1 अक्टूबर से गैस सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई है जिससे देश विचलित हुआ मगर आप समाचार पढ़ कर परेशान ना हो !
घरेलू गैस सिलेंडर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है उसके दाम स्थिर है । इजाफा 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर में हुआ है ।
तो 19 kg में लगभग ₹70 का बढ़ोतरी कोई बड़ी बात नहीं । इसमें हाहाकार मचाने की क्या जरूरत है ?
अभी कुछ दिन पहले की ही बात है - ठेले पर पाव भाजी बेचने वाले से जब हमारी बात हुई तो दो पांव के साथ भाजी के प्लेट का दाम ₹100 था ।
शाम से लेकर 11:00 रात तक वे दो से ढाई हजार रुपया का व्यापार कर लिया करते थे । ऐसे में आप ₹70 की बात सोच कर देखिए तो एक पावभाजी प्लेट का दाम भी नहीं निकलेगा और आप घबरा गए ।
हाल ही की एक सच्ची बात मैं आपको बता दूं - सीएनजी पर जब ₹1 की वृद्धि हुई तो हाहाकार मचा और ऑटो वाले ने 5 और ₹10 बढ़ा दिए थे । ऐसे में आप प्रतिदिन ना जाने कितने पैसेंजर को लाते लेजाते हैं और उससे कितना ज्यादा धन कमाते हैं यह नहीं सोचा और बदनाम सरकार होती है ।
आज भारत विश्व में सबसे अच्छा और सॉफ्ट देश है जहां के नागरिक स्वतंत्रता से जी तो हो रहे हैं । ऐसे में देश का बजट गड़बड़ाएगा तो इजाफा तो होगा ही और हम अपनी कमाई कहां दे रहे हैं देश के विकास के लिए ही तो दे रहे हैं । तो ऐसे में घबराएं नहीं और आगे बढ़े और आमदनी बढ़ाएं ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
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#LPGPriceHike #GasPrice #CommercialLPG #CNGPrice
ग्रेटर नोएडा बिसरख थाना क्षेत्र के रहने वाले डिलीवरी बॉय अजय सिंह ने एक दिन पहले अपनी पत्नी से क्षुब्ध होकर सुसाइड कर ली।
25 वर्षीय अजय सिंह की शादी फरवरी माह में हुई थी । सुसाइड से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपने पीड़ा जताते हुए सुसाइड का कारण बताया कि मेरी पत्नी - फोन पर अन्य लड़कों से बात करती है । मैंने कई बार उसे समझाया भी लेकिन वह नहीं मानी ।
आज देश में मौत का सबसे पहला कारण आदमी से आदमी का न पट पाना होता है । क्योंकि आज की तारीख में लोग कंप्रोमाइज करना भूल गए हैं ।
शादी लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज , इस रिश्ते को दूर तलक ले जाना अपने हाथ की चीज होती है । कभी-कभी इंसान एक तरफा प्यार और रिश्ता भी निभा लेता है । वहीं कुछ लोग विचलित होकर के खुदकुशी कर लेते हैं ।
ऐसे में हम सभी से कहना चाहेंगे - आप मानसिक रूप से घर में कितना भी विक्षिप्त क्यों ना हो रहे हो खुदकुशी कदापि ना करें । एक रास्ता है बड़ा ही सुंदर , या तो टेबल टॉक करके मामला सुलझा लीजिए नहीं तो सब को छोड़कर निकल जाइए ।
जिंदगी का महत्व सीखिए और लोगों को सीखाने के लिए जीवित रहिए । ऐसे कई वृद्धा आश्रम में देखे गए हैं जहां के लोग पीड़ित होकर इस प्लेटफार्म को अपनाते हैं ।
डिलीवरी बॉय की तो जिंदगी ही अभी-अभी शुरू हुई थी , ऐसे में क्या घबराना था जो जान दे दिए।
