A large number of people came together to support a little child in need, showing that compassion and kindness can bring communities together. Moments like these remind us that humanity comes first.
The Wire Special Correspondent @IRFANfromSlums, who was detained while reporting at Jantar Mantar, was released at night after several hours in detention
Chirag Paswan की Sexuality की चिंता करने वालों को Jamui की बेटी की चिंता है? फोटो में कौन है, ये पूछने के बजाय ये क्यों नहीं पूछा जाता कि बतौर Jamui के सांसद क्या किया था?
शरजील इमाम को मिली अंतरिम ज़मानत.
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने शरजील इमाम को चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम ज़मानत दी. कोर्ट ने शरजील इमाम को 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक अंतरिम ज़मानत दी है. फरवरी 2020 में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए दंगे से जुड़े यूएपीए मामले में शरजील इमाम जेल में बंद हैं.
पाँच दिन के इलाज के बाद आज सदर अस्पताल से डिस्चार्ज हुआ।
डॉक्टरों ने आराम, नियमित उपचार और समय पर खान-पान की सख्त हिदायत दी है।
अस्पताल के बिस्तर पर भी एक ही चिंता रही—छात्रों और अभ्यर्थियों के हक-अधिकार की लड़ाई कमजोर नहीं पड़नी चाहिए। शरीर थक चुका है, लेकिन संकल्प नहीं।
सत्याग्रह, भूख हड़ताल और 24 जिला भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा के लंबे संघर्ष से शरीर काफी कमजोर हो गया है।
जंगल का आखिरी चेहरा ‘आकाश’ ने किया सरेंडर।
₹2.20 करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल का बंगाल में सरेंडर
झारखंड में माओवाद “चैप्टर क्लोज”
55 मामलों में था वांछित, दशकों तक भूमिगत रहकर चलाता रहा माओवादी नेटवर्क
रांची। कभी जंगलों में बंदूक के दम पर दहशत का नेटवर्क खड़ा करने वाले माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य और संगठन के प्रमुख चेहरों में शामिल असीम मंडल उर्फ आकाश ने पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण कर दिया है। झारखंड और ओडिशा में लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने असीम मंडल पर कुल ₹2.20 करोड़ का इनाम घोषित था।
इनाम की रकम से ही उसके कद का अंदाजा लगाया जा सकता है। झारखंड सरकार ने उसके सिर पर ₹1 करोड़ और ओडिशा सरकार ने ₹1.20 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था। झारखंड में उसके खिलाफ करीब 55 मामलों में वांछित होने की जानकारी सामने आई है।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना क्षेत्र के उत्तर फूलचुक निवासी असीम मंडल का माओवादी सफर काफी पुराना बताया जाता है। 1980 के दशक में कॉलेज के दिनों से वाम उग्रवादी आंदोलन से जुड़ने के बाद वह धीरे-धीरे भूमिगत गतिविधियों का हिस्सा बन गया। बाद में भाकपा (माओवादी) में उसकी भूमिका लगातार बढ़ती गई।
2011 में माओवादी नेता किशनजी की मौत के बाद पश्चिम बंगाल में संगठन की जिम्मेदारी असीम मंडल को मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद वह सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में संगठन के महत्वपूर्ण चेहरों में बना रहा।
असीम मंडल का नाम झारखंड में हुई कई माओवादी घटनाओं से जुड़ा रहा है। 1 मार्च 2026 को छोटानागरा थाना क्षेत्र के मरांगपोंगा में 209 कोबरा के एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की घटना में भी उसका नाम सामने आया।
इसके अलावा 12 अप्रैल 2025 के जाराईकेला क्षेत्र के राधापोरा, 11 जनवरी 2023 के टोंटो क्षेत्र के तुम्बाहाका, 31 मई 2020 के कराईकेला क्षेत्र के जोंवा और 11 जुलाई 2018 के पूर्वी सिंहभूम के झाटी पहाड़ी क्षेत्र से जुड़े मामलों में भी असीम मंडल का नाम सामने आया है।
सरेंडर के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने असीम मंडल से पूछताछ शुरू कर दी है। माओवादी नेटवर्क, संपर्क सूत्रों, संभावित हथियार एवं गोला-बारूद के डंप, भूमिगत ठिकानों और संगठन की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए असीम मंडल की पूछताछ इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लंबे समय तक संगठन के शीर्ष स्तर पर सक्रिय रहने के कारण उसे माओवादी नेटवर्क की अंदरूनी संरचना की जानकारी है।
सरेंडर से बदली जंगल की तस्वीर
असीम मंडल का आत्मसमर्पण झारखंड में माओवादी विरोधी अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। संगठन के पुराने और इनामी चेहरों के लगातार कमजोर पड़ने से जंगलों में माओवादी गतिविधियों की तस्वीर बदली है। असीम मंडल के बाद झारखंड में नक्सलियों का कोई चेहरा नहीं बचा।
अगर सो कर जाग गए हैं तो इन्हें राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस की बधाई दे और बधाई के पात्र बने!
