#JusticeForTeachers
बरसों से बच्चों का भविष्य सँवारने वाले शिक्षक आज स्वयं असुरक्षा में खड़े हैं। टीईटी की बाध्यता ने अनुभव, सेवा और समर्पण पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सम्मान की जगह संशय, स्थिरता की जगह भय ने ले ली है—यह दर्द नौकरी का नहीं, आत्मसम्मान के आहत होने का है।
सरकार संगठन से वार्ता और निस्तारण के बारे में विचार करे।
@DrDCSHARMAUPPSS