक्षण के निर्धारित प्रतिशत के अनुसार सीटों का पुनः निर्धारण किया जाए। जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
यदि इस अन्याय को तुरंत नहीं सुधारा गया, तो बहुजन समाज सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा।
@CMOfficeUP
खान सर का तगड़ा तंज 😄🔥
“अगर 10 दिन के लिए Strait of Hormuz बंद हो गया, तो गोदी मीडिया आपको लकड़ी पर खाना बनाने के फायदे गिनाने लगेगा।”
और हां, सबसे पहले ज्ञान देने पहुंचेंगे @sudhirchaudhary दोस्तों, आज हम आपको बताएंगे कि लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने के 10 फायदे।