इसलिए तो तलाक बना है , यह भी एक रास्ता था और एक अहम बात - आज लड़के दोस्त होते हैं लेकिन सभी लड़के बुरे नहीं होते । क्योंकि जहां को एजुकेशन होता है वहां लड़के लड़कियां सभी एक साथ पढ़ते हैं । तो दोस्ती तो होगी ही , ऐसे में हर लड़कियां बिकाऊ और रिश्तों में बेईमान नहीं होती ।
आप अपनी पत्नी को समझे नहीं और एक तरफा घुटते रहे और मौत को गले लगा लिया । ऐसी संकुचित मानसिकता वाले लोग खुद को पढ़ने की कोशिश करें तो जिंदगी और आपके परिवार के लिए बेहतर होगा ।
हर लड़की मुस्कान रस्तोगी और सिया नहीं होती ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
"मैं अपनी बीवी से परेशान होकर सुसाइड करने जा रहा हूं"
नोएडा, यूपी में 25 साल के डिलीवरी बॉय अजय सिंह ने फांसी लगाकर जान दे दी। 9 फरवरी को कोर्ट मैरिज हुई थी। अजय का दावा है कि बीवी की जब कॉल हिस्ट्री चेक की तो वो कई लड़कों से बात करती मिली। उसे कई दफा समझाया, लेकिन नहीं मानी।
@Nishantkaushik0
आपके सवाल को सुनकर वकील साहब भाग नहीं रहे हैं । इनकी पढ़ाई ही इतनी अब्बल होती है कि यह हर एक का सामना कर सकते हैं । जरूरी नहीं की तुरंत आपके सवाल का जवाब दिया जाए । वकील का पेशा होता है पहले सोचना फिर बोलना । ये वकील है कठपुतले नहीं और दूसरी बात जर्नलिस्ट और Youtuber में अंतर होता है ।
आजकल हर यूट्यूबर स्वयं को जर्नलिस्ट समझते हैं और इस कदर जर्नलिस्ट बात नहीं किया करते ।
खुद में अस्थिरता और मधुरता लाइए ।
गांव में हमने कई बार ऐसा देखा है कंपाउंडर भी खुद को डॉक्टर बोलते हैं तो फिर डॉक्टर स्वयं को क्या बोलेंगे ?
सवाल पूछिए लेकिन उसका अंदाज बेहतर हो और न चाहते हुए भी आपके सवाल का जवाब आपको तुरंत मिल जाए । आप जिसे मामूली समझ रहे हैं वह मामूली नहीं है क्योंकि बराबर वाले ही बराबर वाले की गरिमा को समझ सकते हैं । हमारी बात का बुरा ना माने लेकिन स्वयं को वकील साहब के जगह खड़े करके देखिएगा तो आपको समझ आएगा , वकील साहब अपनी जगह सही है ।
धन्यवाद
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
अब आप नेता बन चुके हैं तो इसका मान रखिए । एक प्रतिष्ठित पार्टी जिस पार्टी के नेता अभी देश के प्रधानमंत्री हैं , उस पार्टी को इस तरह डांस करके बदनाम ना करें ।
आप ही लोग के कारण पार्टी की छवि खराब होती है । मन फिल्म छोड़ने का सलाह न दे तो दूसरी क्षेत्र में क्यों आना !
कुछ वर्षों से भोजपुरी फिल्म तो ऐसे भी बदनाम है , और यह दो लड़की अश्लीलता से भरा पोशाक पहने डांस कर रही है और बीच में एक बीजेपी के नेता जब इस कदर डांस में शामिल हो तो क्या देश को अच्छा लगेगा ? इसीलिए तो आज बिहार की छवि खराब हो गई है ।
आप नेता न होते तो यह बात हम कभी नहीं लिखते । आप तो हमारे देश के भाई हैं और हमारे भाई को कोई अपशब्द कहें सुनना अच्छा नहीं लगता ।
एक बात और - बिहार के लाल है तो बिहार के संस्कृति को भी बचाना आपका फर्ज है और ऊपर वाले ने आपको उस लायक बनाया भी है ।
सादर।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
@priyanka2bharti
बाँसुरी जी भाजपा के “Smash Patriarchy” के Brand Ambassador मिल ही गए!
आपके “सम्मानित” MLC!
And please don't miss the end! He has proven himself enough to be the brand ambassador!
