जाति गर्व नहीं शर्म का विषय है l
सरकारी कागज जाति पूछते नहीं,
थोपते हैं l
'छोटा' कौन रहना चाहता है?
सब 'बड़े' होना चाहते हैं
लेकिन जाति में यह छूट नहीं है l
डॉक्टर- गांव में सब आपको डायन क्यों बुलाते हैं❓
महिला - बेटे के जन्म के बाद से इसके पापा बहुत बीमार रहने लगे...हम बहुत पूजा-पाठ किए लेकिन हम उन्हें बचा नहीं पाए फिर गुस्सा के मारे हमने पूजा-पाठ सब छोड़ दिया। तो गांव में फैल गया कि औरत अधर्मी है और अधर्मी से सब डायन कहने लगे।
हम सोचे ठीक ही है गांव में जवान विधवा औरत को 50 दिक्कत का सामना करना पड़ता है। डायन को मर्द लोग तं�� नहीं करते और ना उसके बच्चे को...हम अकेले थे इसलिए अपनी और अपने बच्चे की रक्षा के लिए इससे अच्छा कोई तरीका नहीं था सो बन गए डायन...
#GramChikitsalay
एक गांव है उसमें एक झोलाछाप डॉक्टर हैं जो इलाज के नाम पर गांव के लोगों को ठगने का काम करते हैं। इससे वे पैसा अच्छा कमा लेते हैं और अपनी इकलौती बेटी को शहर भेजते हैं डॉक्टरी की पढ़ाई करने। वो अपनी बेटी से कहते हैं कि
“तुम प���से की चिंता मत करना बस मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई करना ये गांव के लोग हम से मुंह पर तो डॉक्टर साहब-डॉक्टर साहब कहते हैं लेकिन पीछे सब झोलाछाप कहते हैं इसलिए हम चाहते हैं कि तुम डॉक्टर बनकर आओ हम तुम्हारे लिए अस्पताल खोलकर रखेंगे।”
एक दिन डॉक्टर साहब के पास शहर से बेटी के कॉलेज से फोन आता है कि आपकी बेटी नकल करते हुए पकड़ी गई है।
डॉक्टर साहब थोड़ा गुस्से में अपनी बेटी से कहते हैं कि हम इतनी मेह��त से तुम्हारे लिए पैसा भेज रहे थे और बदले में बस इतना चाह रहे थे कि तुम ईमानदारी से पढ़ाई करना लेकिन तुम...
तभी उधर से बेटी बोल पड़ती है पिता जी ईमानदारी की बात आप तो ना ही करिए बचपन से आपको बेईमानी करते हुए देखा है 10 की दवाई 50 में बेचते हुए देखा है अब जो हम देखेंगे वही तो सीखेंगे न...
ये सुनकर डॉक्टर साहब सन्न रह जाते हैं...🧑⚕️
ये तो प्राइम की वेबसीरीज ग्राम चिकित्सालय का एक सीन था लेकिन ये अ��लियत में भी होगा-
पहले भी लिखा है फिर लिख रहे हैं कि मौजूदा दौर में टीवी के नफरती एंकर-एंकराएं हों या अफसर...जो भी अपने पेशे से बेईमानी करके आम लोगों के बच्चों को नफरत की आग में झोंक रहे हैं और उस पैसे से अपने बच्चों को विदेश पढ़ने भेज रहे हैं...ये सब एक दिन लौटकर उनके पास जरूर आएगा। एक दिन वो या उनके बच्चे इसी नफरत की आग में झुलसेंगे और इसके जिम्मेदार ये एंकर और अफ़सर खुद होंगे...
#CriticalThinking
#GramChikitsalay
UP- मेरठ विकास प्राधिकरण ने आज सुबह चाणक्य IAS अकादमी पर सीलिंग की. सीलिंग टीम वहां से हट भी नहीं सकी कि तभी प्राधिकरण के एक अफसर का फ���न आया. टीम ने तत्काल प्रभाव से सीलिंग रिबन लपेटा और ताले खोल दिए. जहां सील लिखा था वहां भी कट्टस मार दी.
यह एकेडमी 2012 में SDM हो चुके डॉ वीके सिंह की है. सिंह साहब का UP की सत्ता में तगड़ा जुगाड़ बताया जाता है.
मेरठ के बाकी 50 से ज्यादा कोचिंग सेंटरों के पास ऐसा कोई जुगाड नहीं था.
