मैंने एक इंटरव्यू में हनुमान बेनीवाल से पूछा था कि–
“आप संघर्ष कर रहे हैं इसमें कोई इंकार नहीं मगर आपको मिला क्या?”
इस सवाल के जवाब में हनुमान बेनीवाल ने जो उत्तर दिया था वो सोचने को मजबूर कर गया था।
उन्होंने कहा था कि “मेरा नाम हो गया न... भगत सिंह को क्या मिला देश आज़ाद हुआ तब बताओ आप। नेहरू प्रधानमंत्री बना लेकिन भगत सिंह की पूजा हो रही है आज भी। हो सकता है मेरा इसीलिए जन्म हुआ हो कि लोग बाद में देखेंगे।
लड़ता रहूंगा, लड़ाई नहीं छोडूंगा बीच के अंदर। मिले या ना मिले, ये तो मकसद ही नहीं।
लेकिन हर व्यक्ति यह कहेगा कि लड़ाई हनुमान बेनीवाल ने मज़बूती से लड़ी।
लोगों के दिमाग खराब थे कि वोट नहीं दिए, यह कहेंगे लोग।”
दो बार सांसद, चार बार विधायक और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल जी का किसानों के प्रति समर्पण देखिए। चुनाव के बेहद अहम दौर में, सुबह 4:15 बजे आवास से महज 500 मीटर दूर सड़क पर सोते नजर आए। उनके इस कदम के पीछे किसानों के हक और उनकी मांगों को लेकर संघर्ष का संदेश है।
घड़साना किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों के साथ घड़साना से श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय के लिए कूच किया और अभी पतरोड़ा में किसानों के साथ बैठा हूं, लेकिन सरकार अब भी किसानों की मांगों का समाधान करने के बजाय अपनी हठधर्मिता पर अड़ी हुई है।
हम @RajGovOfficial को 24 घंटे का समय दे रहे हैं। कल घड़साना टोल के पास विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। यदि सरकार ने इस समयावधि में आंदोलित किसानों की मांगों का सकारात्मक समाधान नहीं निकाला, तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेशभर में किसानों के समर्थन में इस आंदोलन को व्यापक रूप देंगे तथा अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर चक्काजाम किया जाएगा।
किसानों की मांगों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी। किसान अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
#घड़साना_किसान_आंदोलन #RLP
@RajCMO
हनुमान बेनीवाल जी का किसानों से वादा - यहाँ से मैं फैसला करवाकर ही वापिस जाऊंगा तब तक यहीं बैठा रहूँगा, मेरे लिए चुनाव नहीं मेरे किसान भाई महत्वपूर्ण है....
@hanumanbeniwal
दो बार के सांसद, 4 बार के MLA, RLP के सुप्रीमों और उतरी भारत के सबसे बड़े किसान नेता हनुमान बेनीवाल जी चुनाव के अति महत्वपूर्ण समय में आवास से 500 कम दूर सुबह के 4:15 बजे सड़क पर सो रहे है, सिर्फ और सिर्फ किसानों के लिए.....
लहू में भीगे तमाम मौसम गवाही देंगे
कि तुम खडे थे !
वफ़ा के रस्ते का हर मुसाफिर गवाही देगा
कि तुम खडे थे !
सहर का सूरज गवाही देगा कि
जब अधेंरो की कोख से निकलने वाले ये सोचते थे
कि कोई जुगनू बचा नही हैं
तो तुम खडे थे !
@hanumanbeniwal