यह स्टोरी स्क्रिप्टेड है। पति को मालूम था कब आना है और वीडियो रिकॉर्ड बेटी कर रही हो या फिर कोई अन्य लेकिन यह टीमवर्क है ।
अधिकांशतः लोग इस बात को नहीं समझ सकते मगर जो लोग इस क्षेत्र के हैं वह लोग बखूबी इस बात को जानते हैं ।
रही बात बेटे और मां के रिश्ते की तो यह तो अटूट प्रेम है । इसे हम अश्लीलता नहीं मानते । तकियानुसी सोच वाले लोग भले ही जिस रूप में इसे अपनाए उनकी मर्जी , क्योंकि जिसकी जैसी सोच ।
मुझे तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि इस परिवार में कभी झगड़ा उत्पन्न नहीं हो सकता ।
पति भी बहुत अच्छे मिजाज के लग रहे हैं तभी हाथ में झाड़ू है । अन्यथा जो लोग पत्नी को बराबर का मान नहीं देते तो ऐसे लोग ही चाहते हैं की पत्नी के हाथ में झाड़ू रहे ।
झाड़ू तो घर साफ करने की चीज है कोई साफ कर सकता है मगर कोई जेंट्स किचन में खाना बनाएं और महिला टेबल पर काम करें तो बहुत सारे महिलाओं को भी यह बर्दाश्त नहीं होता क्योंकि वह घरेलू होती है तो उनकी मानसिकता भी घरेलू ।
बाहर के दुनिया में निकल कर देखेंगे तो मन समंदर बन जाएगा और घटिया सोच सदैव दूर खड़ा रहेगा ।
एक बात और कभी-कभी आंखों देखा और कानों से सुनी बाते भी गलत हो जाती है ऐसे में पवित्र रिश्ते को कलंकित ना करें ।
ऐसे में उनकी छवि खराब नहीं होगी सोचनेवाले का नजरिया गंदगी से भर उठेगा । क्योंकि आसमान पर थूकने से गंदगी चेहरे पर गिरता है आसमान का कुछ नहीं बिगड़ता।
बुरा जो देखन मैं चला बुरा न मिलिया कोय , जो दिल खोजा आपना मुझसा बुरा ना कोय , इस दोहा को जिंदगी में जरूर उतारिएगा।
क्योंकि हम तो सच में ऐसे ही हैं ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
इस चलती हुई बस को देखकर होश उड़ गए , अंदर बैठे लोग का क्या हाल हुआ होगा लिखना मुश्किल है ।
अब इस वीडियो की सच्चाई हम आपको बता दें - तो यह वीडियो AI जेनरेटेड है ।
फिर इसको बनाने का क्या फायदा ?
देश ऐसे ही आए दिन परेशानियों से गुजर रहा है । बनाने वाले क्या यही सोचते हैं कि देश ऐसा बने ! मानसिकता को ठीक बनाइए फिर जैसा सोचेंगे वैसा ही होगा । इस तरह का वीडियो बनाकर देश के लोगों को भ्रमित और बेचैन ना करें ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
अपने देश की संपत्ति को नष्ट करने वाले ऐसे लड़के क्या कभी रक्षक बन पाएंगे ! ऐसे लोगों को साइको कहे तो शायद कोई अतिशक्ति नहीं होगा ।
यह लड़का अपने घर में कैसे इतना बड़ा हो गया ? हर दिन एक नया कांड जरूर करता होगा । लेकिन इससे ज्यादा कसूरवार तो इनके परिवार वाले हैं जिन्होंने देश के संपत्ति की रक्षा करना सिखलाया नहीं होगा , तभी यह हाल है ।
आखिर इनके जन्म लेने का क्या फायदा अगर कुछ बढ़िया न कर सके । मनुष्य की जिंदगी बहुत मुश्किल से मिलती हैं , मैंने बहुत विक्षिप्त को इतिहास बनते और रचते देखा है ।
इस भाई साहब को क्या प्रॉब्लम है बिल्कुल स्वस्थ होते हुए इस तरह का हड़कत। ऐसे ही लोग भारत के नाम को शर्मसार करते हैं ।