यह मध्य प्रदेश के खंडवा में तैनात अपर सत्र न्यायाधीश अक्षय कुमार द्विवेदी हैं। यह उन लोगों में से ह��ं जिन्हें हम सबको प्यार करना चाहिए।
जज साहब ने आलीशान सरकारी बंगला, वीआईपी कार और अन्य सरकारी सुविधाएं लेने से इंकार कर दिया है। वे एक छोटे से कमरे में रहते हैं, अपना खाना खुद बनाते हैं और रोजाना पैदल ही कोर्ट जाते हैं।
जज अक्षय ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को आवेदन देकर अपनी सैलरी आधी करने की मांग भी की है। निजी संपत्ति के नाम पर उनके पास सिर्फ अपनी मां द्वारा दिया गया एक मोबाइल फोन है। उन्हों��े आजीवन अविवाहित रहने का फैसला किया है। तबादले पर उन्होंने विभाग से कहा है कि उन्हें देश में कहीं भी भेजा जाए, वे न्यूनतम सरकारी सुविधाएं ��ी लेंगे।
बचपन में अपनी मां को संपत्ति विवाद के दौरान अदालत के चक्कर लगाते देखकर उन्होंने जज बनने का निर्णय लिया था। इसी कारण वे अपनी अदालत में आने वाले मुकदमों, खासकर जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों का निपटारा बेहद तेजी से करते हैं ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
सलाम जज साहब
@Sachingupta जलते घर को देखने वालों फूस का छप्पर आपका है
आपके पीछे तेज़ हवा है आगे मुकद्दर आपका है
उस के क़त्ल पे मैं भी चुप था मेरा नम्बर अब आया
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप है अगला नम्बर आपका है
सब्र करो सब का नंबर आयेगा 🙂
असम में अनमुल हक 16 डॉक्यूमेंट पेश करने के बावजूद भारतीय नागरिकता साबित नहीं कर सका। 28 फरवरी 2019 को असम जिले के विदेशी न्यायाधिकरण ने उसे विदेशी घोषित किया था। वह इसके खिलाफ हाईकोर्ट गया। खुद को भारतीय साबित करने के लिए उसने 16 दस्तावेज पेश किए।
>1951 की NRC कॉपी, जिसमें पिता और दादा का नाम दर्ज था
>1966 से 2017 तक की वोटर लिस्ट, जिसमें अनिमुल और पूरे परिवार का नाम था
>1973 के जमीन खरीद के कागज
>पेन कार्ड, वोटर ID, स्कूल ID जैसे कागज
हाईकोर्ट ने माना कि अनिमुल हक अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने में नाकाम रहे। ऐसे में HC ने "विदेशी" होने का फैसला बरकरार रखा।
राम मंदिर में लूट को विस्तार से समझा रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार राजीव रंजन…पूरा सुना तो हैरानी और अफ़सोस दोनों हो रहे ��ैं कि लोगों की आस्था को कैसे ठगा गया है…
आयरलैंड ने भारत को हराया और इस पर राजस्थान के टोंक में जश्न मनाया जा रहा है...क्योंकि टोंक के जय मूंदड़ा आयरलैंड की तरफ से खेल रहे हैं।
इससे दुनिया में संदेश गया होगा कि हम कितने सहिष्णु हैं हम कितने क्रिकेटप्र��मी हैं।
लेकिन रुकिए जरा...
अब बस कल्पना कीजिए कि जय मूंदड़ा की जगह कोई मुस्लिम क्रिकेटर होता और वो किसी मुस्लिम देश की तरफ से खेल रहा होता और उस देश ने भारत को हरा दिया होता तो उस क्रिकेटर का क्या होता और उसके परिवार के देश में जश्न मनाने की तो कल्पना ही नहीं की जा सकती...हमें कम से कम पैमाना तो समान करना चाहिए❓
अंगूठा लगा रही इस महिला का नाम खेलन बाई है।
इनके पति रूपदास का जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में खाता था, लेकिन करीब एक वर्ष पहले उनका निधन हो गया,
पति के खाते में जमा 1 लाख 10 हजार रुपये निकालने के लिए खेलन बाई अपने बेटे के साथ बैंक पहुंचीं,
बैंक की ब्रांच मैनेजर अनीता ने रकम निकालने की प्रक्रिया पूरी करने के बदले पहले 10 हजार रुपये की मांग की ,
बाद में यह राशि घटाकर ₹5000 कर दी गई,
लेकिन असली खेल ��ब हुआ जब उसी दौरान रिश्वत लेने का वीडियो उसने सामने बैठे एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया,
जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मानक गुप्ता: उद्धव ठाकरे गुट के सात सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं,इंडिया गठबंधन को कैसे बचाएंगे?
