The person seen chasing the CJP members is Lalchand Sharma, associated to the BJP. He gave interviews to ANI News agency and multiple News outlet blaming the CJP members.
मुहम्मद जुनैद के घर वालों को सिर्फ इसलिए पुलिस ने उठा लिया था, क्योंकि Mohammad Junaid ने जंतर मंतर में प्रदर्शनकारी छात्रों को 34 दिनों से खाना खिला रहे थे, पानी पिला रहे थे!
घर वालो का आधार कार्ड, पासपोर्ट, सब ज़ब्त कर लिया था पुलिस ने!
इस सरकार को हिन्दू-मुस्लिम की एकता नहीं देखी जा रही!
किसी के हिस्से खुशियाँ आई, किसी के हिस्से खुशियों कि मुस्कान आई.
मैं उस मूवमेंट का अब्दुल था, मेरे हिस्से में मेरी दुख भरी दास्तान आई…
-मुनव्वर राणा साहब से माज़रत के साथ.
गाजियाबाद का रहने वाला जुनैद जंतर मंतर पर आंदोलनकारियों के लिए खाने के इंतज़ाम में सहयोग करता था।
बाबा की पुलिस ने उसका और उसके परिवार का उत्पीड़न शुरू कर दिया।
प्रधान के इस्तीफ़े के बाद उसको छोड़ा गया।
योगी जी आप @Uppolice की छवि ज़ालिम पुलिस की क्यों बनाना चाहते हो?
क्या खाना खिलाना पाप है?
योगी जी लाठीतंत्र को छोड़ दो वरना सत्ता छोड़नी पड़ेगी।
Jantar Mantar में हुए छात्रों के प्रदर्शन में मोहम्मद जुनैद ने 34 दिनों तक छात्रों को खाना खिलाया!
जुनैद के ऊपर एक भी अपराधिक मुकदमा नहीं है, इसके बावजूद पुलिस उसके घरवालों को उठा ले गई, आधार कार्ड, पासपोर्ट, सब ज़ब्त कर दिया गया था!
आप मोहम्मद जुनैद को सुने!
कल तक गोदी मीडिया कह रहा था “आख़िर @abhijeet_dipke अनशन पर क्यों नहीं बैठे?अब तो @abhijeet_dipke भी अनशन पर बैठ गए।
क्या अब मेलोडी चॉकलेट पर कई कई घंटे तक बहस करने वाला गोदी मीडिया आंदोलन की ख़बरें दिखायेगा?
मोदी ने जंतर मंतर पर 144 लगा दिया, अगर चुनाव में जनता ने 144 लगा दिया तो मोदी की ज़मानत ज़ब्त हो जायेगी।
जब कच्चे तेल की कीमत $115/बैरल से गिरकर $70/बैरल आ चुकी है, तो फिर देश में पेट्रोल के दाम कम क्यों नहीं हुए?
देश में पेट्रोल की कीमत ₹82/लीटर होनी चाहिए
: अरविंद केजरीवाल, पूर्व मुख्यमंत्री
जुमे की नमाज़ से पहले, एक हिंदू महिला ने मस्जिद के इमाम को बताया कि उसका बच्चा बीमार है और उसके पास दवा खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं।
तब मस्जिद के इमाम ने मुसलमानों से अपील की कि वे हिंदू महिला के बीमार बच्चे की दवा के लिए पैसे दान करें।
नतीजा आपके सामने है।
अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश में 260 लोगों की जानें चली गईं थीं. जान गंवाने वालों में एक केबिन क्रू मेंबर मैथिली पाटिल भी थीं. इस दुर्घटना के एक साल बाद भी उनका परिवार कई सवालों के जवाब तलाश रहा है. उनकी मां प्रमिला पाटिल कहती हैं कि परिवार ने अपना सपोर्ट सिस्टम खो दिया है. उनकी मांग है कि भविष्य में इस तरह की बड़ी दुर्घटना ना हो इसके लिए गहरी जांच होना ज़रूरी है.
रिपोर्टः अल्पेश करकरे
कैमराः शाहिद शेख
एडिटः अरविंद पारेकर