धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना ��ही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने पाटोदी हादसे में काल कल्वित मृतकों के ���रिजनों से बात कर जताया शोक-
पाटोदी में हुए हृदयविदारक सड़क हादसे में अपने चार सगे पुत्रों को खो ��ुके शोकाकुल पिता के दुःख को साझा करते हुए आज राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय जननायक श्री अशोक गहलोत जी @ashokgehlot51 से दूरभाष पर उनकी बात करवाई।
श्री गहलोत जी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरे समाज और प्रदेश की संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को धैर्य एवं साहस बनाए रखने का संदेश देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस दुःखद घड़ी में श्री गहलोत जी द्वारा प्रदर्शित आत्मीयता, संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार पीड़ित परिवार के लिए भावनात्मक संबल का आधार बने। ऐसे कठिन समय में संवेदना के ये शब्द परिवार के घावों पर मरहम का कार्य करते हैं।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा परिजनों को इस असहनीय ��ुःख को सहन करने की शक्ति दें।
@INCIndia @INCRajasthan @GovindDotasra
@TikaRamJullyINC @DharmendraS_inc
@sandeepinc_
@Gehlot_Fir_Se
पाटोदी में हुए हृदयविदारक सड़क हादसे में अपने चार पुत्रों को खो चुके शोकाकुल पिता के दुःख में सहभागी बनते हुए पूर्व राज्यमंत्री एवं पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल ने उनकी दूरभाष पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से बात करवाई।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधा���ा और इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुःख जताया।
पाटोदी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में अपने चार बेटों को खोने वाले परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पूर्व राज्यमंत्री एवं पूर्व विधायक गोपाराम मेघवाल ने शोकाकुल पिता की दूरभाष पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot से बातचीत करवाई।
बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार को सांत्वना दी और इस असहनीय क्षति पर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं...
न्याय योद्धा...
लोकतंत्र में एक मजबूत और प्रभावी विपक्ष का होना उतना ही आवश्यक है जितनी एक सशक्त सरकार। वर्तमान परिस्थितियों में हनुमान बेनी���ाल कांग्रेस की तुलना में अधिक मुखर और सक्रिय विपक्ष की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं, जबकि राजस्थान विधानसभा में उनकी पार्टी का एक भी विधायक नहीं है।
जनहित और न्याय ��े मुद्दों पर लगातार संघर्ष करने वाले इस योद्धा के निजी राजनीतिक जीवन के साथ क्या जनता न्याय करेगी?
इसका फैसला अंततः लोकतांत्रिक जनमत ही करेगा।
जयपुर प्रवास पर पूर्व मुख्यमंत्री परम आदरणीय अशोक गहलोत जी से आत्मीय भेंट कर उनका स्नेह एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान बालोतरा जिले की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों,संगठन की गतिविधियों तथा आमजन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से सार्थक चर्चा हुई।
उनके अनुभवपूर्ण मार्गदर्शन से सदैव नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त होती है।
@ashokgehlot51
गतदिनों विधानसभा क्षेत्र पचपदरा के कल्याणपुर में सक्रिय कांग्रेसी फिरोज खान जी के सुपुत्र के वैवाहिक समारो�� में सम्मिलित होकर शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
#GoparamMeghwal
#पचपदरा
राजस्थान की राजनीति में सादगी, संवेदनशीलता और जनसेवा के उच्च आदर्श स्थापित करने वाले, जन-जन के प्रिय नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय @ashokgehlot51 जी को जन्म��िन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आपका संपूर्ण सार्वजनिक जीवन समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुँचाने के संकल्प का प्रतीक रहा है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर जनसेवा की ऊर्जा प्रदान करें।
जयपुर प्रवास पर पूर्व मुख्यमंत्री परम आदरणीय अशोक गहलोत जी से आत्मीय भेंट कर उनका स्नेह एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस दौरान बालोतरा जिले की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों,संगठन की गतिविधियों तथा आमजन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से सार्थक चर्चा हुई।