आखिर यह अपना गुस्सा ट्रेन पर क्यों उतार रहे हैं समझ में नहीं आया ।
एक बात और इसे बस हम इतना कहना चाहेंगे - अगर कोई समस्या है तो सामने रखिए हम सभी है सुलझाने के लिए मगर खुद को भी मानसिक रूप से विक्षिप्त ना करें ।
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आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
आपका यह वीडियो बड़ा कमाल का है और चापाकल चलाने का स्टाइल भी । आप देश को चापाकल से पानी कैसे निकलता है शायद यह बता रही हैं ! तो थोड़ा आंचल ठीक कर लिया होता और दर्जी को कहा होता ब्लाउज का गले थोड़े कम करने के लिए ।
आपको ऐसा नहीं लगता कि आपके परिवार और समाज देखे होंगे तो क्या सोच रहे होंगे ? लेकिन एक बात समझ से परे है कि आप जैसी महिलाएं को कोई और काम नहीं है जो इस तरह का वीडियो बनाकर अपलोड करती हैं ।
अरे आपको दिखाने का इतना ही शौक है तो कुछ बेहतर बनाइए जिससे समाज दो कदम आगे तो बढ़े लेकिन यह क्या , यह देखकर के तो आपके घर के बेटियां ही खराब हो जाएंगे । फिर आप संस्कृति को कैसे बचा पाएंगी!
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आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
@jasimpathan05
इनसे मिलिए इनका नाम पूजा शर्मा है, जो सोशल मीडिया पर वीडियो बनाती है इनके 8 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स है...
देखने मे तो गाँव की किसी की बहु है लेकिन इनका कंटेंट सिर्फ अश्लीलता.... Read news.
390 का सब्सक्रिप्शन आप बेच रही है यह तो आपके घर वाले को भी पता होगा । आपके इस वीडियो में हम लोगों को ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला , समय की बर्बादी के अलावा और कुछ नहीं ।
आपसे कम कपड़ों में भी मैंने बहुत सारी महिलाओं को सोशल मीडिया पर देखा है । हमें घोर आश्चर्य है कि हमारे भारतवर्ष में 390 देने वाले भी मौजूद हैं । अब पता चला कि परिवार हर दिन क्यों टूट रहा है ?
आप जैसे मोहतरमा का वीडियो देखकर के तो अधिकांशतः पुरुष का पैर फिसलता ही होगा । क्योंकि उनकी पत्नी आपकी तरह चिकनी चुपड़ी नहीं लगती होगी । इसका सबसे बड़ा कारण कि वह महिलाएं घरेलू होती है । पति बच्चे परिवार का ख्याल रखते रखते वह महिलाएं खुद का ख्याल नहीं रख पाती । घर में बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं आप इससे ओझल हैं और वंचित भी ।
खैर अपनी अपनी सोच है , कुछ बेहतर करके पैसा कमाते तो मुझे खुशी होती मगर कपड़ों को कम करना अपने संस्कृति को कम करने जैसा है जिसमें एक शिक्षित व्यक्ति कभी आपको प्रोत्साहित नहीं करेगा ।
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आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
फिटनेस के नाम पर ऐसा रील बनाओ की लोग आपकी और खिंचे चले आये ये मैडम का नाम है शिवानी जिनके 6 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स है....
