राजस्थान के डांगावास हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मेरी बात हुई। 11 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद 5 अगस्त को आए फैसले से वे बेहद आहत हैं। उनकी एक ही पीड़ा है यदि सभी 40 आरोपी बरी हो गए, तो फिर उनके 5 परिजनों सहित कुल 6 लोगों की हत्या किसने की?
वर्ष 2015 में राजस्थान के नागौर जिले के डांगावास गांव में हुए इस जघन्य हत्याकांड में 5 दलितों सहित कुल 6 लोगों की नृशंस हत्या हुई, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब एससी-एसटी विशेष अदालत द्वारा सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी किए जाने से पीड़ित परिवार स्वयं को न्याय से वंचित महसूस कर रहा है।
यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है। इस फैसले ने पूरे क्षेत्र, विशेषकर दलित समाज के लोगों के बीच असुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। लोगों के मन में यह सवाल है कि यदि इतनी बड़ी घटना में भी दोषियों की जवाबदेही तय नहीं हो पाती, तो पीड़ितों को न्याय कैसे मिलेगा और कानून के प्रति विश्वास कैसे कायम रहेगा?
डांगावास का फैसला उन पुराने जख्मों को फिर ताज़ा कर गया है, जो लक्ष्मणपुर बाथे जैसे नरसंहारों ने दलित समाज को दिए थे। वर्ष 1997 में बिहार के लक्ष्मणपुर बाथे में 58 दलितों का नरसंहार किया गया था, जिसमें 27 महिलाएं और 16 मासूम बच्चे भी शामिल थे। वर्षों बाद उस मामले में भी सभी आरोपी बरी हो गए। आज देश जानना चाहता है कि यदि सभी आरोपी निर्दोष हैं, तो इन निर्दोष लोगों की हत्या आखिर किसने की?
परिवार ने बताया है कि वे इस फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन न्याय की इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। हमें विश्वास है कि राजस्थान हाईकोर्ट में मामले के सभी तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा होगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
@1K_Nazar कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है बदमाश मेरे घर के बाहर मारने काटने की धमकी दे रहे थे मैं थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गया तो दर्ज नहीं की, मतलब साफ है भ्रष्ट पुलिस कर्मियों के संरक्षण में ही अपराध फल-फूल रहा है!
@AshwiniUpadhyay@HMOIndia@AmitShah@PMOIndia@narendramodi सर मेरी पैतृक कृषि भूमि दबंग लोगों ने कब्जा रखी है ये भूमि सरकार ने अवाप्त कर ली जिसका पैसा भी हमारे बैंक खाते में जमा हो गया कब्जाधारी हमें धमका कर पैसा मांग रहा है रहा है इसकी सूचना पुलिस को दी तो पुलिस ने भी कब्जाधारी की ही पैरवी की है SDM ने हमारा खाता फ्रीज करवा दिया।
@AshwiniUpadhyay@PMOIndia@narendramodi सर जी मेरी पैतृक कृषि भूमि किसी ने कब्जा रखी थी किसी सरकारी परियोजना में ये भूमि सरकार ने अवाप्त कर ली ओर हमें मुआवजा मिल गया कब्जाधारी हमसे पैसा मांग रहा और धमकी दे रहा रहा है कि पैसा नहीं दिया तो जान से मार देंगे घर को खंडर कर देंगे।
भारत की कोई भी समस्या न तो लाइलाज है और न तो विश्वव्यापी।
जो समस्या भारत में है वह चीन जापान सिंगापुर में नहीं है।
जो समस्या भारत में है वह अमेरिका ऑस्ट्रेलिया जर्मनी में नहीं है।
@PMOIndia@narendramodi
माननीय प्रधानमंत्री जी,
घटिया नियम-कानून के कारण आम जनता हताश, निराश और अत्यधिक परेशान है
कृपया प्रत्येक माह संसद का विशेष सत्र बुलाइए और पुलिस रिफार्म, ज्यूडिशियल रिफार्म, इलेक्शन रिफार्म, एडमिनिस्ट्रेटिव रिफार्म, एजुकेशन रिफार्म और टैक्स रिफार्म करिए
@PMOIndia@narendramodi
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सख्त संदेश— सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, अपराध और नशा तस्करी का पूरा नेटवर्क ध्वस्त करो; महिलाओं-बच्चों के खिलाफ अपराध पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश !
@BhajanlalBjp@Bhajanlalofc@RajCMO
जमीन विवाद के कारण प्रतिवर्ष 02 लाख अकाल मौत होती है और आतंकवाद से 01 हजार।
आतंकवाद पर खूब चर्चा होती है लेकिन जमीन विवाद के मूल कारण और स्थाई समाधान पर बात नहीं होती है।
@PMOIndia@HMOIndia
मैंने 6 पेड़ तो लगा दिए,लक्ष्य है 25-30 पेड़ लगाने का! आप कहो तो पेड़ लगाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर दूं पर लक्ष्य तो ये भी हे कि में बिना प्रचार-प्रसार के ही ये काम करूं!
SSP साहब का संदेश सुंदरतम!
भ्रष्टाचार, घटिया कानून और तारीख पर तारीख के कारण लोगों का धैर्य टूट रहा है।
पुलिस रिफार्म, एडमिनिस्ट्रेटिव रिफार्म और ज्यूडिशियल रिफार्म नितांत आवश्यक है।
@narendramodi@PMOIndia