ये वही शख्स है जिनके राज में लाखों कंपनियां बंद होकर करोड़ो लोग बेरोजगार हो गए या न्युनतम मजदूरी पर काम कर रहे हैं।
#राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस
कल 17 सितंबर है। इसलिए लगातार देशभर से युवा साथी मुझे संदेश कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या इस बार भी मोदी जी के जन्मदिन पर राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत आपने 7 साल पहले की थी? मेरे उन सभी साथियों से कहना है बिल्कुल मनाइए, यह दिवस किसी व्यक्ति के जन्मदिन का विरोध नहीं, बल्कि सत्ता को यह याद दिलाने का दिन है कि देश के करोड़ों पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार चाहिए, जुमले नहीं।
#राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस
#NationalUnemploymentDay
सरकार, JIO में क्या फर्क? UPI पर फैसले लेती सरकार फिर तो सांसों पर भी 5 रुपिया वसूल ले?
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@Abhinavpinch@Saurabh_Pinch@vinay_sultan
गोड्डा में ‘प्रेस’ की आड़ में चल रहा था हथियारों का खेल! घर से मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, हर माह सैकड़ो हथियार सप्लाई का दावा
गोड्डा। महगामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया गांव में बिहार एसटीएफ और गोड्डा पुलिस की संयुक्त छापेमारी में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया है।कार्रवाई पवन कुमार तुरी के घर पर की गई, जहां हथियार बनाने का सामान और तैयार-अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए गए।
छापेमारी के दौरान एक लोडेड राइफल, गोलियां, एक पिस्टल, अर्धनिर्मित पिस्टल, लोहे के स्प्रिंग, देशी कट्टा बनाने के फ्रेम, हथियार निर्माण के फरमा, लेथ मशीन और ड्रिल मशीन बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
आरटीआई एक्टिविस्ट और यू-ट्यूबर होने की पहचान पवन तुरी खुद को आरटीआई एक्टिविस्ट और मानवाधिकार संगठन के पदाधिकारी के रूप में सक्रिय रखता था। सोशल मीडिया पर भी उसकी सक्रियता बताई गई है। वह अपने वाहन पर ‘प्रेस’ लिखकर चलता था। इसी सामाजिक पहचान की आड़ में कथित हथियार कारोबार को संचालित किया जा रहा था।
मिनी गन फैक्ट्री करीब चार से पांच वर्षों से संचालित था।हथियारों की सप्लाई बिहार के भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय और पटना समेत गंगा पार के इलाकों तक किए जाने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है।
हर माह करीब सैकड़ो हथियारों की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। इस कथित अवैध कारोबार से पवन तुरी ने करोड़ों रुपये की कमाई की है। पवन तुरी छापेमारी से पहले फरार हो गया।
#Jharkhand
चलकुशा में पुलिस की पाठशाला, विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड और नशे से बचने का दिया संदेश
हजारीबाग। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मंगलवार को चलकुशा थाना प्रभारी ने उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय, चलकुशा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। विद्यालय के शिक्षकों की उपस्थिति में 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों से साइबर अपराध, सामाजिक कुरीतियों और नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया गया।
पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से सावधान रहने की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका पुलिस पदाधिकारी ने जवाब दिया।
@HazaribagPolice@JharkhandPolice
झारखंड में विगत 5-6 महीनों से पेंशन का भुगतान ठप पड़ा है। सोचिए, जिस व्यक्ति के पास कमाई का कोई साधन नहीं, जिसके लिए हर महीने मिलने वाली कुछ सौ या हजार रुपये की राशि ही जीवन का सहारा है, वह इतने महीनों तक आखिर कैसे गुजारा कर रहा होगा?
किसी की दवा इसी पेंशन से आती है, किसी के घर का राशन इसी से आता है और किसी के लिए यही छोटी-सी राशि उसे दूसरों के सामने हाथ फैलाने से बचाती है। इन जरूरतमंदों की आंखों में आज लाचारी और आंसू हैं। कोई दवा के अभाव में परेशान है, तो किसी को यह चिंता है कि अगली शाम घर में चूल्हा जलेगा भी या नहीं।
@HemantSorenJMM जी, आप जैसे सोने का चम्मच लेकर पैदा होने वाले लोगों के लिए यह महज हजार रुपए की राशि हो सकती है, लेकिन एक बुजुर्ग के लिए दवा और बीमारी के बीच का फर्क, एक विधवा के लिए भूखे पेट और चूल्हे के बीच का फर्क, और एक दिव्यांग के लिए निर्भरता और आत्मसम्मान के बीच का फर्क है।
सरकार का कर्तव्य होता है कि बेसहारा और बेबस लोगों का सहारा बने। इसलिए संज्ञान लें और वृद्धापेंशन और दिव्यांग जनों के पेंशन का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करें।
@BJP4India@BJP4Jharkhand