ये अपना एक्सक्लूसिव कंटेंट का सब्सक्रिपशन बेच रही है जिसकी वेल्यू 390 रुपये... Read news
नीला ड्रम सौरभ राजपूत हत्याकांड की दोषी मुस्कान रस्तोगी और प्रेमी साहिल शुक्ला की सुनवाई आज 30 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में हुई जिसमें दोनों को दोषी पाया गया ।
जज साहब ने जब मुस्कान और साहिल से पूछा - तुम्हें अपने पक्ष में कुछ कहना है तो दोनों खामोश रहे । फिर अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा देने का निर्णय सुनाया मगर यह सजा 14 दिन बाद दी जाएगी । संभावना है कि दोनों को उम्र कैद की सजा मिलेगी या फिर फांसी की ।
दोनों में जो भी हो मगर अभी सौरभ राजपूत की मां संतुष्ट नहीं क्योंकि उन्होंने तो अपना बेटा खोया है इसलिए दर्द छलका दिया कोर्ट के अंदर । कहा - अभी खुशी नहीं मिली , जब सजा मिलेगी तब मन को ठंडक पहुंचेगी ।
इस केस में 13 महीने तक सुनवाई चली जिसमें 126 पेशी और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए ।
पुलिस ने इनके खिलाफ कोर्ट में 1000 पन्ने का चार्ज शीट सबमिट किया था ।
अब एक सुनवाई और बाकी है। खैर ..... जो भी हुआ दुख की बात है । मगर इन्हें तो अपनी ही करनी की सजा मिली है । इससे अच्छा होता तलाक ले लेते मगर एक निर्दोष पति की हत्या कर कलंकित कर गए इंसानियत को ।
अब एक बात और गीता में स्पष्ट लिखा है - जैसा कर्म करेंगे वैसा फल देंगे भगवान ।
इन्हें देखकर जो गलत रास्ते पर चल रहे हैं वे कृपया सतर्क हो जाए । आपके और आपके परिवार के लिए बेहतर होगा ।
हम उत्तर प्रदेश पुलिस के आभारी है जिन्होंने इतना बेहतर चार्जशीट अदालत को सौंपा। यह केस 13 महीने में हीं निर्णय के करीब पहुंच चुका है । ऐसे तो हम बरसों बरस देखे हैं केस को उलझते हुए ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
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महिला टीम ने स्वयं को नहीं भारत को जिताया है जो हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है ।
महिला तो हर क्षेत्र में अग्रणी रही है , वह लक्ष्मी बाई की बात करें या फिर रानी अहिल्याबाई होल्कर की । बस फर्क इतना है - कुछ पुरुष समाज महिलाओं को ही सीढ़ी बनकर आगे बढ़ गए और उसी सीढ़ी को चहार दिवारी में कैद कर सुर्खियां बटोर ली।
महिलाओं के साथ तो अक्सर ऐसा हीं होता रहा है । आज भी महिला उतना ही शक्तिशाली है जिसका दर्शन आज विश्व देख रहा है ।
इस टीम के लिए हमारी तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं , क्योंकि यह जीत हमारी है ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
सुशांत जी @SushantBSinha यह तो कुछ भी नहीं है , यहां तो हल्दीराम के डिब्बे में फफूंदी वाला रसगुल्ला , चावल दाल के ऊपर प्लास्टिक का कोटेड , सब्जी की बात करे तो केमिकल और इंजेक्शन वाला । मार्केट में बिकने वाला सामान भी जहरीला जिसे लोग मजे लेकर खाते हैं ।
हम कल ही की बात करें तो - रेडीमेड पोहा मंगवाया था जो पैकेट बंद था । मन हुआ दूध के साथ खाने का । पोहा को दो बार सादे पानी में अच्छे तरीके से धोया फिर दूध और मलाई मिलाई, उसके बाद जो ऊपर छनकर आया फिर रूह कांप गया ।
पोहे से कितने कीड़े दूध के ऊपर तैरते नजर आए । दूध उजला था तो दिखाई पड़ गया । अगर उसे तेल में फ्राई किया जाता या दही में डालकर खाया जाता तो हकीकत नजर नहीं आती ।
शुक्र है भगवान का कि हम खाने से बाल बाल बच्चे । अब आपकी बात करे तो - आप तो मीडिया वाले हैं , देश का चौथा स्तंभ तो आई न मिलकर कुछ बढ़िया करते हैं।
आज हम मिलकर कुछ अच्छा करेंगे तो आने वाले कल में लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा ।
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आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
क्या ही ज़िंदगी जी रहे हैं हम?
