चुनावी टाइम चल रहा है नीमकाथाना, के डाबला क्षेत्र में गोदाम के नाम पर कई शराब की दुकान चल रही है इस पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए शासन प्रशासन और संबंधित डिपार्टमेंट को जैसे मवडा कला ग्राम पंचायत क्षेत्र जिला ग्राम पंचायत क्षेत्र दयाल का झालरा
पंचायत क्षेत्र नाथ के नांगल
आज पंचायत समिति नीमकाथाना में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित उपखण्ड स्तरीय जन अभाव-अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक में सहभागिता कर क्षेत्र की जनसमस्याओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की।
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झूठे मुकदमों से दूसरों को फंसाने और पुलिस को गुमराह करने वालों पर राजस्थान पुलिस सख्त: एक महीने में 75 दोषियों को जेल-जुर्माना
• राजस्थान पुलिस की प्रभावी पैरवी का असर
जयपुर 02 जुलाई। राजस्थान में अगर कोई व्यक्ति किसी से अपनी निजी दुश्मनी निकालने के लिए पुलिस में बलात्कार, लूट या किसी अन्य गंभीर अपराध की झूठी कहानी गढ़कर एफआईआर दर्ज कराता है, तो अब उसका बचना नामुमकिन है। पुलिस को गुमराह करने और निर्दोष नागरिकों को परेशान करने वाले ऐसे समाजकंटकों के खिलाफ महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस ने गंभीरता दिखाई है और पिछले दिनों से कोर्ट के माध्यम से बड़ा विधिक अभियान छेड़ रखा है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) श्री बिपिन कुमार पांडे ने बताया कि पुलिस की मजबूत पैरवी के कारण जून महीने (01 जून से 28 जून 2026) के दौरान पूरे प्रदेश में 75 ऐसे मामलों में न्यायालयों ने फैसला सुनाया है, जहाँ कोर्ट ने झूठी कहानी रचने वाले दोषियों को सजा और आर्थिक जुर्माने से दंडित किया है। इसके साथ ही, पुलिस की मुस्तैदी से 1,870 ऐसे मामलों में अदालतों ने संज्ञान लिया है, जिनमें झूठी शिकायत करने वालों पर अब बकायदा केस चलाया जाएगा।
जिलों ने किया बेहतरीन काम:
जब पुलिस अपनी तफ्तीश में किसी मामले को झूठा पाती है तो न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करती है। इसमें राज्य के कई जिलों ने बेहतरीन काम किया है।
झूठी कहानियां रचने वालों को कोर्ट के कटघरे में खड़ा करने में नागौर जिला पूरे प्रदेश में अव्वल रहा, जहाँ अकेले जून महीने में 292 नए मामलों पर कोर्ट ने संज्ञान लिया, वहीं जयपुर ग्रामीण 247 नए मामलों के साथ दूसरे स्थान पर तथा अलवर (212) तीसरे स्थान पर रहा।
इसके अलावा जयपुर दक्षिण में 139, कोटपुतली-बहरोड़ में 120, हनुमानगढ़ में 110, जयपुर पश्चिम में 71 और जयपुर उत्तर में 59 ऐसे मामलों में कानूनी शिकंजा कसा गया है।
तथ्य छुपाकर गुमराह करने वालों को मिली सजा:
जून महीने में कुल 75 मामलों में कोर्ट ने दोषियों को सजा दी और जुर्माना ठोका।
मजबूत विधिक पैरवी के दम पर हनुमानगढ़ पुलिस ने रिकॉर्ड 18 मामलों में दोषियों को कोर्ट से सजा व जुर्माना मुकर्रर कराया। इस अभियान के दौरान प्रतापगढ़ पुलिस की सटीक पैरवी कोर्ट ने 9 मामलों में दोषियों को सजा सुनाई।
इसके अतिरिक्त जयपुर ग्रामीण में 6 मामलों, कोटा शहर में 5, अलवर, बांसवाड़ा व ब्यावर में 4-4, सवाई माधोपुर में 3, जयपुर दक्षिण, धौलपुर, झुंझुनू, डूंगरपुर, सिरोही, झालावाड़ और भीलवाड़ा में 2-2 तथा बीकानेर चूरू और जीआरपी अजमेर के 1-1 मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया।
कई लोग जमीन के विवाद, पैसों के लेन-देन या आपसी रंजिश के कारण दूसरों को डराने के लिए पुलिस तंत्र का गलत इस्तेमाल करते हैं। इससे न केवल पुलिस का कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि उन वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है जिन्हें पुलिस की सबसे ज्यादा जरूरत है।
पुलिस मुख्यालय ने साफ चेतावनी दी है कि जो कोई भी व्यक्ति झूठे साक्ष्य गढ़ेगा या झूठी एफआईआर कराएगा, उसके खिलाफ कोर्ट के माध्यम से त्वरित ट्रायल कराया जाएगा।
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कहीं अनजाने में आप अपराध के भागीदार तो नहीं बन रहे?
