अभी कुछ दिनों पूर्व एक दुखद दुर्घटना में जनपद ने एक शिक्षक को खोया और एक आज भी जिंदगी की जंग लड़ रहा है ऐसे में ऐसा निर्दयी आदेश शिक्षकों के मनोबल को गिराने वाला है।कृपया अन्य जनपदों के तरह सब के लिए विद्यालय बंद करने का आदेश निर्गत करने की कृपा करें।
@nitin_gadkari *🇮🇳 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🇮🇳*
जिस देश के युवा अपने सपनों के लिए संघर्ष करते हैं,
उस देश का भविष्य कोई नहीं रोक सकता।
खुद को बेहतर बनाइए,
यही राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी है।
*जय हिन्द! ❤️🤍💚*
माननीय @CMOfficeUP@UPPCLLKO@puvvnl एवं @BhadohiDm कृपया संज्ञान लें। गोपीगंज पावर हाउस क्षेत्र में रोज 10–12 घंटे अघोषित बिजली कटौती से जनता परेशान है। साथ ही मनमाने बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। कृपया तत्काल समाधान कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं सही बिल व्यवस्था सुनिश्चित करें।
@DrDCSHARMAUPPSS सरकार के इस जवाब से शिक्षकों में आक्रोश है।
आंदोलन ही विकल्प बचा है।
सरकार लगातार शिक्षकों अपमानित कर रही है।
इंकलाब जिंदाबाद।।
डॉ दिनेशचंद्र शर्मा जिंदाबाद।।
#NoTetBeforeRteAct
शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं ,संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं ।
तो फिर सभी राज्यों से जो आँकड़े और सूचना माँगी गई है क्या वो सब मिथ्या है ।यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है ।ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने कसम खा ली है,कि देश में किसी को शान्ति से नहीं बैठने देंगे ।देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?
20 वर्ष पहले पुलिस,सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि आज दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा ।
देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं?50-55 वर्ष के शिक्षकों को आज परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है ।
देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे ।देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है ।
@PMOIndia@narendramodi@jayantrld@dpradhanbjp
बढ़ती ठंड व घने कोहरे को देखते हुए विनम्र निवेदन
भदोही जनपद मेंकड़ाके की ठंड वघने कोहरे के कारण नन्हेबच्चों को प्रातःविद्यालय आनेमें कठिनाई हो रही हैछात्रहित में विद्यालय का समयप्रातः 10:00 से 3:00 बजे करने की कृपा करें
@DM_Bhadohi @BSA_Bhadohi @arunkum38687209@DrDCSHARMAUPPSS
भाई, सीतापुर का हाल देखो! 😡
बीएसए-प्रधानाध्यापक बेल्ट कांड में बेल्ट चलाने वाले तो जेल में हैं, लेकिन BSA की चाल समझ से बाहर है। अपने ऊपर आरोप लगते ही महिला शिक्षिका को निलंबित कर दिया, और खुद? पूरी तरह संदिग्ध! 😤
सख्त जाँच और कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। ऐसे में उच्चाधिकारी भी चुप, जैसे कुछ हुआ ही नहीं!
ये मामला किसी से छुपा नहीं, जनता देख रही है!
सर्व शिक्षा अभियान पूर्व प्रधानमंत्री माननीय अटल बिहारी बाजपेई जी के नेतृत्व वाली सरकार ने पारित किया था सरकार की सोच थी कि 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाए ।इस अभियान के अंतर्गत सरकार ने प्रत्येक गाँव व मजरे में प्राथमिक विद्यालय व प्रत्येक किमी पर उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हेतु भवन सहित तमाम संसाधन उपलब्ध कराए
परंतु आज कम/अपर्याप्त छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को समाप्त करके अन्य विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है
परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जनसंख्या वृद्धि की दर घट रही है दूसरी तरफ़ विभाग ने तमाम अधो मानक विद्यालयों को मान्यता प्रदान कर रखी है तमाम ग़ैर मान्यता के विद्यालय अधिकारियों की मिलीभगत से आज भी संचालित हो रहे है ऐसे में नामांकन कम होना स्वाभाविक है
सरकार ने विधान सभा में सदैव माना है कि छात्र व शिक्षक अनुपात उत्तर प्रदेश में मानक के अनुसार सही है तो फिर विद्यालयों को बंद करने की जरूरत क्या है और यदि सरकार को लगता है कि शिक्षकों की आवश्यकता है तो उसकी कमी नई भर्ती करके करनी चाहिए न कि विद्यालय बंद करके ।
इससे गाँव देहात के तमाम बच्चों से शिक्षा दूर हो जाएगी
लगभग २० हज़ार विद्यालयों का मर्जर पूर्व में करके शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर समाप्त कर दिए गए ।वर्ष 2015 से आज तक किसी भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं हुई ।इस आदेश से शिक्षकों के हजारों पद समाप्त हो जायेंगे
जिससे कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति नहीं होगी
जो डी एल एड या बीटीसी पास युवक युवतियाँ शिक्षक बनने की उम्मीद में हैं वे शिक्षक नहीं बन पाएंगे
माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस आदेश को निरस्त करने की कृपा करें।
वैसे भी किसी राज्य में शराब की दुकानों की संख्या में वृद्धि तथा विद्यालयों की संख्या में कमी की नीति आलोचना का कारण बनेगी
जब ग्रामीणों को पता चलेगा कि उनके गाँव का विद्यालय दूसरे गाँव में शिफ्ट किया जा रहा है तो जन आक्रोश लाजिमी होगा ।
@bhadohipolice@Uppolice@digmirzapur@myogioffice@PMOIndia@CMOfficeUP श्रीमान जी सादर अवगत कराना चाहते है कि 01 सितम्बर 2024 को गोपीगंज थाना के मुखिया जी के समक्ष अपना शिकायत पत्र दे दिया हु ।
लेकिन अभी तक उस ब्यक्ति के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई है ।
अतः हम निवेदन करते है कि जल्द से जल्द कार्यवाही करने की अति महान कृपा करें ।
@bhadohipolice@Uppolice@digmirzapur@myogioffice@PMOIndia@CMOfficeUP श्रीमान जी सादर अवगत कराना चाहते है कि 01 सितम्बर 2024 को गोपीगंज थाना के मुखिया जी के समक्ष अपना शिकायत पत्र दे दिया हु ।
लेकिन अभी तक उस ब्यक्ति के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई है ।
अतः हम निवेदन करते है कि जल्द से जल्द कार्यवाही करने की अति महान कृपा करें ।