माननीय प्रधानमंत्री जी की हालिया अपील ऐसे समय आई है जब देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है। पिछले तीन महीनों में हमारा विदेशी मुद्रा भंडार लगभग $38 अरब घटकर मात्र $690 अरब रह गया है। रुपया डॉलर के मुक़ाबले ₹95 पार कर चुका है, और व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। ये केवल आँकड़े नहीं हैं, ये करोड़ों परिवारों की रोज़मर्रा की चिंता हैं।
मैं मानता हूँ कि मौजूदा हालात में अर्थव्यवस्था चलाना आसान काम नहीं है, और दुनिया भी एक कठिन दौर से गुज़र रही है।
ऐसे समय में सरकार का ध्यान मांग बढ़ाने पर होना चाहिए, मांग घटाने पर नहीं। दुनिया का आर्थिक इतिहास हमें एक सीधी बात सिखाता है कि जब आर्थिक गति धीमी हो, तब लोगों से कम खर्च करने को कहना समाधान नहीं होता, समाधान यह है कि टैक्स में राहत देकर, छोटे व्यापारियों को सहारा देकर, मध्यम वर्ग पर बोझ कम कर आम परिवारों के हाथ में थोड़ा ज़्यादा पैसा छोड़ा जाए।
मुझे दुख इस बात का है कि हर बार किफ़ायत की ज़िम्मेदारी उसी ईमानदार करदाता पर आ जाती है जिसने कोविड के समय भी सबसे ज़्यादा सहा। उसने उस वक़्त भी पूरे भरोसे से अपनी भूमिका निभाई थी, तब भी उसके लिए राहत सीमित थी, और आज फिर उसी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है और वो भी बिना ये बताए कि सरकार अपनी ओर से उसके लिए क्या करने जा रही है।
केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को रेवडियां बांटने वाली नीतियों पर तुरंत रोक लगानी होगी ताकि सरकारी खजाने पर बोझ कम हो सके। अगर सरकारें fiscal dicipline और productive capital creation पर ध्यान नहीं देंगी, तो थोड़े समय का राजनीतिक लाभ देश को लंबी आर्थिक कीमत चुकाने पर मजबूर करेगा।
देश को अपील नहीं, एक स्पष्ट रास्ता चाहिए। लोग जानना चाहते हैं विकास कैसे लौटेगा, नौकरियाँ कैसे बढ़ेंगी, और किसानों, छोटे व्यापारियों व मध्यम वर्ग को असली राहत कब मिलेगी।
सिर्फ़ नागरिकों से त्याग माँगना शासन नहीं होता। जवाबदेही, दूरदृष्टि और आर्थिक संतुलन यही असली राष्ट्रहित है।
बहुजन समाज की आशा एवं प्रेरणा, शिक्षित, योग्य एवं प्रखर वक्ता,बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक माननीय श्री आकाश आनंद जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। @AnandAkash_BSP जी
बहुजन समाज के मसीहा व भारतीय संविधान के निर्माता भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी को आज उनके परिनिर्वाण दिवस
(देहान्त) पर भावभीनी श्रद्धांजलि व श्रद्धा–सुमन अर्पित।
साथ ही बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी के अनुयाइयों से व खासकर नौजवानों से भी अपील है कि वे उनके अधूरे रहे कारवां को मंज़िल तक पहुँचाने के लिए बी.एस.पी. की राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीया सुश्री मायावती जी को अपना हर स्तर पर पूरा–पूरा सहयोग दें। जय भीम।
आज देश ‘‘संविधान दिवस‘‘ मना रहा है और इस खास मौके पर भारतीय संविधान के मूल निर्माता व बहुजन समाज के मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर जी को मैं पूरे तहेदिल से शत्-शत् नमन करती हूँ और साथ ही ये भी उम्मीद् करती हूँ कि केन्द्र व राज्य सरकारें “संविधान दिवस” मनाने के साथ-साथ संविधान के समतामूलक, मानवतावादी व कल्याणकारी उद्देश्यों पर ईमानदारी एंव निष्ठा से अमल करके जनता की अपेक्षाओं को जरूर पूरा करेंगी, यही समय की मांग है। जय भीम, जय भारत व जय संविधान
देश में अपने त्याग बलिदान और संघर्ष से दलितों पिछड़ों आदिवासियों की राजनैतिक गुलामी को खत्म करके इन्हें सत्ता के शिखर तक पहुँचाने वाले करोड़ों बहुजनों के प्रेरणा स्रोत युग परिवर्तक युग पुरुष बहुजन नायक मान्यवर श्री कांशीराम साहब जी के जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई ।
बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक और महान रणनीतिकार, अनेकों लोगों के आदर्श, सामाजिक परिवर्तन मूवमेंट के जनक “मान्यवर” कांशीराम साहेब जी की जयंती पर शत् शत् नमन…
https://t.co/moLRCoZQ6V
पहले कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी का आरक्षण खत्म करने का प्लान आता है फिर हुडा समर्थकों द्वारा कुमारी शैलजा जी पर जातिगत टिप्पणी, कांग्रेस के डीएनए में दलित विरोध दिखाता है।
कुमारी शैलजा जी बीएसपी ज्वाइन कर लें, दलित समाज की हितैषी पार्टी बीएसपी ही है। शैलजा जी, आपको मान-सम्मान यहीं मिलेगा।
मान्यवर साहब साइकिल से गांव गांव जाकर BSP के लिए जमीन तैयार की.
