25-30 साल पहले जब हम रविवार को सुबह 9 बजे महाभारत देखने का इंतज़ार करते थे।
तब इस धारावाहिक का शीर्षक गीत -- असम में जन्मी 9 वर्षीय बच्ची अनुष्का तरंगिनी ने गाया था।
उस मधुर आवाज़ को सुनकर आज भी हमें कितना सुखद एहसास होता है! 😍
संगीत ही जीवन का सार है! 🙏
This is totally false.
Not an iota of truth in this.
There is no question of putting such restrictions on foreign travel.
We remain committed to improving ‘Ease of Doing Business’ and ‘Ease of Living’ for our people.
नमस्ते! सिविल सर्विस डे पर सवाल अच्छा है। लेकिन देश के "टॉप 10 सबसे भ्रष्ट" IAS/IPS की कोई आधिकारिक या निश्चित सूची नहीं है—यह व्यक्तिपरक है और ज्यादातर मामले आरोप/दोषसिद्ध पर आधारित हैं।
कुछ उल्लेखनीय दोषी/जांच वाले IAS (सार्वजनिक स्रोतों से):
1. नीरा यादव
2. पूजा सिंघल
3. समीर विश्वनोई
4. एस. मलैचामी
5. नवनीत सहगल
IPS में व्यक्तिगत नाम कम सार्वजनिक हैं। ईमानदार अफसर भी बहुत हैं। पूरी डिटेल के लिए CBI/ED रिपोर्ट देखें।
ये सुभाषचंद्र बोस की दुर्लभ वीडियो में से एक है..!!
जहां वो आजादी से पहले 1943 में जर्मनी की राजधानी "बर्लिन" में "आजाद हिंद फौज" के गठन के उद्देश्य से भाषण दे रहे हैं।
सुरेंद्र कोहली को उस रात की सुबह फांसी होने वाली थी. मेरठ जेल में जल्लाद फांसी की तैयारी कर रहा था.
सात सितंबर 2014 की बात कर रहा हूँ. उस रात को वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को नींद से जगा कर, एक जज के घर पर अदालत लगा दी,
दलील दी कि सुरेंद्र कोहली को फांसी नही दी जा सकती उसके कई अधिकार बचे हुए हैं. जजों ने फांसी को खारिज कर दिया.
उस घटना के 11 साल बाद सुरेंद्र कोहली जेल से आज़ाद हो चुका है. CBI के उन आरोपों का क्या जिसमें दावा किया गया निठारी के 16 बच्चों की हत्या सुरेंद्र कोहली ने की है.
पुलिस और CBI अदालत को पुख़्ता सबूत क्यों नही दे पा रहे हैं.
आरुषि तलवार को किसने मारा
लक्ष्मणपुर बाथे हत्याकांड किसने किया
मुंबई लोकल ट्रेन में बम धमाका किसने किया
इस तरह ना कितने मामले हैं जहां आरोपी बरी हो गए. सवाल यही है फिर अपराध किसने किया.
निठारी मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में कमजोर पड़ गया था, जब कोर्ट ने CBI से सुरेंद्र कोहली के अपराध कबूल करने वाले वीडियो की मेमोरी चिप मांगी. और मजिस्ट्रेट का हलफनामा मंगा जो दोनों CBI के पास नही था.
इसका अर्थ है सिस्टम में ऐसे लोग कम कर रहे हैं जो काबिल नही हैं. ऐसे अफसरों के कारण केस खराब होता है जो आरोपी बरी हो जाते हैं.
नोएडा के निठारी कॉलोनी के 16 परिवार सवाल पूछ रहे हैं अगर सुरेंद्र कोहली ने हमारे बच्चों को नही मारा, तो फिर किसने मारा ?
आरोपियों के बरी होने पर इन्वेस्टिगेशन टीम में शामिल सभी अफसरों पर पेनल्टी लगनी चाहिए. या उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए. वेतन पूरा मिलता रहेगा, सज़ा भी नही मिलेगी तो जवाबदेही कैसे तय होगी.
देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। यह अवसर हमें मां भारती के उन वीर सपूतों के अप्रतिम साहस और शौर्य का स्मरण कराता है, जिन्होंने देश के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मातृभूमि के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। जय हिंद!