उनके अनुभवपूर्ण मार्गदर्शन से सदैव नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त होती है।
@ashokgehlot51
आप सभी से यह साझा करते हुये अत्यंत गर्व महसूस कर रहा हूँ कि
मेरे सुपुत्र पुरन बुनकर (भारतीय राजस्व सेवा- IRS) ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में वित मंत्रालय द्वारा आयोजित नये आयकर अधिनियम 2025 के शुभारंभ कार्यक्रम ���प्रारंभ 2026” में मंच संचालन की जिम्मेदारी अत्यंत उत्कृष्ट तरीके से निभाकर हम सभी को गौरवान्वित किया हैं।
#ProudFather
राजस्थान की गौरवशाली धरा से निकलकर राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान स्थापित करने वाले National Students’ Union of India (NSUI) के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष भाई विनोद जाखड़ जी को NSUI का राष्ट्रीय अध्यक्ष निय���क्त होने पर हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएँ।
यह उपलब्धि आपके निरंतर संघर्ष, प्रतिबद्धता और छात्र-हितों के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है।
अनुसुचित जाति के एक सामान्य मजदूर परिवार से निकलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के रुप में आपकी नियुक्ति समूचे राजस्थान के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का विषय है।
हमें विश्वास है कि आपके नेतृत्व में संगठन नई ऊर्जा, नई दिशा और नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा तथा देशभर के छात्रों की आवाज़ और अधिक प्रभावशाली ढंग से उठाएगा।
आपके सफल, प्रेरणादायी और ऐतिहासिक कार्यकाल के लिए ढेरों शुभकामनाएँ।
@VinodJakharIN @NSUIRajasthan
लाठियाँ खाएँ विनोद जाखड़,
जेल जाएँ विनोद जाखड़,
RSS से डटकर मुकाबला करें विनोद,
सड़कों पर उतरकर आंदोलन करें विनोद जाखड़,
दिन-रात पार्टी संगठन को मज़बूत करने का धरातल पर काम करें विनोद जाखड़
फिर भी सवाल यह है कि कारण बताओ नोटिस आखिर किस आधार पर?@NareshMeena__@VinodJakharIN
राजनीतिक पार्टियों को नेता नहीं गुलाम चाहिए।
राजस्थान विश्वविद्यालय से पहले दलित अध्यक्ष भाई विनोद जाखड़ को NSUI प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाने के लिए उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है।
विनोद जाखड़ राजनीति के साथ-साथ समाज के मुद्दों पर प्रमुखता से लड़ता है।
@VinodJakharIN
यह लड़ाई सिर्फ़ काग़ज़ों तक सीमित नहीं रहेगी—सड़क से लेकर संसद तक लड़ी जाएगी।जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता,और प्रकृति के विनाश पर चुप्पी कोई विकल्प नहीं है।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वा��ा माननीय उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत हलफ़नामे में 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को अरावली माना न जाना और उनके खनन की अनुमति देना अत्यंत चिंताजनक है।
अरावली पर्वतमाला भारत की एक प्राचीन श्रृंखला है, जो दिल्ली के रायसीना हिल से गुजरात के पालनपुर तक लगभग 800 किलोमीटर लंबी है। रायसीना हिल की ऊँचाई समुद्र तल से बहुत अधिक नहीं है—लगभग 15 मीटर ऊपर। इसके बावजूद, यह अरावली पर्वतमाला का हिस्सा ह���ने के कारण सामरिक और राष्ट्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह भारत के राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों का केंद्र है, इसलिए इसे अक्सर भारत सरकार के केंद्र के रूप में देखा जाता है।
अरावली का पारिस्थितिक महत्व केवल ऊँचाई पर निर्भर नहीं है। यह परिभाषा वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है। खनन से भू-जल, वन्यजीव और स्थानीय समुदायों को गंभीर क्षति होगी। यह निर्णय पूर्व के सर्वोच्च न्यायालय के संरक्षणात्मक आदेशों की भावना के विपरीत है।
हमारा सवाल है @byadavbjp जी से :- अगर 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को अरावली में शामिल न करने और खनन की अनुमति देने का न���र्णय सही ठहरा, तो क्या रायसीना हिल और इसके आसपास के राष्ट्रीय महत्व के क्षेत्रों को भी खनन माफियाओं के हवाले कर दिया जाएगा?
यदि यह नीति लागू होती है, तो यह हमारी प्राकृतिक संपदा, जलस्रोतों और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा पैदा करेगी। हम @mygovindia से मांग करते हैं कि वह पर्यावरणीय नुकसान और लंबे समय तक होने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय का तुरंत पुनर्विचा�� करे।
@mygovindia
@moefcc
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