ABVP वाले पहले तो इतने कट्टर और धूर्त नहीं होते थे, ऐसा आपको लगता है। पहले ���ावर नहीं थी, संघी मौके के हिसाब से फन फैलाता है।
बावले कामरेड की तरह नहीं कि सरपंच तक जान पहचान का ना हो, फिर भी मशाल उठाये घूमता रहे।
नंदू चायवाले की दुकान पर चर्चा चल रही। दो सज्जन आपस में महंगाई पर बात कर रहे थे। एक बोला सरकार महंगाई पर कुछ कर नहीं रही,दूसरा बोला हां भाई दिमाग़ ख़राब कर रखा है।
इत्ते में नंदू ने तपाक से कहा,बहुत महंगाई लग रही है। श्रीलंका चले ��ाइए…
दोनों स्तब्ध। हम मुस्कुरा के रह गए 😀
यूपी पुलिस ने अभी तक बजरंग मुनि को गिरफ्तार नहीं किया है। वह लगातार मीडिया चैनलों क��� इंटरव्यू दे रहे हैं और पुलिस अभी भी म��मले की जांच में जुटी हुई है. यह जांच करने के लिए क्या है कि क्या उसने मुस्लिम महिलाओं के अपहरण और बलात्कार की धमकी दी है या नहीं?गिरफ्तारी में देरी क्यो?
ये कैसा समाज और देश बना दिया गया है ? आप रामनवमी मनाओ , खूब मनाओ। मस्जिद पर चढ़ कर उकसाने की क्या ज़रूरत है ? हर जगह , हर शहर यही हो रहा है ? ��ानबूझकर माहौल बिगाड़ा जा रहा है।
क्यों देश की तबाही पर तुले हो @narendramodi ?
गुजरात, बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली…हर जगह से एक सी खबरें!
उन्माद, उत्लास को मार देता है, सांप्रदायिकता, नागरिकता को तबाह करती है। उफ़्फ़ ! इतनी नफ़रत आई कहाँ से ?
रामपुर में आज़म खान के समर्थकों ने पहली बार सपा और अखिलेश यादव पर सवाल उठाया, कहा आज़म को बलि का बकरा बनाया।
शुक्र है हम जिस बात को पहले दिन से कह रहे थे आज उन्हें भी समझ आई।
अखिलेश और मायावती से लाख गुना खुल के बोलने लिखने वाले नेता कॉंग्रेस पार्टी के राहुल गांधी हैं.दोनों भाई बहन की विचारधारा साफ़ है,भले ही कॉंग्रेस हमारे मौजूदा स्थिति की बहुत हद तक ज़िम्मेदार है, मगर अखिलेश की तरह चूडिय़ां नहीं पहनी उन्होंने।
मैं ये बात पूरी ज़िम्मेदारी से लिख रहा हूँ
@narendramodi हिंसा और नफ़रत को अपने मौन समर्थन से इस देश को गृह युद्ध की तरफ़ धकेल रहे हैं और जब ये होगा - हालात सबके लिए भयावह होंगे। सबके लिए।
इस देश को बचाना है तो मीडिया और न���यायपालिका को तुरंत इस ज़हर पर बोलना होगा।
#हिजाब_से_दर्द_क्यों
Everyone cares about the safety of their valuables. So why is the protection of the world's most precious creatures being neglected?