सावधान! चोरी का मोबाइल खरीदना, सीधे तौर पर अपराध को बढ़ावा देना है।
पुराना मोबाइल खरीदते समय सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। चोरी का मोबाइल खरीदना व बेचना कानूनी अपराध है।
अपने मोबाइल से *#06# डायल कर IMEI नंबर प्राप्त करें।
SMS में KYM <IMEI नंबर> टाइप करके 14422 पर भेजें।
यदि स्टेटस में 'Blacklisted', 'Duplicate' या 'Already in use' दिखाई दे, तो वह फोन चोरी का या अवैध हो सकता है।
राजस्थान पुलिस की अपील- सजग नागरिक बनें, सत्यता की जाँच करें और अपराध मुक्त समाज बनाने में हमारा सहयोग करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का महत्वपूर्ण निर्णय
राजस्थान पुलिस में तकनीकी संवर्ग का हुआ पुनर्गठन, 403 उच्च पदों की वृद्धि, पुलिसकर्मियों को मिलेंगे पदोन्नति के अधिक अवसर
* राज्य बजट घोषणा 2026-27 की समयबद्ध क्रियान्विति
* पुलिस महानिदेशक के प्रयासों से खुली पदोन्नति की राह
जयपुर, 25 जून। राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग में वर्षों से उच्च पदों में वृद्धि नहीं होने की स्थिति में लंबे समय से लंबित पदोन्नति अवसरों को अब गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कैडर पुनर्गठन करते हुए चालक, घुड़सवार और बैंड शाखाओं में पदोन्नतियों की राह खोली है और पुलिसकर्मियों को सेवा समर्पण का एक बड़ा उपहार दिया है। गृह विभाग, राजस्थान द्वारा 23 जून 2026 को एक स्वीकृति जारी की गई, जिसमें संवर्ग के 403 पदों को उच्च पदों में पुनर्गठित किया गया है।
इस कैडर पुनर्गठन के निर्णय से अब तकनीकी संवर्ग में भी सिविल संवर्ग की तरह समयानुसार पदोन्नतियों हो सकेंगी। इससे पुलिसकर्मियों को पदोन्नति के अधिक अवसर प्राप्त होंगे, उनका मनोबल बढ़ेगा और पुलिस कार्यक्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी। राज्य सरकार का यह अहम प्रयास कार्मिक कल्याण, प्रशासनिक सुधार और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अभी तक सीमित रहे अवसर:
तकनीकी संवर्ग में अभी तक सिविल, आईबी, दूरसंचार आरएसी/एमबीसी चालक, सिविल घुड़सवार और सिविल व आरएसी/एमबीसी बैंड में पदोन्नति के अवसर बेहद सीमित होने से कार्मिकों में काफी निराशा थी। इस संवर्ग में नियुक्त कॉन्स्टेबल लंबे समय से इसी पद पर कार्यरत हैं, जबकि समान वर्ष में सिविल पुलिस में नियुक्त कॉन्स्टेबल पदोन्नति प्राप्त कर सहायक उपनिरीक्षक बन गए हैं।
अब 403 उच्च पद के पदोन्नति के अवसर:
स्वीकृति के अनुसार, तकनीकी संवर्ग में चालक के 331 पदों को पुर्नगठित कर उच्च पदों में वृद्धि की गई है। इनमें पुलिस निरीक्षक/सी.सी के 16 पद, उप निरीक्षक/पी.सी के 62 पद एवं हेड कॉन्स्टेबल 253 पद हैं। इसी तरह संवर्ग के बैंड वर्ग में कुल 69 उच्च पद बढ़ाए गए हैं, जिसमें उप निरीक्षक/पी.सी के 17 पद, हेड कॉन्स्टेबल के 52 पद शामिल हैं। वहीं, घुड़सवार वर्ग में उप निरीक्षक/पी.सी के 3 उच्च पद बढ़ाए गए हैं।
उच्च पदों में इस प्रकार वृद्धि हुई:
सिविल, आईबी, दूरसंचार और आरएसी/एमबीसी चालक में पुलिस निरीक्षक/सी.सी के पद 17 से बढ़कर अब 33, उप निरीक्षक/पी.सी के 108 से 170, हेड कॉन्स्टेबल के पद 1046 से बढ़कर 1299 किए गए हैं। इसी प्रकार सिविल बैंड और आरएसी/एमबीसी बैंड में उप निरीक्षक के पद 10 से बढ़कर 27 और हेड कॉन्स्टेबल के पद 141 से बढ़कर 193 हो गए हैं। सिविल घुड़सवार उप निरीक्षक के पदों की संख्या 1 से बढ़ाकर अब 4 कर दी गई है।
डीजीपी, राजस्थान के प्रयासों से खुली राह:
तकनीकी संवर्ग की समस्या को देखते हुए पुलिस महानिदेशक राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा की पहल पर पदोन्नति के अवसरों के लिए कैडर पुनर्गठन करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था। इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा राज्य बजट वर्ष 2026-27 में कैडर पुनर्गठन के लिए घोषणा की गई थी। इसी घोषणा की समयबद्ध अनुपालना में गृह विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी किए हैं।
पुलिस बल होगा और मजबूत:
राजस्थान पुलिस बल को आधुनिक, दक्ष एवं सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी संवर्ग का यह पुनर्गठन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे तकनीकी शाखाओं की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। आगे भी कार्मिक कल्याण एवं संगठनात्मक सुधार के लिए प्रयास जारी रहेंगे। -श्री राजीव कुमार शर्मा, पुलिस महानिदेशक राजस्थान
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