@Aloksharmaaicc : एक बार ED और CBI मुझे दे दीजिए,आपको कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जिता दूँगा,जीत का सर्टिफिकेट कन्फर्म समझिए
फिर क्या था मानक गुप्ता की स्क्रिप्ट वहीं खत्म हो गई!
एक लड़के ने बताया कि वह अपने परिवार को ट्रेन में बैठाने के लिए महाराष्ट्र के कल्याण रेलवे स्टेशन गया था। ट्रेन दोपहर 12 बजे की थी लेकिन बाद में बताया गया कि वह 2 बजे आएगी।
लड़के ने प्लेटफॉर्म टिकट ले लिया था और परिवार के साथ इंतजार करता रहा। लेकिन ट्रेन लगातार लेट ��ोती रही। शाम करीब 5 बजे वह परिवार को ट्रेन में बैठाकर वापस जाने लगा
तभी टीटी ने उसे रोक लिया और प्लेटफॉर्म टिकट दिखाने को कहा। उसने टिकट दिखाया तो टीटी ने कहा कि प्लेटफॉर्म टिकट 2 घंटे बाद एक्सपायर हो जाता है। इसके बाद उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया!
वीडियो में लड़के ने सवाल उठाया कि जब ट्रेन रेलवे की वजह से कई घंटे लेट हुई थी तो उसके इंतजार की जिम्मेदारी कौन लेगा??
उसने कहा कि उसने परिवार को छोड़ने के लिए वैध प्लेटफॉर्म टिकट लिया था, फिर भी उसे जुर्माना भरना पड़ा!
ये भी सवाल जायज है कि जब देरी रेलवे की तरफ से हुई थी तो उसकी सजा यात्री को क्यों मिली..?
आजतक और उनकी एंकर की तरफ से कई यूट्यूबर टीचर पर जो भारी-भरकम मानहानि का मुकदमा किया गया है उसमे��� बिहार के एक स्टूडेंट का भी नाम है जो अपने घर से बहुत दूर पटना में रहकर पढ़ाई कर रहा है। उसने बस वो खान सर का वीडियो शेयर किया था जो वायरल हो गया जिसके बाद उसके खिलाफ भी मुकदमा कर दिया गया है।
वो बच्चा बेहद डरा हुआ है वो किराए का कमरा लेकर अकेला रहता है उसने मदद मांगी है ट्वीट भी डिलीट कर लिया है।
कोई लीगली मदद कर सक��ा है तो कृपया बताए...
या अगर कोई आजतक या अंजना जी तक ये बात पहुंचा दे कि खान सर या दूसरे टीचर से लीगली लड़ें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन किसी स्टूडेंट का भविष्य खराब होने से बचा लें...🙏
ये पुराना वीडियो है जिसमें राहुल और प्रियंका आ���े की लाइन में बैठ गए थे तब सोनिया गांधी राहुल गांधी को बुलाकर कहती हैं कि पीछे बैठ जाओ आगे सीनियर लीडर बैठेंगे...जिसके बाद दोनों पीछे जाकर बैठ जाते हैं।
ये दिखाता है कि गांधी परिवार ने वरिष्ठ नेताओं का हमेशा सम्मान दिया है और सोनिया गांधी ने तो परिवार की तरह पार्टी को पाला है अब वही परंपरा राहुल गांधी और सोनिया गांधी आगे बढ़ाते हुए दिख रहे हैं।
फिर भी कुछ नेता कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाते हुए कहते हैं कि वहां उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा था हालांकि बीजेपी में पहुंचकर उनकी क्या हालत होती है ये हम सब देखते हैं।
इससे लगता है कि जो छोड़ गए वो झूठ बोलकर गए हैं और इस सम्मान के लायक भी नहीं थे वे उसी के लायक हैं कि हमेशा बड़े साहब के सामने झुके रहो और उनके ���्वीट रिट्वीट करते रहो...
आपकी एक छोटी सी मदद किसी के लिए कितनी राहत भरी हो सकती है, द���खिए
इस केस में मदद करने वालों ने न अपना चेहरा दिखाया है, न अपना नाम बताया है। यही इस वीडियो की खूबसूरती भी है। बाकी ऐसे मदद के वीडियो नेता लोग अपने प्रचार के लिए खूब बनाते हैं।