शूद्र जातियां काँवड़ लाने,धर्म स्थलों की पैदल यात्रा,बैलों से भरे ट्रकों के पीछे दौड़ने, भंडारा लगाने,खाने, भागवत कथाओं में फुकरापंथी करने, शोभायात्रा निकालने, राजाओं की हसीन कहानियां सुनने एवं सुनाने, हिंदुत्व को बचाने, इत्यादि में व्यस्त हैं। दूसरी ओर.......
Gedmatch Harappaworld and Illustrative DNA results of a "आंजणा" Jat from Jalore district, Rajasthan.
Clanname is "Fak" and Y haplogroup is R1a Y7. One of the lowest AASI samples from India.
Pretty unique result having High Zagros + High Steppe at the same time.
@alliseeisgold@Phogat_Vinesh I have seen you fight in wrestling. I have seen you work hard. You have shown that you are not only good in physical ability. You are also great in human emotions.
SILVER MEDAL STILL POSSIBLE.
Update on Wrestler Vinesh Phogat’s appeal to get Olympic silver medal after disqualification for missing weight. 🇮🇳
- Audriana Thomas
Olympic Researcher
19th अप्रैल को एशियन ओलम्पिक क्वालीफाई टूर्नामेंट शुरू होने जा रहा है। मेरे द्वारा लगातार एक महीने से भारत सरकार (SAI,TOPS) सभी से मेरे कोच और फिजियो की ACCREDITATION (मान्यता) के लिए रिक्वेस्ट की जा रही है। ACCREDITATION के बिना मेरे कोच और फिजियो का मेरे साथ कम्पटीशन ARENA में जाना संभव नहीं है। लेकिन बार-बार रिक्वेस्ट करने पर भी कहीं से भी कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। कोई भी मदद करने को तैयार नहीं है। क्या हमेशा ऐसे ही खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खेला जाता रहेगा । बृजभूषण और उसके द्वारा बैठाया गया डैमी संजय सिंह हर तरीक़े से प्रयास कर रहे है कि कैसे मुझे ओलंपिक्स में खेलने से रोका जा सके। जो टीम के साथ कोच लगाए गए हैं वे सभी बृजभूषण और उसकी टीम के चहेते हैं, तो इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि वो मेरे मैच के दौरान मुझे मेरे पानी में कुछ मिला के ना पीला दे?? अगर मैं ऐसा कहूं कि मुझे डोप में फसाने की साजिश हो सकती है तो ग़लत नहीं होगा। हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। इतने महत्वपूर्ण कम्पटीशन से पहले ऐसे हमारे साथ मानसिक टॉर्चर कहाँ तक जायज़ है। क्या अब देश के लिए खेलने जाने से पहले भी हमारे साथ राजनीति ही होगी क्योंकि हमने सेक्सुअल हैरेसमेंट के ख़िलाफ़ आवाज़ उठायी?? क्या हमारे देश में गलत के खिलाफ आवाज उठाने की यही सजा है?
उम्मीद करती हूँ हमें देश के लिए खेलने जाने से पहले तो न्याय मिलेगा। जय हिन्द 🙏
@ianuragthakur@IndiaSports@Media_SAI
महिला खिलाड़ियों को गाली गलोच देने वाले तुम्हारे मुँह हम ज़रूर तोड़ेंगे
अगर जीत जाएँ तो भी गालियाँ
अगर हार जाएँ तो भी गालियाँ
महिला खिलाड़ियों को लेकर आईटी सेल वालों की मानसिकता देखकर समझ आता है कि वे महिलाओं को कितनी बुरी हालत में देखना चाहते हैं.
पर इन सब मूर्खों को यह नहीं पता कि महिलाओं को कभी कुछ थाली में नहीं मिला.
उन्होंने हमेशा ही मैदानों में ऐसे शैतानों से लड़ाइयाँ लड़ी हैं और इनको हराया है. अब इन शैतानों की फ़ौज थोड़ी बड़ी है. ताक़तवर की चमचियाँ करके लाखों गीदड़ इक्कठा हुए फिरते हैं.
अब तो खेल के मैदान की जीत इतनी बड़ी नहीं लगती, जितनी इन गीदड़ों को मैदान में हराने में सकून मिलता है.
हम महिलाएँ आधी आबादी हैं, और हमें जिस हिसाब से तुम गीदड़ों आइसोलेट करने की कोशिश कर रहे हो, तुम्हें बहुत महँगा पड़ेगा. याद रखना.
पहले मेरे हारने की फ़र्ज़ी खबरें चलवाई गयीं, फिर झूठे नैरेटिव के सहारे बदनाम करने की कोशिश की गई. वैसे तथ्यों को कभी भी झूठे नैरेटिव के सहारे नहीं हराया जा सकता.
मेरे मैच देखने के लिए निखत ज़रीन आयी तो मीडिया वालों ने फोटो उतार लिए थे, उसके बाद हम दोनों के फ़ोटुओं के नीचे आईटी सेल ने खूब भद्दे कमेंट किए. हम दोनों की धार्मिक और जातीय आइडेंटिटी पर भी हमला किया गया. यह असहनीय है.
गाली गलोच करने वालों के मुँह हम महिलाएँ ज़रूर तोड़ेंगी. याद रखना. फिर कह रही हूँ याद रखना.
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इतिहास में वह पहली औरत कौन थी,
जिसे सबसे पहले जलाया गया,
मैं नहीं जानता,
लेकिन जो भी रही होगी,
मेरी माँ रही होगी।
लेकिन मेरी चिंता यह है कि
भविष्य में वह आख़िरी औरत कौन होगी,
जिसे सबसे अंत में जलाया जाएगा,
मैं नहीं जानता,
लेकिन जो भी होगी
मेरी बेटी होगी,
और मैं ये नहीं होने दूँगा।
रमाशंकर यादव “विद्रोही”
खोखर जाटों ने झेलम के आसपास अपना राज्य कायम किया।1205 -06 में खोखर जाटों ने लाहौर पर अधिकार कर लिया। जब लाहौर से 15 मार्च 1206 ई० को गजनी वापिस जा रहा था तब धम्यक स्थान पर मुलतान के हजारो खोखर जाटों ने गौरी की सेना पर धावा बोल दिया। रामलाल खोखर ने मुहम्मद गौरी का सिर काट लिया।