@Swiggy के इंस्टामार्ट से Dr Hen कंपनी के अंडों का ट्रे मंगाया था।देख लीजिए अंडे के नाम पर क्या निकल रहा है।
एक नहीं लगभग हर अंडा ऐसा निकला
सारा टैक्स भरने के बाद और पैसा खर्च करने के बाद ढंग का खाना तक नहीं मिल रहा।
पहले ज़हर खाइए और अस्पताल जाइए
फिर नक़ली दवाईयां अलग इंतज़ार कर रहीं
नर्सिंग काउंसिल एग्जाम में गधा ने दिया एग्जाम और हद तो तब हो गई जब इस गधे को सर्टिफिकेट भी दे दिया गया ।
मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में एक बहुत बड़ी गड़बड़ी सामने नजर आई है । NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने ऑनलाइन पोर्टल की कमियों को उजागर करने के लिए एक नकली आवेदन भरा था ।
फार्म में आवेदक का नाम :- डंकी
फादर का नाम :- डंकी फादर
माता का नाम :- डंकी मदर
जाति:- Animal
और फोटो में किसी इंसान की नहीं बल्कि गधे की तस्वीर लगाई गई थी ।
दस्तावेज में मन से कोई भी नंबर डाल दिया गया और डॉक्यूमेंट अपलोड में दो ब्लैंक पेज अपलोड किया गया था ।
इस फर्जी एप्लीकेशन को सिस्टम ने रिजेक्ट नहीं किया और ऑनलाइन 2050 रुपया लेकर महज 5 मिनट के भीतर ही रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ ऑनलाइन डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट जारी कर दिया ।
इस घटना के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं ।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51
#MPNursingScam #MPNews #NursingCouncil #MadhyaPradesh #SystemFailure
जय हिंद जय भारत
उभरती हुई वक्ता का यह मीडिया रूप बड़ा लाजवाब है । यह महिला पेशे से क्या हैं पता नहीं , पोशाक से लग रहा है जैसे यह एक सफल गृहिणी है ।
अब पूरे देश पर हमारा भरोसा है जहां श्रोता कम और वक्ता अनगिनत होंगे ।
तो ऐसे में दो वकील एक जज वाली बातें क्या संभव नहीं ! लेकिन डर इस बात का है कि सभी लोग सुनाने वाले ही रहेंगे तो फिर सुनेगा कौन ? तो फिर एक दौर आएगा की - कौन सुनेगा किसको सुनाऊं इसलिए चुप रहना है।
खैर यह मोहतरमा बहुत अच्छा बोल रही हैं । घर से निकलने का इनका इरादा और रास्ता दोनों इन्हें बहुत दूर तलक ले जाएगा ।
हमारी शुभकामनाएं साथ रहेगी बशर्त्ते की यह इसी तरह ईमानदारी पूर्वक आगे बढ़ते रहें ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
बहुत बढ़िया! शानदार
स्थानीय स्तर पर अब ग्रामीण महिलाओं ने भी माइक संभाल लिया है… ये इस चलन का ज़बरदस्त उदाहरण है। कथित मेनस्ट्रीम मीडिया का इंतज़ार अब बिल्कुल नहीं करने वाला…
नीले ड्रम में पैक सौरभ राजपूत मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय कल 30 सितंबर को आनेवाला है , जिस निर्णय का इंतजार पूरा देश कर रहा है ।
कल मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को किस तरह की सजा मिलेगी ? दो वकील आमने-सामने बहस पर डटे रहेंगे ।
सौरभ के पक्ष वाले इस बात पर अड़े रहेंगे की मर्डर के दोषी को फांसी की सजा हो वही मुस्कान के पक्ष में वकील शायद यह कहेंगे - मुस्कान के गोद में जो यह बच्चा है , फिर उसकी परवरिश कौन करेगा ? इतने कम उम्र में बच्चे के सर से मां का साया उठ जाना , यह बच्चे के हित में नहीं ।
बहुत सारी इमोशनल बातें होने वाली है जिसमें हो सकता है मुस्कान को फांसी ना मिले ।
वही एक अहम बात जिसका समर्थन पूरा देश करेगा - सौरभ राजपूत का मर्डर जिस साजिश के तहत किया गया उसमें दोनों को फांसी भी बहुत कम है । एक मां के दर्द और पीड़ा की बातें भी कोर्ट में जरूर चलेगी लेकिन हम सभी जानते हैं - कोर्ट का मामला तर्क और सबूतों पर टिका है इसलिए कहना बड़ा मुश्किल है ।
अब चलते-चलते एक बात और भी कहना चाहेंगे - आपको याद होगा कुछ महीने पहले की बात ब्याह के लिए पैरोल पर दो मर्डरकर्ता जेल से बाहर आए जिसका राजस्थान में धूमधाम से ब्याह रचाया गया । तो इसे हम देश का सौभाग्य माने या दुर्भाग्य ! क्योंकि कलम किस और बढ़ेगा और रुकेगा कहना बड़ा ही मुश्किल है । देखते हैं कल क्या होता है ?
