दिल जीत लिया आशुतोष राणा जी ने Gen-Z का ❤️
कंगना के Gen Z को भ्रष्ट और बदसूरत कहने पर आशुतोष राणा ने दिया जवाब - “शेर दहाड़ता है, कुत्ता भौंकता है, हर जीव की पहचान उसके बोलने से होती है"
कितने प्यारे शब्दों में समझाया है सदी के इस महानायक ने कि वो बच्चे हमारे हैं हमसे नाराज है किसी बात से, हमारे घर में भी तो माँ बाप से बच्चे नाराज होते हैं !
आपकी तारीफ के लिए शब्द नही है आज मेरे पास !
"मनुस्मृति में लिखा है: जो शूद्र वेद सुने उसके कानों में शीशा डाल देना चाहिए, वेद का उच्चारण करने पर जीभ काट दी जाए, तथा वेद मंत्र धारण करने पर उसका शरीर काट देना चाहिए.."
खड़गे जी ने घृणित किताब का जिक्र जैसे ही किया सारे भाजपाई बिलबिलाने लगे! खड़गे जी मनुस्मृति का पोस्टमार्टम कर रहे है।
आरक्षण फिल्म का यह दृश्य आज उन लोगों को जरूर देखना चाहिए, जो आरक्षण हटाओ आंदोलन चला रहे हैं। आरक्षण किसी की कृपा नहीं, बल्कि सदियों के सामाजिक भेदभाव और असमानता के खिलाफ प्रतिनिधित्व और अवसर सुनिश्चित करने का संवैधानिक माध्यम है। इतिहास को समझे बिना आरक्षण का विरोध करना सामाजिक न्याय की वास्तविकता से आंखें मूंदना है।
पिछले तीन दशक से भाजपा और उसके समर्थक यह दुष्प्रचार करते रहे कि कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश तत्कालीन मुख्यमंत्री मरहूम मुलायम सिंह यादव जी ने दिया था। लेकिन आज वही लोग कह रहे हैं कि गृहमंत्री या मुख्यमंत्री गोली चलाने का आदेश नहीं देता, यह प्रशासनिक निर्णय होता है।
तो फिर तीन दशक तक झूठ किसने फैलाया?
तत्कालीन मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने भी अपने इंटरव्यू में साफ़ कहा था कि ऐसे मामलों में निर्णय अधिकारी लेते हैं। यही नृपेंद्र मिश्रा बाद में नरेंद्र मोदी सरकार के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में रहे और राम मंदिर निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व भी संभाले।
अब भाजपा को देश के सामने जवाब देना चाहिए— क्या वह स्वीकार करेगी कि उसने तीन दशक तक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के ख़िलाफ़ झूठा नैरेटिव चलाया?
अगर आज उसका तर्क बदल गया है, तो क्या वह समाजवादियों और नेताजी मुलायम सिंह यादव के चाहने वालों से सार्वजनिक माफ़ी माँगेगी, या फिर हिप्पोक्रेसी ही उसकी स्थायी राजनीति है?
इन लोगों की बेशर्मी देखिए,
छात्र आंदोलन में गोली चली तो कह रहे हैँ कि
गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है,
लेकिन अयोध्या में हिंसक भीड़ पर गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट ने दिया तो
उसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को बदनाम करते हैँ,
गोस्वामी तुलसीदास जी इन्हीं लोगों के लिए लिख गए हैँ,
झूठइ लेना, झूठइ देना। झूठइ भोजन, झूठ चबेना॥"
आरक्षण हटा दो भाई…जाति तो रहने दो न!
वरना राजपूत-ब्राह्मण भैया लोग
हमे चमार नीच” कहने का अपना पुराना शौक कैसे पूरा करेंगे?
आरक्षण खत्म करो, समानता का नारा लगाओ,
लेकिन जाति का सिस्टम चुपचाप बचा रखो।
ये है असली “बराबरी” का फॉर्मूला।
आरक्षण हटाने की बात करने वाले ज्यादातर लोग
जाति हटाने की बात कभी नहीं करते।
सोचो ज़रा… ?
जिसने अकेले ही रोक दिया एक हाथ से जुल्म का सफ़र
नादान हैं जो सोचते हैं होगा ‘उस’ पर धमकियों का असर
रिया के साथ पूरा देश है।
शुक्रिया रिया!
#Shukriya_Riya#RiyaAhir#MumbaiPtotest#NEET
इलाहाबाद छात्र आंदोलनों की राजधानी है। वहाँ भी जिस तरह भाजपा के ख़िलाफ़ जनाक्रोश उभरा है, वो कल का इतिहास रचेगा।
है इलाहाबाद के छात्रों के साथ, हमारी भी पुरज़ोर आवाज़!
युद्ध का भी एक नियम होता है— निहत्थों और बच्चों पर वार नहीं किया जाता आया है।
लेकिन यहां कोई नियम नहीं क्योंकि ये कायर हैं।
ये कहेंगे कि सरकार का आदेश है— लेकिन सरकार ने बच्चों को लहू लुहान करने को नहीं कहा होगा।
जब बीमारी ROOT में है तो FRUIT के इलाज से कोई नहीं माननेवाला।
देश में हर समस्या की एक ही जड़ है, जो गई अड़ है : नाम तो सुना होगा ‘BJP’
NO FAST TRACK; BJP GO BACK!
#No_More_BJP#नहीं_चाहिए_भाजपा