तब उनके साथ ना मीडिया था ना ही अखबार.
1984 में BSP की स्थापना की और उन्होंने उत्तर भारत में डॉ आंबेडकर के विचारों को जिंदा किया
पार्टी फंड के लिए उन्होंने अपने ही समाज के आगे हाथ फैलाया और बहुजन समाज ने भी दिल खोलकर सहयोग किया
जब अन्य पार्टियों के नेता हेलीकॉप्टर में सवार होकर प्रचार करते थे. मान्यवार कांशीराम साहब ने साइकिल से चुनाव प्रचार किया
BSP को देश की राष्ट्रीय पार्टी बनाया और उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य में बहन मायावती जी को पहली दलित महिला मुख्यमंत्री बनाया
मान्यवर साहब और बहनजी ने हमेशा बहुजन समाज के हित को ध्यान में रखकर ही सरकार चलाई, और बहुजन समाज के लिए कुर्सी को लात मारना भी पड़ा वो भी किया!!
#जयभीम
@nitinmeshram_ नितिन मेश्राम जी,
आपको इस तरह से KG balakrishna sir के बारे में नहीं लिखना चाहिए..
There are hundreds of sc/st activists and students who got help from him and he very respected figure..
@nitinmeshram_ Bhai,
This is not entirely true,there are many friends who sought help from and got it.
specific case I remember immediately is the suspension of sc/st students by IIT Delhi in 2008..
It was supported by Balakrishnan only that it could get to the supreme court and get justice
Fortunately, at the time, the CJI of the SC was KG Balakrishnan Sir, who is himself a Scheduled Caste, and he could appreciate what we were contending. He ordered IIT-D to re-admit the 22 students.
@nitinmeshram_@Tomb_Raider__@Anoopkheri
https://t.co/4r69UxDq54
1 सितंबर 1911 को रसूलाबाद के पास ग्राम कठारा कानपुर के पास झींझक स्टेशन से 10 किलोमीटर की दूरी पर ललई सिंह यादव जी का जन्म हुआ।
पादरी , मुल्ला,मौलवी,पंडित पुरोहित की अनदेखी कल्पना को नकारते हुए,धर्मशास्त्रों का गहन अध्ययन कर शास्त्रों के रहस्य को समझकर समाज को बताया।
बधाई 🎂🎂
इस तरह की मॉब लिंचिंग को जो भी संगठन कर रहे हैं उन्हें पूरी तरह से बैन करना चाहिये।इसी तरह की घटना मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले में भी की गई थी ।जहां कई आदिवासियों को पीट-२ कर हत्या कर दी गई थी।
भीड़ हत्या/माब लिंचिंग का रोग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में हरियाणा के चरखी दादरी में गोमांस खाने के शक में एक गरीब युवक की पीट-पीट कर नृशंस हत्या मानवता को शर्मसार व कानून के राज की पोल खोलती है, यह अति-दुखद व निन्दनीय। सख्त कार्रवाई जरूरी।
देश के विभिन्न राज्यों में भारी बारिश के कारण आयी बाढ़ की स्थिति से सही से नहीं निपट पाने के कारण लाखों परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है तथा ऐसी तबाही लोगों का जीवन बर्बाद कर देती है। सिर्फ राहत ही नहीं बल्कि सरकारों को बाढ़ निवारण पर भी समुचित ध्यान देना चाहिए।
लखनऊ में केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद बहुजन मीडिया चलाने वाले युवा साथियों के साथ बैठक की। ये सभी युवा दो/दो तीन/तीन मास्टर डिग्री और इंजीनियरिंग डिग्री पूरी करने के बाद अभी भी विश्वविद्यालयों में आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। ये युवा व्यवसाय स्थापित करने के लिए संघर्षरत है। इसके साथ ही ये आदरणीय युवा देश में दलितों पिछड़ों मजलूमों पर हो रहे सामाजिक अत्याचारों के खिलाफ भी अपने छोटे-छोटे यूट्यूब चैनलों के जरिए आवाज उठा रहे है। बहुजन समाज पार्टी पंजाब इन योद्धाओं को सलाम करती है।