वैसे तो केस का पूरा जजमेंट पुलिस द्वारा सबमिट चार्जशीट पर ही निर्भर होता है जिसमें पुलिस पूरी ईमानदारी फाइल में दर्ज की होगी । हम इन्हें सैल्यूट करते हैं ।
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आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
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@SrBachchan हमारे आदरणीय महानायक अमिताभ बच्चन जी , X पर आपका एक शब्द, दो शब्द का मतलब समझ में नहीं आता क्योंकि हम लोग आपकी तरह महान कॉलेज के स्टूडेंट नहीं इसलिए कभी-कभी फुर्सत मिले तो थोड़ा विस्तार से लिखिए । यह देश आपका फैन है जिसमें एक हम भी तो शामिल है । ऐसे में थोड़ी समझ हमारे पास है जो आपकी विस्तार को समझ सकेंगे ।
इतना शॉर्ट में भी क्या जाना ? 24 घंटे हैं हम सभी के पास । आपके पास भी तो है , तो कुछ मिनट अपने देश में शब्दों को परोसने में लगाइए । ताकि आपके शब्दों को पढ़कर लोग सुमार्ग की तरफ बढ़े ।
यकीन मानिए आपका शब्द लोगों के लिए एक हौसला है जो आंधियों में भी चिराग जलाएगा जिससे रौशन होगा जहां सारा।
फिलहाल हम तो कलयुग में सतयुग लाने के प्रयास में लगे हैं , आपका इस पर क्या ख्याल है बताइएगा जरूर ।
सादर
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आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️
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आसमान पर देखते हुए सड़क पर दौड़ना भूल जाइए नहीं तो दिन में ही तारे नजर आने शुरू हो जाएंगे ।
एक बार जीत गए तो क्या समझते हैं , हर बार लोग आपके सामने घुटना टेक देंगे ?
धर्मेंद्र प्रधान जी का इस्तीफा भले ही आप जैसे लोगों को अच्छा लगता हो मगर सच तो यह है की अधिकांशत टेबल में ही ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है मगर वह आप लोगों को दिखाई नहीं देगा ।
अब प्रधान जी तो हर टेबल पर नहीं जाते देखने की कौन कितना चोरी कर और करवा रहा है । लेकिन यह तो मंत्री की बात थी लेकिन आप तो प्रधानमंत्री जी तक पहुंच गए ।
इस पार्टी के लोगों को हम इतना जरुर कहना चाहेंगे - पहले प्रधानमंत्री की उम्र , ओहदा को थोड़ा देख लीजिए , समझ लीजिए फिर कदम बढ़ाइएगा।
हम लोग किसी पार्टी से नहीं , भारत में हर पार्टी के लोग हमारे है।
प्रधानमंत्री जी अंग्रेज नहीं जो आप इस कदर बात करेंगे । अपनी बातों को प्रधानमंत्री जी के टेबल पर अच्छे तरीके से पहुंचाइये कोई न कोई रास्ता निकल आएगा और अपने दिमाग को उतना मत उलझाइये अभी तो आपको बहुत दूर तलक जाना है , ऊंचाई को छूना है और आने वाली पीढ़ी के लिए भी तो अच्छी व्यवस्था करना है । ऐसे में थोड़ी सोच बदलिए फिर देखिए कितना आनंद आता है समाज सेवा में ।
खूबसूरत रणनीति बनाइए हम सभी आपके साथ हैं ।
जय हिंद जय भारत
आदित्या, एम नूपुर की कलम से 🖋️