Well done, Arjun. ❤️
Proud of the way you’ve carried yourself through this season, always believing in your ability, staying patient, working hard quietly, and remaining positive despite having to wait for your opportunity till the very last match.
Cricket tests patience as much as skill, and you handled both beautifully today.
Keep your feet on the ground, and continue being in love with the game like you always have.
Love you always.👏
पत्रकारिता एक जटिल और बदलते दौर से गुजर रही है, जहाँ एक तरफ तकनीक और डिजिटल मीडिया ने अभूतपूर्व अवसर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर विश्वसनीयता, स्वतंत्रता और नैतिकता की चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं।
आज खबरें मिनटों में फैलती हैं। टीवी, वेब पोर्टल, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने पत्रकारिता को अधिक तेज़ और सुलभ बना दिया है। लेकिन इस तेज़ी के कारण कई बार “पहले दिखाने” की होड़ में तथ्य-जांच fact checking कमजोर पड़ जाती है। कुछ मीडिया संस्थानों में TRP की होड़ ने खबरों को मनोरंजन बना दिया है। बहसें शोर-शराबे में बदल जाती हैं और असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। आज सबसे बड़ी चुनौती झूठी खबरों का प्रसार है। बिना सत्यापन के खबरें वायरल हो जाती हैं, जिससे समाज में भ्रम और तनाव पैदा हो सकता है।
पत्रकारिता का मूल धर्म सत्ता से सवाल पूछना है न कि विपक्ष, लेकिन आज कई बार राजनीतिक या कॉरपोरेट दबावों के कारण निष्पक्षता प्रभावित होती दिखाई देती है। इन चुनौतियों के बीच investigative journalism अभी भी मजबूत है। आज हर स्मार्टफोन उपयोगकर्ता एक संभावित सिटिजन जर्नलिस्ट बन गया है।
आज की भारतीय पत्रकारिता एक चौराहे पर खड़ी है जहाँ उसे तय करना है कि वह सिर्फ तेज़ और आकर्षक बनेगी या फिर सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी भी बनी रहेगी।
ये कांग्रेस कार्यकर्ता की ताक़त है कि राजस्थान में भाजपा SIR के षड्यंत्र में कामयाब नहीं हो पाई।
राजस्थान कांग्रेस ने सबसे पहले 56 हजार BLA बनाएं, जिन्होंने BJP की बेईमानी को रोका।
आज प्रदेश में 10 से 15 लाख कांग्रेस पदाधिकारियों की फौज है, जो धरातल पर संगठन सशक्त कर रही है।
मैं RSS के खिलाफ बोलता हूं.. इसलिए विरोध झेलता हूं
मैं अपनी पार्टी और विचारधारा के लिए मरते दम तक हूं
न डरता हूं, न घबराता हूं.. BJP को डटकर चुनौती देता हूं, हिम्मत है तो डबल इंजन की सरकार जांच करवा लें।
बाड़े में बकरी का शिकार किए ये फीमेल चीता 'ज्वाला' है जो एमपी के कूनो नेशनल पार्क से निकल कर रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के पास पहुंच गई है।
फॉरेस्ट ऑफिसर्स का कहना है कि रणथंभौर क्षेत्र में पहले से बाघ मौजूद हैं, ऐसे में अगर आमना-सामना होता है तो ज्वाला के लिए खतरा हो सकता है।
"जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा" बीजेपी #Haryana हरियाणा प्रभारी, #Rajasthan राजस्थान बीजेपी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां @DrSatishPoonia. क्लिप मीरा महोत्सव, मेड़ता की है.
अगला उपराष्ट्रपति राजस्थान से होगा?
किरोड़ी के मामले पर क्या है मदन राठौड़ की राय?
गहलोत-पायलट विवाद पर क्या बोले राठौड़?
नई टीम पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के संकेत?
मदन राठौड़ Exclusive
खास मुलाकात
देखिए शाम 4.54 बजे
@madanrrathore@BJP4India#VicePresident#RajasthanWithNews18